छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : रामगोपाल ने हवाला से दिल्ली भेजे 800 करोड़ रुपए

Aishwarya Dwivedi | Jul 18, 2026, 14:19 IST
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दिल्ली शराब घोटाला: पैसे के लेन-देन का रूट
दिल्ली शराब घोटाला: पैसे के लेन-देन का रूट

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। उन पर हवाला के जरिए 800 करोड़ रुपए दिल्ली भेजने का आरोप है।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामगोपाल अग्रवाल पर 800 करोड़ रुपए बाहर भेजने का आरोप है। यह भारी-भरकम रकम हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली भेजी गई थी। कोर्ट ने आरोपी नेता को 22 जुलाई तक रिमांड पर भेज दिया है।

घोटाले की रकम पहुंची दिल्ली

छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित शराब घोटाला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW – Economic Offences Wing) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें राजनीतिक हल्कों में लोग आरजी के नाम से भी जानते हैं।

इस गिरफ्तारी के साथ ही एक बहुत बड़ा वित्तीय खुलासा भी हुआ है। यह खुलासा छत्तीसगढ़ की जनता की कमाई को दूसरे राज्य में ठिकाने लगाने से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की जड़ें सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं थीं। इसके तार देश की राजधानी दिल्ली से भी सीधे जुड़े हुए थे।

कैसे काम करता था यह हवाला कोड?

जांच एजेंसी की शुरुआती पड़ताल में पैसों के लेन-देन का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। यह पूरा खेल करीब 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है। इस घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। आरोप है कि उन्होंने पद का फायदा उठाकर करोड़ों रुपए जुटाए।

एजेंसी के मुताबिक रामगोपाल अग्रवाल ने पार्टी फंड के नाम पर अवैध वसूली की थी। उन्होंने शराब कारोबारियों और अन्य माध्यमों से करीब 800 करोड़ रुपए इकट्ठा किए थे। इतनी बड़ी रकम को नकद में रखना बेहद खतरनाक था। इसलिए इस रकम को ठिकाने लगाने के लिए हवाला नेटवर्क की मदद ली गई।

हवाला ऑपरेटरों के जरिए इस मोटी रकम को कोड वर्ड में बदला गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ की शराब से कमाई गई इस अवैध राशि को दिल्ली ट्रांसफर किया गया। एजेंसी अब उन हवाला ऑपरेटरों की कुंडली खंगाल रही है, जिन्होंने इस काम में मदद की थी।

दिल्ली के वीआईपी बंगलों तक पहुंची आंच

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सस्पेंस दिल्ली के उस अज्ञात चेहरे को लेकर है। ईओडब्ल्यू की जांच में यह साफ हो गया है कि यह 800 करोड़ रुपए दिल्ली भेजे गए थे। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दिल्ली में वह कौन सा बड़ा नेता है।

शुरुआती जांच में दिल्ली के एक बेहद प्रभावशाली नेता से कनेक्शन मिलने का दावा किया गया है। आरोप है कि शराब घोटाले का यह पैसा दिल्ली में उसी नेता के बंगले तक पहुंचाया गया था। यह पैसा किश्तों में और बेहद गोपनीय तरीके से दिल्ली भेजा जाता था।

इस बड़े खुलासे ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। रामगोपाल अग्रवाल से इस दिल्ली कनेक्शन को लेकर लगातार तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं। एजेंसी उनसे उस बड़े नेता का नाम उगलवाने की कोशिश कर रही है, जिसके पास यह पैसा गया था।

करीबियों और अकाउंटेंट ने खोले राज

रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ ईओडब्ल्यू को कई पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच के दौरान आरजी के अकाउंटेंट और उनके बेहद करीबी लोगों के बयान सामने आए हैं। इन लोगों ने जांच एजेंसी के सामने कई ऐसे राज खोले हैं, जिन्हें झुठलाना नामुमकिन है।

अकाउंटेंट के बयानों से साफ हुआ है कि पैसे का हिसाब-किताब कैसे रखा जाता था। किस तारीख को कितनी रकम हवाला के जरिए दिल्ली भेजी गई, इसके भी संकेत मिले हैं। इन बयानों को जब रामगोपाल अग्रवाल के सामने रखा गया, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।

इसके अलावा जांच में यह भी पता चला है कि इस पैसे का एक हिस्सा रिश्तेदारों के नाम पर निवेश किया गया था। करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं। वहीं दूसरे राज्यों के चुनावों में भी अलग-अलग माध्यमों से भारी फंडिंग की गई थी।

22 जुलाई तक खुलेगा पूरा कच्चा चिट्ठा

शुक्रवार को कोयला लेवी मामले में रिमांड समाप्त होने के बाद यह नई कार्रवाई हुई। ईओडब्ल्यू ने आरजी को विशेष अदालत में पेश किया था। वहां शराब घोटाले में कोर्ट से अनुमति लेकर उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

अब अदालत ने आरोपी रामगोपाल अग्रवाल को 22 जुलाई तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर सौंप दिया है। इस अवधि के दौरान एजेंसी उनसे और कड़ी पूछताछ करेगी। पूछताछ की प्रक्रिया को और ज्यादा पुख्ता बनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है।

रामगोपाल अग्रवाल को कुछ सरकारी गवाहों के सामने बिठाया जाएगा। गवाहों और आरोपी नेता का आमना-सामना कराकर बयानों का मिलान किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस 800 करोड़ रुपए के हवाला कोड से कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।

FAQ

  1. रामगोपाल अग्रवाल पर 800 करोड़ रुपये को लेकर क्या आरोप हैं?
    उत्तर: उन पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये की अवैध रकम जुटाई। इसके बाद इस पूरी राशि को हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली ट्रांसफर कर दिया।
  2. शराब घोटाले के इस पैसे का दिल्ली में क्या कनेक्शन सामने आया है?
    उत्तर: जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू के अनुसार यह पैसा दिल्ली में एक बड़े और प्रभावशाली नेता के बंगले तक पहुंचाया गया था। एजेंसी अब उस नेता के नाम और कनेक्शन की कड़ियों को जोड़ रही है।

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