कृषक उन्नति योजना 2.0 ने खोले नए रास्ते, छत्तीसगढ़ के किसानों को मिला आगे बढ़ने का भरोसा

The Sootr | Dec 25, 2025, 14:09 IST
Share
kishak unnati yojna chhattisgarh
Impact Feature

कृषक उन्नति योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के किसानों को लाभकारी और विविध खेती के नए अवसर मिले हैं। योजना ने MSP पर खरीदी की गारंटी और सहायता राशि के जरिए किसानों को एक नए रास्ते की उम्मीद दी है।

Raipur. छत्तीसगढ़ की खेती अब धान पर निर्भर नहीं रही है। राज्य की कृषि व्यवस्था नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां किसानों को ज्यादा विकल्प, बेहतर आय और कम जोखिम का भरोसा मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने खेती को लाभकारी, विविध और टिकाऊ बनाने के लिए जो फैसले लिए हैं, उनके असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगे हैं। कृषक उन्नति योजना 2.0 और केंद्र सरकार से मिली PM-AASHA योजना के तहत MSP पर खरीदी की मंजूरी ने छत्तीसगढ़ के किसानों के सामने नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं।

छत्तीसगढ़ लंबे समय से धान उत्पादन के लिए जाना जाता रहा है। धान ने राज्य की पहचान बनाई, लेकिन एक फसल पर निर्भरता किसानों के लिए जोखिम भी बनी रही। मौसम की मार, लागत में बढ़ोतरी और बाजार की अनिश्चितता ने यह साफ कर दिया कि खेती को टिकाऊ बनाने के लिए फसल विविधीकरण जरूरी है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने धान से आगे बढ़ने की रणनीति पर काम शुरू किया है।

91149930-8f1
91149930-8f1


कृषक उन्नति योजना से बदलाव की नींव

मार्च 2024 में शुरू की गई कृषक उन्नति योजना का मकसद किसानों को खेती की बढ़ती लागत से राहत देना था। बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य जरूरी इनपुट पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए सरकार ने सीधी आर्थिक सहायता देने का फैसला किया। यह योजना कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बहुत कम समय में इसका असर गांव-गांव तक पहुंचा।

योजना के पहले चरण में उन किसानों को शामिल किया गया, जिन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में अपना धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचा था। इस चरण में 24.72 लाख से अधिक किसानों के खातों में करीब 13,320 करोड़ रुपये सीधे DBT के माध्यम से भेजे गए। यह छत्तीसगढ़ के कृषि इतिहास की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष सहायता मानी जा रही है। किसानों को पैसा समय पर मिला, किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ी और भरोसा मजबूत हुआ।

chhattisgarh sarkar (3)
chhattisgarh sarkar (3)

कृषक उन्नति योजना 2.0 लाई सरकार

पहले चरण की सफलता के बाद सरकार ने योजना को कृषक उन्नति योजना 2.0 के रूप में और व्यापक बनाया। इस नए चरण में योजना को केवल धान तक सीमित नहीं रखा गया। दलहन, तिलहन, मक्का और अन्य फसलों को भी इसके दायरे में लाया गया। इसका साफ संदेश था कि सरकार किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है।

कृषक उन्नति योजना 2.0 के तहत सरकार अलग-अलग फसलों के लिए प्रति एकड़ 10,000 रुपए से लेकर 15,351 रुपए तक की इनपुट सहायता दे रही है। यह सहायता फसल और मौसम के अनुसार तय की गई है, ताकि किसान को उसकी वास्तविक जरूरत के मुताबिक लाभ मिल सके। इससे खेती की शुरुआती लागत कम हो रही है और किसान बिना डर के नई फसलें अपनाने का साहस कर पा रहे हैं।

5823316c-46c
5823316c-46c


425 करोड़ की स्वीकृति से बढ़ा भरोसा

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के साथ हुई उच्चस्तरीय चर्चा के बाद खरीफ सीजन के लिए 425 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इस फैसले ने छत्तीसगढ़ में फसल विविधीकरण और आय सुरक्षा को नई मजबूती दी है। यह कदम राज्य और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल का भी उदाहरण बनकर सामने आया है।

ea1374dc-7ee
ea1374dc-7ee


PM-AASHA से MSP की गारंटी

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत दलहन और तिलहन फसलों की MSP पर खरीदी को मंजूरी मिलना किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। अब किसानों को यह भरोसा है कि यदि वे धान के अलावा दूसरी फसलें उगाते हैं, तो उनकी उपज भी समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। इससे जोखिम कम हुआ है और आय के नए रास्ते खुले हैं।

कृषक उन्नति योजना 2.0 लागू होने के बाद राज्य में किसानों का रुझान धीरे-धीरे दलहन और तिलहन फसलों की ओर बढ़ रहा है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं। खेती का जोखिम बंट रहा है और राज्य दाल व तेलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह पहल केंद्र सरकार की पोषण सुरक्षा और फसल विविधीकरण नीति के अनुरूप भी मानी जा रही है।

DBT से किसानों में बढ़ा भरोसा

योजना की एक बड़ी खासियत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि सहायता राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचे। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और किसानों को पूरा लाभ मिला। समय पर भुगतान ने किसानों का भरोसा और मजबूत किया है।

सीधी आर्थिक सहायता का असर सिर्फ खेत तक सीमित नहीं रहा। किसानों की क्रय शक्ति बढ़ी, जिससे गांवों में बाजार, छोटे व्यापार और रोजगार को गति मिली। खाद-बीज की दुकानों से लेकर स्थानीय सेवाओं तक, हर स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है।

fe7249b3-e87
fe7249b3-e87


किसानों की ज़ुबानी योजना का असर

बलौदाबाजार जिले के ग्राम करमदा निवासी किसान नागमणी वर्मा कहते हैं कि कृषक उन्नति योजना उनके लिए फायदेमंद साबित हुई है। उनके अनुसार, सरकारी सहायता से खेती की लागत संभालना आसान हुआ और नई फसल के प्रयोग का भरोसा मिला। ऐसे अनुभव बताते हैं कि योजना का असर जमीनी स्तर पर महसूस किया जा रहा है।
RO-13257/8

Tags:
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा