इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 25 हजार रुपए, 1 अक्टूबर से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
VINAY VERMA | Sept 25, 2026, 14:27 IST
इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा
छत्तीसगढ़ सरकार ने हड़ताल के बाद MBBS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रूपए प्रतिमाह कर दिया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग का आदेश 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काम कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टरों के लिए सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला किया है। अब इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 25 हजार रुपए मिलेंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक बढ़ा हुआ स्टाइपेंड 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। यानी अगले महीने से ही इंटर्न डॉक्टरों को बढ़ी हुई रकम मिलनी शुरू हो जाएगी।
स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला अचानक नहीं आया। इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टरों ने काम बंद कर विरोध भी किया था। आंदोलन के दौरान डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की थी। तब उन्हें मांग पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया था।
अभी MBBS इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 15,900 रुपए स्टाइपेंड मिल रहा था। सरकार के नए फैसले के बाद यह रकम बढ़कर 25 हजार रुपए हो गई है। यानी हर महीने 9,100 रुपए की सीधी बढ़ोतरी होगी। हालांकि इंटर्न डॉक्टरों की मांग 30 हजार रुपए मासिक स्टाइपेंड की थी। लिहाजा सरकार के फैसले के बाद भी उनकी पूरी मांग पूरी नहीं हुई है।
इंटर्न के बाद अब निगाह पोस्ट ग्रेजुएट यानी PG डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर है। इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन में PG डॉक्टरों की मांगें भी शामिल थीं। मंत्रालय स्तर से PG छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ाने पर जल्द आदेश आने के संकेत मिल रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो सरकार को अलग-अलग स्तर के डॉक्टरों के स्टाइपेंड में अंतर भी तय करना होगा।
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डॉक्टरों की दूसरी बड़ी मांग ग्रामीण चिकित्सा बॉन्ड पोस्टिंग से जुड़ी है। डॉक्टरों की मांग रही है कि बॉन्ड पोस्टिंग की व्यवस्था खत्म की जाए। साथ ही ग्रामीण बॉन्ड में जाने वाले डॉक्टरों के स्टाइपेंड को भी बढ़ाया जाए। फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई साफ फैसला नहीं हुआ है।
मौजूदा संकेतों के मुताबिक ग्रामीण चिकित्सा बॉन्ड में जाने वाले डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ने की उम्मीद कम है। अगर तृतीय वर्ष PG छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ता है और बॉन्ड डॉक्टरों का स्टाइपेंड उसी स्तर पर रहता है, तो दोनों के बीच करीब 5 हजार रुपए महीने का अंतर हो सकता है। यही वजह है कि इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ने के बाद भी डॉक्टरों की बाकी मांगें चर्चा में बनी हुई हैं।
सरकार ने फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों की सबसे प्रमुख मांग पर फैसला कर दिया है, लेकिन 30 हजार रुपए स्टाइपेंड, PG डॉक्टरों के मानदेय और ग्रामीण बॉन्ड पोस्टिंग जैसे मुद्दे अभी बाकी हैं। ऐसे में इंटर्न डॉक्टरों को मिली बढ़ोतरी के बावजूद डॉक्टरों का आंदोलन पूरी तरह खत्म होगा या नहीं, यह बाकी मांगों पर सरकार के अगले फैसले पर निर्भर करेगा।
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हड़ताल के बाद फैसला
15,900 से 25 हजार
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Doctors' Stipend
बॉन्ड पोस्टिंग पर पेंच
5 हजार का अंतर?
एक मांग पूरी, दो बाकी
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