छत्तीसगढ़ में प्रेगनेंसी डायग्नोस्टिक किट के इस्तेमाल पर तत्काल प्रतिबंध
Krishna Kumar Sikander | Jul 01, 2025, 09:47 IST
pregnancy diagnostic kits in Chhattisgarh the sootr
छत्तीसगढ़ में प्रेगनेंसी डायग्नोस्टिक किट के उपयोग और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। CGMSCL ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है, जिसमें किट के विशिष्ट बैच के उपयोग और वितरण पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में प्रेगनेंसी डायग्नोस्टिक किट (Pregnancy Diagnostic Kit) के उपयोग और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है, जिसमें किट के विशिष्ट बैच (बैच नंबर RL-2407004) के उपयोग और वितरण पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। यह किट M/s रिकॉम्बिजेन लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित है, जिसकी मैन्युफैक्चरिंग तिथि 01-07-2024 और एक्सपायरी तिथि 30-06-2026 है।
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यह आदेश रायपुर के मेकाहारा अस्पताल के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, DKS अस्पताल के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) रायपुर, सिविल सर्जन, और सभी चिकित्सा प्रभारी व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित बैच (ड्रग कोड- C218) का स्टॉक यदि किसी संस्था में उपलब्ध है, तो उसे तत्काल प्रभाव से उपयोग और वितरण में रोक लगानी होगी। इस रोक को तब तक लागू रखने के लिए कहा गया है, जब तक कि मुख्यालय से अगला आदेश जारी नहीं किया जाता।
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सूत्रों के अनुसार, इस कदम के पीछे प्रेगनेंसी डायग्नोस्टिक किट की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतें हैं। कई स्वास्थ्य केंद्रों और उपयोगकर्ताओं ने किट के परिणामों की सटीकता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। इन शिकायतों के आधार पर CGMSCL ने गुणवत्ता जांच और स्थिति स्पष्ट होने तक किट के उपयोग पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को रोकना है।
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प्रेगनेंसी डायग्नोस्टिक किट एक मेडिकल उपकरण है, जो गर्भावस्था की जांच के लिए उपयोग किया जाता है। यह किट मूत्र में ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (HCG) हार्मोन की मौजूदगी का पता लगाकर गर्भावस्था की पुष्टि करती है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में यह किट मुफ्त या कम लागत पर उपलब्ध कराई जाती है, जिससे गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच और उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
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इस आदेश से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रेगनेंसी टेस्ट किट की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां ये किट गर्भावस्था की प्रारंभिक जांच का प्रमुख साधन हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता होगी। CGMSCL ने स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे इस बैच के स्टॉक को सुरक्षित रखें और इसका उपयोग न करें। साथ ही, अन्य विश्वसनीय किट्स या जांच विधियों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल, CGMSCL इस बैच की गुणवत्ता की जांच कर रहा है। जांच के परिणामों के आधार पर यह तय होगा कि किट को फिर से उपयोग के लिए मंजूरी दी जाएगी या इसे स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों से इस आदेश का सख्ती से पालन करने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की है।
यदि आप प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर हैं, तो अपने नजदीकी केंद्र से संपर्क करें और वैकल्पिक जांच विकल्पों के बारे में जानकारी लें। निजी लैब या अन्य विश्वसनीय किट्स का उपयोग भी एक विकल्प हो सकता है। साथ ही, किसी भी स्वास्थ्य संबंधी शंका के लिए चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में स्पष्टता आएगी और महिलाओं को सुरक्षित और विश्वसनीय जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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यह जारी हुआ है आदेश
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रोक लगने का कारण: गुणवत्ता पर सवाल
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यह है प्रेगनेंसी डायग्नोस्टिक किट
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