कैदी की संदिग्ध मौत पर हाईकोर्ट सख्त, शासन से इतने दिन में मांगा जवाब
thesootr Desk | Jun 21, 2025, 12:23 IST
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
बिलासपुर। हत्या के आरोप में जेल में बंद कैदी की मौत के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शासन को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने शासन से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
बिलासपुर। हत्या के आरोप में जेल में बंद कैदी की मौत के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शासन को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने शासन से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। जेल में बंद कैदी की मौत हो गई थी। उसके शरीर में चोट के कई गंभीर निशान मिले थे। जिसके बाद परिजन ने हिरासत में हत्या का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी।
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पिपरौद गांव के रहने वाले नीरज भोई को महासमुंद पुलिस ने 12 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मेडिकल चेकअप के दौरान जेल के डॉक्टरों ने नीरत को डिप्रेशन और क्रोनिक एल्कोहलिक का मरीज पाया। नशे का आदी होने की वजह से कैदी अलगे ही रोज असमान्य व्यवहार करने लगा था। जिसके बाद उसे जेल में मौजूद अस्पताल से दवाइयां दी गईं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तबीयत बिगड़ने पर 15 अगस्त की सुबह उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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कैदी के परिजन का आरोप है कि हिरासत में उसकी हत्या की गई। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत गला दबाने से हुई थी। उसके शरीर में गंभीर चोट के कई निशान मौजूद थे। इसमें से आठ चोटें आंतरिक थीं, जो जानलेवा साबित हुईं। शिकायत के बाद मजिस्ट्रेट जांच की गई। जिसमें कई खुलासे हुए।
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छत्तीसगढ़, हाईकोर्ट, हाईकोर्ट का सरकार को नोटिस
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12 अगस्त को भेजा गया था जेल
पिपरौद गांव के रहने वाले नीरज भोई को महासमुंद पुलिस ने 12 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मेडिकल चेकअप के दौरान जेल के डॉक्टरों ने नीरत को डिप्रेशन और क्रोनिक एल्कोहलिक का मरीज पाया। नशे का आदी होने की वजह से कैदी अलगे ही रोज असमान्य व्यवहार करने लगा था। जिसके बाद उसे जेल में मौजूद अस्पताल से दवाइयां दी गईं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तबीयत बिगड़ने पर 15 अगस्त की सुबह उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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परिजन ने लगाया हत्या का आरोप
कैदी के परिजन का आरोप है कि हिरासत में उसकी हत्या की गई। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत गला दबाने से हुई थी। उसके शरीर में गंभीर चोट के कई निशान मौजूद थे। इसमें से आठ चोटें आंतरिक थीं, जो जानलेवा साबित हुईं। शिकायत के बाद मजिस्ट्रेट जांच की गई। जिसमें कई खुलासे हुए।
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छत्तीसगढ़, हाईकोर्ट, हाईकोर्ट का सरकार को नोटिस
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