सिस्टम की स्टील लेडी: आईएएस रेणु पिल्ले की कहानी
Harrison Masih | May 05, 2026, 16:54 IST
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रेणु गोनेला पिल्ले, छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ IAS अधिकारी, सख़्ती, ईमानदारी और निडर प्रशासन के लिए जानी जाती हैं। उनका करियर यूपीएससी में सफलता से लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष पद तक प्रेरणादायक रहा है।
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक भर्ती के लिए सरकार ने सभी संस्थाओं की बजाय अब छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया है, जिसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ आईएएस अफसर रेणु जी पिल्ले को दी है। उन्हें इस मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। अब सवाल उठता है इस पद के लिए रेणु पिल्ले ही क्यों ? दरअसल छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक दुनिया में एक नाम है जो सख़्ती, ईमानदारी और निडर फैसलों का पर्याय बन चुका है और वह है रेणु गोनेला पिल्ले का। छत्तीसगढ़ की ब्यूरोक्रेसी भी मानती है कि रेणु पिल्ले एक ऐसी अफसर, जो न दबाव में झुकती हैं, न फैसलों में डगमगाती हैं। उनका सफर सिर्फ एक अफसर बनने का नहीं, बल्कि सिस्टम को दिशा देने का है। आइए जानते हैं रेणु जी पिल्ले के बारे में....
16 फरवरी 1968 को आंध्रप्रदेश में जन्मी रेणु पिल्ले का शुरुआती जीवन साधारण था, लेकिन उनके सपने बिल्कुल साधारण नहीं थे। समाजशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने एक बड़ा लक्ष्य तय किया यूपीएससी का। कड़ी मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट सोच के दम पर उन्होंने 1991 बैच में IAS परीक्षा पास की और 11 अक्टूबर 1992 को सेवा जॉइन की।
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तीन दशक से ज्यादा लंबे प्रशासनिक करियर में रेणु पिल्ले ने कई अहम विभाग संभाले और हर जगह अपनी अलग पहचान छोड़ी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव रहते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर काम को मजबूती दी। विकास आयुक्त के रूप में नीतियों को धरातल पर उतारा। ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान और राज्य प्रशासनिक अकादमी की महानिदेशक रहीं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, धार्मिक न्यास, खेल एवं युवा कल्याण जैसे विविध विभागों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। 2019 में केंद्र सरकार ने उन्हें एडिशनल सेक्रेटरी के लिए इम्पैनल किया। यह उनके अनुभव और क्षमता का रिवॉर्ड था।
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जून 2020 यह वो मोड़ था जब रेणु पिल्ले को प्रमुख सचिव से प्रमोट कर अपर मुख्य सचिव बनाया गया। इसके बाद उन्हें कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार जैसे अहम विभाग सौंपे गए। साथ ही, छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी की जिम्मेदारी भी उनके पास रही। 2025 में अमिताभ जैन के रिटायर होने के बाद रेणु पिल्ले (Renu Pillai) के मुख्य सचिव बनने की प्रबल सम्भावना थी। हालांकि यह हो नहीं पाया। अब तक वे माध्यमिक शिक्षा मंडल और व्यापम की अध्यक्ष थी। ऐसे पद जहां फैसलों का सीधा असर लाखों युवाओं पर पड़ता है। उनके कार्य को देखते हुए अब सरकार ने नवगठित छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। व्यापम को इसी में मर्ज कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त उनके पास माध्यमिक शिक्षा मंडल का अतिरिक्त प्रभार भी रखा गया है।
रेणु पिल्ले का परिवार भी प्रशासनिक सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पति संजय पिल्ले, 1988 बैच के IPS अधिकारी हैं। वे जेल डीजी के पद से 2023 में रिटायर हुए। उनके बेटे अक्षय पिल्ले ने एनआईटी रायपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद यूपीएससी में 51वीं रैंक हासिल की और आज ओडिशा कैडर के आईएएस हैं।
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