छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव
छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव : चार नगर निगम, किसकी बनेगी सरकार, दांव पर दिग्गजों की साख
Aishwarya Dwivedi | Aug 17, 2026, 10:14 IST
नगर निगम चुनाव: बीजेपी बनाम कांग्रेस
छत्तीसगढ़ के बीरगांव, भिलाई, रिसाली और चरौदा नगर निगमों में दिसंबर में चुनाव प्रस्तावित हैं। चारों निगमों में वर्तमान में कांग्रेस का कब्ज़ा है, जबकि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है।
RAIPUR : छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख नगर निगमों में दिसंबर में होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रायपुर जिले के बिरगांव और दुर्ग जिले के भिलाई, रिसाली तथा भिलाई-चरौदा नगर निगम में चुनाव होने हैं। वर्तमान में चारों नगर निगमों में कांग्रेस के महापौर हैं। प्रदेश में अब भाजपा की सरकार होने के कारण इन चुनावों को सत्तारूढ़ दल के लिए प्रतिष्ठा की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर संबंधित जिलों में वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में टिकट के दावेदार खुलकर सामने आएंगे। स्थानीय नेताओं ने अभी से संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है।
साल 2021 में हुए नगरीय निकाय चुनाव के समय छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी। उस दौरान चारों नगर निगमों में कांग्रेस अपना महापौर बनाने में सफल रही थी। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है और राजनीतिक समीकरण भी बदल चुके हैं। ऐसे में भाजपा इन नगर निगमों में कांग्रेस का वर्चस्व तोड़ने की तैयारी में है।
इस बार महापौर पद के लिए मतदाता सीधे मतदान करेंगे। पार्षद और महापौर के लिए अलग-अलग वोट डाले जाएंगे। इससे मुकाबला पिछली बार की तुलना में ज्यादा रोचक होने की संभावना है।
![छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव]()
70 वार्ड वाले भिलाई नगर निगम में कांग्रेस के नीरज पाल महापौर हैं। यहां कांग्रेस के 37 और भाजपा के 24 पार्षद हैं। यह नगर निगम भिलाई नगर और वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में फैला है। भिलाई नगर से कांग्रेस के देवेंद्र यादव और वैशाली नगर से भाजपा के रिकेश सेन विधायक हैं। महापौर का पद इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित बताया गया है।
40 वार्ड वाले बिरगांव नगर निगम में नंदलाल देवांगन महापौर हैं। कांग्रेस के पास यहां 21 पार्षद हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस के 19 पार्षद जीते थे, जबकि बाद में दो निर्दलीय पार्षद पार्टी में शामिल हुए थे। इस बार महापौर पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित होने के बाद महिला दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है।
![छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव]()
2019 में भिलाई से अलग होकर बने रिसाली नगर निगम में कांग्रेस की शशि सिन्हा महापौर हैं। यहां 40 में से 21 वार्डों में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। रिसाली पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। वर्तमान में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट से भाजपा के ललित चंद्राकर विधायक हैं। महापौर पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है।
चरौदा में
भिलाई-चरौदा नगर निगम का चुनाव भी बेहद अहम माना जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का निवास इसी क्षेत्र में होने के कारण यहां के नतीजों पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी। पिछले चुनाव में कांग्रेस 40 में से 19 वार्ड जीत सकी थी। बाद में दो निर्दलीय पार्षदों को साथ लेकर कांग्रेस ने बहुमत जुटाया और निर्मल कोसरे को महापौर बनाया।
चारों निगमों में कांग्रेस अपनी सत्ता बचाने की कोशिश करेगी, जबकि भाजपा प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और बदले राजनीतिक माहौल के सहारे नगर निगमों पर कब्जा करने की रणनीति बना रही है। ऐसे में दिसंबर के ये चुनाव दोनों दलों के लिए सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की बड़ी लड़ाई बनने वाले हैं।
जोधपुर नगर निगम मेयर पद रहेगा सामान्य वर्ग के लिए, घटकर हुए अब 100 वार्ड
पेड़ों को जहर देकर मारने का आरोप, भोपाल में नगर निगम और भोज वेटलैंड पर NGT सख्त
ग्वालियर नगर निगम के बैंबू रेस्टोरेंट सहित 9 फर्मो पर 9.10 लाख रुपए जुर्माना
इंदौर नगर निगम अब 1 लाख राशि तक के चेक नहीं लेगा, वजह 15 रुपए के भी चेक बाउंस
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर संबंधित जिलों में वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में टिकट के दावेदार खुलकर सामने आएंगे। स्थानीय नेताओं ने अभी से संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है।
2021 में कांग्रेस ने चारों निगमों में बनाई थी सरकार
इस बार महापौर पद के लिए मतदाता सीधे मतदान करेंगे। पार्षद और महापौर के लिए अलग-अलग वोट डाले जाएंगे। इससे मुकाबला पिछली बार की तुलना में ज्यादा रोचक होने की संभावना है।
भिलाई में कांग्रेस के 37 पार्षद, भाजपा के 24
बिरगांव में कांग्रेस के पास 21 पार्षद
छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव
रिसाली में ताम्रध्वज साहू की साख भी दांव पर
चरौदा में भूपेश बघेल के कारण हाईप्रोफाइल मुकाबला
चारों निगमों में कांग्रेस अपनी सत्ता बचाने की कोशिश करेगी, जबकि भाजपा प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और बदले राजनीतिक माहौल के सहारे नगर निगमों पर कब्जा करने की रणनीति बना रही है। ऐसे में दिसंबर के ये चुनाव दोनों दलों के लिए सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की बड़ी लड़ाई बनने वाले हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
पेड़ों को जहर देकर मारने का आरोप, भोपाल में नगर निगम और भोज वेटलैंड पर NGT सख्त
ग्वालियर नगर निगम के बैंबू रेस्टोरेंट सहित 9 फर्मो पर 9.10 लाख रुपए जुर्माना
इंदौर नगर निगम अब 1 लाख राशि तक के चेक नहीं लेगा, वजह 15 रुपए के भी चेक बाउंस
राजस्थान पंचायत चुनाव: बीजेपी 11 अक्टूबर को जारी कर सकती है पहली लिस्ट, कांग्रेस में 12 अक्टूबर तक उम्मीदवार तय होने के आसार
By Raghvendra Singh Rathore
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचूरा की नियुक्ति पर सवाल, सीएम की मंजूरी कहां?
By Ramanand Tiwari
mp top news: स्वामित्व योजना: हरदा में 10 ग्रामीणों को मिला जमीन का मालिकाना हक, TET पर सीएम मोहन यादव ने दिया आयोग बनाने का भरोसा
By Sanjay Dhiman
बिहार में राहुल गांधी पर भड़के सीएम मोहन यादव, बोले-विपक्ष का काम समाज में अराजकता फैलाना नहीं है
By Sandeep Kumar
CG Top News : CJP प्रदर्शन पर भूपेश बघेल का हमला, गन्ना खरीदी दर बढ़ी, 200 का सिक्का होगा जारी समेत पढ़े दिनभर की बड़ी खबरें।
By Umeshwari Baghel
Rajasthan Top News: राजस्थान पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे संविदाकर्मी और आशा सहयोगी
By Ashish Bhardwaj
लाडली बहना को पैसा, हमें नहीं? मानदेय के लिए शिवराज के बंगले पर बैठीं रसोइया बहनें, सीएम हाउस की ओर किया कूच
By Sanjay Dhiman