छत्तीसगढ़ औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन ; CSIF की तर्ज पर होगी सुरक्षा, जवानों को मिलेगा अतिरिक्त भत्ता
Aishwarya Dwivedi | May 05, 2026, 12:43 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योगों की सुरक्षा के लिए 'राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल' (CSIF) गठित किया है। इसमें 12% अतिरिक्त भत्ते पर पुलिस जवान तैनात होंगे, जिनका पूरा खर्च संबंधित उद्योगों द्वारा वहन किया जाएगा।
NEWS IN SHORT
- सीआईएसएफ की तर्ज पर नए सुरक्षा बल का गठन।
- प्रतिनियुक्त जवानों को 12 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता मिलेगा।
- संपूर्ण सुरक्षा खर्च का वहन संबंधित उद्योग करेंगे।
- न्यूनतम 59 जवानों की टुकड़ी उद्योगों में तैनात होगी।
- बल में यूनियन बनाने पर सख्त पाबंदी लागू रहेगी।
NEWS IN DEATIL
पुलिस जवानों को मिलेगा स्पेशल इंसेंटिव
फिटनेस के लिए सख्त आयु सीमा और सेवा शर्तें
Strict Age Limits and Service Conditions for Fitness
बल की कार्यक्षमता और फुर्ती बनाए रखने के लिए नियमों में आयु सीमा को बेहद स्पष्ट रखा गया है:
आरक्षक: अधिकतम 40 वर्ष
प्रधान आरक्षक: अधिकतम 45 वर्ष
सहायक उप निरीक्षक: अधिकतम 50 वर्ष
निरीक्षक: अधिकतम 52 वर्ष
चयन के लिए जवानों का कम से कम 7 वर्ष की सेवा पूरी करना अनिवार्य है। प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्यतः 5 वर्ष होगी, जिसे विशेष परिस्थितियों में 6 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।
उद्योगों पर होगा वित्तीय भार
उद्योग प्रबंधन को जवानों के वेतन, वर्दी, हथियार, वाहन और प्रशिक्षण के खर्च के अलावा कुल व्यय का 10 प्रतिशत 'प्रशासनिक प्रभार' के रूप में सरकार को देना होगा। साथ ही, दो महीने के वेतन-भत्तों का एडवांस भुगतान अनिवार्य किया गया है।
सुविधाएं और अनुशासन: यूनियन पर पाबंदी
Facilities and Discipline
जवानों के सुविधा के लिए उद्योगों को मुफ्त आवास, चिकित्सा, परेड ग्राउंड और शस्त्रागार उपलब्ध कराना होगा। यदि आवास की सुविधा नहीं है, तो मकान किराया भत्ता देना अनिवार्य होगा।
अनुशासन बनाए रखने के लिए बल में यूनियन बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पारदर्शिता के लिए एक अनूठा नियम लागू किया गया है—ड्यूटी के दौरान कोई भी जवान या अधिकारी 2500 रुपए से अधिक नकद नहीं रख सकेगा।
दो शाखाओं में विभक्त होगा बल
The Force to be Divided into Two Branches
1. कार्यपालक शाखा: यह मैदानी सुरक्षा संभालेगी, जिसमें DGP से लेकर आरक्षक तक के पद शामिल होंगे।
2. अनुसचिवीय शाखा: यह कार्यालयीन और प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेगी।
सुरक्षा प्रदान करने के अलावा, यह बल उद्योगों को सुरक्षा ऑडिट,अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए सशुल्क तकनीकी परामर्श भी प्रदान करेगा। इस कदम से न केवल निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनेगा, बल्कि राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
निष्कर्ष
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