रोजाना 40 नाबालिग अपराध की शिकार,रेप,अपहरण, मारपीट के सबसे ज्यादा केस
Arun Tiwari | Jan 17, 2025, 18:31 IST
Minor Girls Crime Police Headquarter Report the sootr
Minor Girls Crime Report : जनवरी 2024 से नंवबर 2024 तक के इन 11 महीनों में 13 हजार 207 नाबालिग लड़कियां अपराध का शिकार हुई हैं। यानी हर महीने 1200 और हर दिन 40 नाबालिगों के साथ अपराध होता है।
Minor Girls Crime Police Headquarter Report : छत्तीसगढ़ में नाबालिग लड़कियां असुरक्षित हैं। यह हम नहीं कह रहे बल्कि छत्तीसगढ़ के पुलिस हेडक्वार्टर की रिपोर्ट है। जनवरी से लेकर नवंबर 2024 के मामले बताते हैं कि किस कदर बच्चियों के खिलाफ क्राइम हो रहा है।
इन 11 महीनों में दर्ज मामलों के हिसाब से रोजाना 40 और महीने में 1200 से ज्यादा नाबालिग अपराध का शिकार हो रही हैं। सबसे ज्यादा मामले रेप,अपरहण और मारपीट के दर्ज किए गए हैं। सीएम विष्णुदेव साय ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। सीएम ने अफसरों को फ्री हैंड देते हुए साफ कहा कि पहले जो हुआ उससे तुलना न करें बल्कि अब ऐसा न हो उसकी व्यवस्था करें। उन्हें बच्चियों के साथ अपराध ज़ीरो चाहिए।
कंस्ट्रक्शन कारोबारियों के होश उड़े... घर में सुबह-सुबह बजी ऐसी घंटी
विष्णु सरकार दावा करती है कि छत्तीसगढ़ में उसके आने के बाद सांय सांय विकास हो रहा है। यह दावा कितना सही और गलत है यह तो अलग बात है लेकिन एक चीज जरुर सांय सांय हो रही है वो है अपराध। अपराध के आंकड़े चिंतित करने वाले हैं क्योंकि यह बच्चियों से जुड़ा मामला है। विष्णु सरकार के 11 महीने के आंकड़े चिंताजनक हैं।
जनवरी 2024 से नंवबर 2024 तक के इन 11 महीनों में 13 हजार 207 नाबालिग लड़कियां अपराध का शिकार हुई हैं। यानी हर महीने 1200 और हर दिन 40 नाबालिगों के साथ अपराध होता है। किसी बच्ची का अपहरण तो किसी के साथ रेप तो किसी के साथ मारपीट की घटनाएं होती हैं। द सूत्र आपको जो आंकड़े बता रहा है, वे सरकारी आंकड़े हैं।
2 करोड़ हर महीने कमीशन लेते थे लखमा, 2 साल में 2161 करोड़ का शराब घोटाला
ये मासूम आदिवासी बच्चियां दरिंदों का शिकार हो रही हैं। सबसे ज्यादा उनके साथ रेप, अपहरण और मारपीट के मामले दर्ज हो रहे हैं। यह तो वे मामले हैं जो पुलिस तक पहुंच रहे हैं। आशंका इस बात की भी है कि ऐसे न जाने कितने मामले होंगे जो साम,दाम और दंड के जरिए बीच में ही दम तोड़ देते होंगे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर महीने करीब ढाई सौ नाबालिग लड़किया दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। इतनी ही लड़कियों का अपहरण और इनसे दोगुनी लड़कियों के साथ मारपीट हो रही है। इस दौरान 300 से ज्यादा बच्चियों को मौत के घाट उतार दिया गया है।
खूंखार नक्सली 1 करोड़ के इनामी हिड़मा के खात्मे का प्लान,PLGA का सफाया
नाबालिग लड़कियों से अपराध के मामले में राजधानी रायपुर सबसे आगे है। यानी जहां पूरी सरकार बैठती है, जहां पर क्राइम को कंट्रोल करने की पॉलिसी बनती हैं,जहां पर पुलिस का हेडक्वार्टर है।वहीं पर सबसे ज्यादा अपराध है। रायपुर के बाद बिलासपुर और फिर दुर्ग जैसे बड़े जिले आते हैं। मुख्यमत्री और गृहमंत्री का जिला भी इसमें पीछे नहीं है।
नक्सलियों ने CRPF जवानों को निशाना बनाया, बीजापुर में IED ब्लास्ट
बात पुलिस की मुस्तैदी की करें तो वो भी कमाल है। इन मामलों के 1100 अपराधी फरार हैं जिनके गिरेबान तक कानून के हाथ नहीं पहुंच रहे हैं। सरकार के यह कह देने से कि मेरी कमीज उसकी कमीज से ज्यादा सफेद है, से बात नहीं बनेगी। अब तो विष्णु को सुदर्शन चक्र चलाने की जरुरत है ताकि अपराधियों के मन में खौफ हो और प्रदेश की बच्चियां खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। और यही इरादा सीएम ने पुलिस अधिकारियों के सामने जता दिया है। नसीहत के साथ जवाबदेही की हिदायत भी दे दी है।
इन 11 महीनों में दर्ज मामलों के हिसाब से रोजाना 40 और महीने में 1200 से ज्यादा नाबालिग अपराध का शिकार हो रही हैं। सबसे ज्यादा मामले रेप,अपरहण और मारपीट के दर्ज किए गए हैं। सीएम विष्णुदेव साय ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। सीएम ने अफसरों को फ्री हैंड देते हुए साफ कहा कि पहले जो हुआ उससे तुलना न करें बल्कि अब ऐसा न हो उसकी व्यवस्था करें। उन्हें बच्चियों के साथ अपराध ज़ीरो चाहिए।
कंस्ट्रक्शन कारोबारियों के होश उड़े... घर में सुबह-सुबह बजी ऐसी घंटी
बच्चियों के साथ सांय सांय अपराध
जनवरी 2024 से नंवबर 2024 तक के इन 11 महीनों में 13 हजार 207 नाबालिग लड़कियां अपराध का शिकार हुई हैं। यानी हर महीने 1200 और हर दिन 40 नाबालिगों के साथ अपराध होता है। किसी बच्ची का अपहरण तो किसी के साथ रेप तो किसी के साथ मारपीट की घटनाएं होती हैं। द सूत्र आपको जो आंकड़े बता रहा है, वे सरकारी आंकड़े हैं।
2 करोड़ हर महीने कमीशन लेते थे लखमा, 2 साल में 2161 करोड़ का शराब घोटाला
सबसे ज्यादा रेप,अपरहण और मारपीट
ये मासूम आदिवासी बच्चियां दरिंदों का शिकार हो रही हैं। सबसे ज्यादा उनके साथ रेप, अपहरण और मारपीट के मामले दर्ज हो रहे हैं। यह तो वे मामले हैं जो पुलिस तक पहुंच रहे हैं। आशंका इस बात की भी है कि ऐसे न जाने कितने मामले होंगे जो साम,दाम और दंड के जरिए बीच में ही दम तोड़ देते होंगे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर महीने करीब ढाई सौ नाबालिग लड़किया दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। इतनी ही लड़कियों का अपहरण और इनसे दोगुनी लड़कियों के साथ मारपीट हो रही है। इस दौरान 300 से ज्यादा बच्चियों को मौत के घाट उतार दिया गया है।
खूंखार नक्सली 1 करोड़ के इनामी हिड़मा के खात्मे का प्लान,PLGA का सफाया
यह है 11 महीनों में नाबालिगों से अपराध का ग्राफ
| कुल अपराध | 13 हजार 207 |
| बलात्कार | 2677 |
| अपहरण | 2654 |
| मारपीट | 6072 |
| छेडछाड़ | 1494 |
| हत्या | 313 |
सबसे आगे राजधानी रायपुर
नक्सलियों ने CRPF जवानों को निशाना बनाया, बीजापुर में IED ब्लास्ट
बात पुलिस की मुस्तैदी की करें तो वो भी कमाल है। इन मामलों के 1100 अपराधी फरार हैं जिनके गिरेबान तक कानून के हाथ नहीं पहुंच रहे हैं। सरकार के यह कह देने से कि मेरी कमीज उसकी कमीज से ज्यादा सफेद है, से बात नहीं बनेगी। अब तो विष्णु को सुदर्शन चक्र चलाने की जरुरत है ताकि अपराधियों के मन में खौफ हो और प्रदेश की बच्चियां खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। और यही इरादा सीएम ने पुलिस अधिकारियों के सामने जता दिया है। नसीहत के साथ जवाबदेही की हिदायत भी दे दी है।
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj