खैरागढ़ में करोड़ों की शासकीय भूमि का सौदा, जांच में फंसेंगे कई बड़े नाम
Umeshwari Baghel | Jun 02, 2026, 09:01 IST
khairagarh-government-land-scam
खैरागढ़ में सरकारी रिकॉर्ड में पार्क और जंगल दिखी जमीन करोड़ों में बिक गई। बिना स्वीकृत ले-आउट और प्रशासनिक निगरानी के यह खेल चल रहा था। जांच अब शासन स्तर तक पहुंच चुकी है और बड़े अधिकारियों पर भी सवाल उठ सकते हैं।
NEWS IN SHORT
- खैरागढ़ में सरकारी जमीन का करोड़ों का खेल
- खसरा नंबर 114, 115, 169, 170 में अनियमितता
- बिचौलियों ने बढ़ाई जमीन की कीमत
- राजस्व रिकॉर्ड और मालिकाना हक पर सवाल
- जांच अब शासन और मंत्री स्तर तक पहुंची
NEWS IN DETAIL
जमीन की कीमतों का खेल
रिकॉर्ड और मालिकाना हक का विरोधाभास
बिना स्वीकृत ले-आउट के निर्माण
शासन स्तर तक मामला
बड़े सवाल अब भी
FAQ
- खैरागढ़ जमीन घोटाला किस खसरा नंबर से जुड़ा है?
यह मामला मुख्य रूप से खसरा नंबर 114, 115, 169 और 170 से जुड़ा है। इन खसरा नंबरों में दर्ज जमीनों को सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक उपयोग, पार्क या छोटे झाड़ के जंगल के रूप में दिखाया गया था। बावजूद इसके, इन जमीनों को प्लॉट में तब्दील कर बेचा गया, जिससे करोड़ों रुपए का विवाद पैदा हुआ। - क्या जमीन का कोई स्वीकृत ले-आउट था?
जांच में यह सामने आया कि संबंधित भूमि का कोई आधिकारिक स्वीकृत ले-आउट या प्लान मौजूद नहीं था। बिना अनुमति के भूमि विभाजन और उपविभाजन किए गए। इसके बावजूद लोग मकान बनाकर जमीन पर कब्जा कर चुके थे और कई करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। - क्या सरकारी रिकॉर्ड में नाम दर्ज होना मालिकाना हक साबित करता है?
नहीं। कानूनी जानकारों के अनुसार, खसरे या राजस्व रिकॉर्ड में किसी का नाम दर्ज होना पूर्ण स्वामित्व का प्रमाण नहीं है। रजिस्ट्री या रिकॉर्ड केवल आधिकारिक दस्तावेज होते हैं, लेकिन वास्तविक मालिकाना हक, स्वीकृत ले-आउट और अनुमति के बिना नहीं माना जा सकता।
यह खबरें भी पढ़े...
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल पर 75% तक मिलेगी छूट, जल्दी कर लें ये काम
खेल विभाग में सीधी और संविदा भर्ती जल्द शुरू, मंत्री टंक राम वर्मा ने दिए निर्देश
25 करोड़ की शासकीय भूमि का खेल, दस महीने बाद फिर हो गया अतिक्रमण
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari