आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी : मित्तल कैंसर अस्पताल 3 महीने के लिए निलंबित

Umeshwari Baghel | Jul 28, 2026, 16:33 IST
Share
रायपुर के मित्तल अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई
रायपुर के मित्तल अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई

आयुष्मान भारत योजना में मरीज से अतिरिक्त पैसे वसूलने के मामले में रायपुर के मित्तल कैंसर अस्पताल पर कार्रवाई हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को 3 महीने के लिए योजना से निलंबित कर 90 हजार रुपए लौटाने के निर्देश दिए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मित्तल कैंसर अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
  • आयुष्मान में गड़बड़ी, अस्पताल 3 महीने सस्पेंड
  • मरीज से वसूले 90 हजार, अस्पताल पर एक्शन
  • कैशलेस इलाज में लापरवाही, योजना से बाहर हुआ अस्पताल
  • आयुष्मान नियम तोड़े, मित्तल अस्पताल पर गिरी गाज
Raipur। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों से अतिरिक्त पैसे वसूलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। रायपुर के कांपा (लोधीपारा) स्थित मित्तल कैंसर अस्पताल को आयुष्मान योजना से तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। अब इस अवधि में अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारी नए मरीजों का कैशलेस इलाज नहीं किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई मरीज से इलाज के नाम पर अतिरिक्त राशि लेने की शिकायत जांच में सही पाए जाने के बाद की है। विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को मरीज से वसूले गए 90 हजार रुपए वापस लौटाने के निर्देश भी दिए हैं।

आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी लिए पैसे

मामला उस समय सामने आया जब मरीज अल्बर्ट एक्का के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की सुविधा होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे अलग से पैसे लिए।

शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि अस्पताल ने मरीज के परिजनों से दवाइयों के लिए 15,226 रुपए और सर्जरी के नाम पर 90 हजार रुपए अतिरिक्त लिए थे।

अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल ने दवाइयों की राशि तो वापस कर दी थी, लेकिन सर्जरी के लिए ली गई रकम लौटाने से इनकार कर दिया था। अस्पताल की ओर से आयुष्मान योजना के पैकेज की राशि कम होने का तर्क दिया गया था।

योजना के नियमों का उल्लंघन माना गया

स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल की कार्रवाई को आयुष्मान भारत योजना के नियमों का उल्लंघन माना है। विभाग का कहना है कि योजना के तहत पंजीकृत अस्पताल मरीजों से किसी भी तरह की अतिरिक्त नकद राशि नहीं ले सकते हैं।

आयुष्मान योजना का उद्देश्य पात्र मरीजों को बिना पैसे दिए इलाज उपलब्ध कराना है। ऐसे मामलों में मरीजों से अतिरिक्त भुगतान लेना योजना की व्यवस्था के खिलाफ है।

तीन महीने तक नए मरीजों का नहीं होगा इलाज

स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान मित्तल कैंसर अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत नए मरीजों को भर्ती नहीं कर सकेगा। यदि अस्पताल ने नियमों के खिलाफ जाकर नए मरीजों का इलाज शुरू किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने अस्पताल परिसर में लगे आयुष्मान योजना से जुड़े सभी प्रचार सामग्री और बोर्ड हटाने के निर्देश भी दिए हैं।

भर्ती मरीजों का इलाज जारी रहेगा

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों को परेशान नहीं किया जाएगा। वर्तमान मरीजों का इलाज पूरा करने के बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा। विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों के हितों का ध्यान रखने और भविष्य में योजना के नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर बढ़ी सख्ती

प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों की लगातार निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

विभाग ने साफ किया है कि योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों से किसी भी तरह की अतिरिक्त वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में अस्पतालों का पंजीयन निलंबित करने से लेकर अन्य सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

FAQ

  1. मित्तल कैंसर अस्पताल पर क्या कार्रवाई की गई है?
    रायपुर स्थित मित्तल कैंसर अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना से 3 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस दौरान अस्पताल नए आयुष्मान मरीजों का कैशलेस इलाज नहीं कर सकेगा।
  2. अस्पताल पर कार्रवाई क्यों की गई?
    मरीज से आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बावजूद अतिरिक्त पैसे वसूलने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की।
  3. मरीज से कितनी अतिरिक्त राशि वसूली गई थी?
    जांच में सामने आया कि अस्पताल ने मरीज के परिजनों से सर्जरी के नाम पर 90 हजार रुपए और दवाइयों के लिए 15,226 रुपए अतिरिक्त लिए थे। विभाग ने 90 हजार रुपए लौटाने के निर्देश दिए हैं।

यह खबरें भी पढ़े...

छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत 59 अस्पतालों पर कार्रवाई, पारदर्शिता पर जोर

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में फर्जी रिसीविंग से साढ़े तीन करोड़ की ठगी

रायपुर प्रदर्शन में 16 जवान घायल, अस्पताल पहुंचे कमिश्नर संजीव शुक्ला

छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ में जीता सिल्वर

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • स्वास्थ्य विभाग
  • आयुष्मान भारत योजना
  • मित्तल कैंसर अस्पताल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई