रावतपुरा सरकार विश्विद्यालय का नया कारनामा, अवैध संस्था से 3 गुना फीस बढ़वा, छात्रों से वसूल रहा
VINAY VERMA | Jul 04, 2025, 11:54 IST
New feat of Shri Rawatpura Sarkar University the sootr
मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण और पॉजिटिव रिपोर्ट तैयार करने के मामले में घूस देने के आरोप में पकड़े गए श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय का एक और कारनामा सामने आया है। फीस तय करने में भी प्रबंधन ने बड़ी गड़बड़ी की थी।
मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण और पॉजिटिव रिपोर्ट तैयार करने के मामले में घूस देने के आरोप में पकड़े गए रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय का एक और कारनामा सामने आया है। विश्वविद्यालय का एक फार्मेसी कॉलेज भी है। जो की श्री रावतपुरा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी के नाम से भिलाई दुर्ग में संचालित है। इस फार्मेसी इंस्टिट्यूट में फीस तय करने में भी प्रबंधन ने बड़ी गड़बड़ी की थी। फीस बढ़ाने के लिए निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग से अनुशंसा कराई थी।
संस्था ने निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग से सांठ गांठ कर डी फार्मा, बी फार्मा और एम फार्मा के लिए सालाना फीस 1 लाख बीस हजार रुपए तय करवा ली थी। इसी के आधार पर वे छात्रों से फीस भी वसूल रहे थे। जबकि हकीकत में विश्वविद्यालय विनियामक आयोग को साल 2008 के बाद व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस तय करने का अधिकार ही नहीं है।
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व्यावसायिक पाठ्यक्रम ऑन के लिए साल 2008 के बाद प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति ही वैधानिक समिति है। जो व्यावसायिक पाठ में संचालित करने वाले सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेज की फीस तय करती है। इसी के आधार पर राज्य शासन आदेश निकलती है। इसके द्वारा श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी कॉलेज के लिए साल 2024- 25, 25-26 और 26-27 के लिए फार्मेसी से जुड़े सभी विषयों की सालाना फीस 39300 तय की है। यानी इंस्टिट्यूट अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए छात्रों से तीन गुना से भी ज्यादा फीस वसूल रही थी।
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द सूत्र को मिले दस्तावेज यह पता चल रहा है कि इस गड़बड़ी में न केवल श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय दोषी है बल्कि निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की कार्य प्रणाली भी जांच का विषय है। साल 2008 के बाद जब इन्हें किसी व्यावसायिक पाठ्यक्रम के फीस तय करने का अधिकार नहीं है तो आखिर किस आधार पर इन्होंने सितंबर 2024 में श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय को बी फार्मा, डी फार्मा, एम फार्मा के अलावा बी टेक, फैशन टेक्नोंलॉज़ी सहित 11 कोर्स की फीस किया।
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रावतपुरा फार्मेसी कॉलेज | फार्मेसी कॉलेज फीस | अवैध फीस वसूली | Rawatpura Pharmacy College | Shri Rawatpura Institute of Pharmacy | Pharmacy College Fees | Illegal Fee Collection | Private University Regulatory Commission | Admission and Fee Regulatory Committee
संस्था ने निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग से सांठ गांठ कर डी फार्मा, बी फार्मा और एम फार्मा के लिए सालाना फीस 1 लाख बीस हजार रुपए तय करवा ली थी। इसी के आधार पर वे छात्रों से फीस भी वसूल रहे थे। जबकि हकीकत में विश्वविद्यालय विनियामक आयोग को साल 2008 के बाद व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस तय करने का अधिकार ही नहीं है।
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वास्तविक फीस 39,300 रुपये
व्यावसायिक पाठ्यक्रम ऑन के लिए साल 2008 के बाद प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति ही वैधानिक समिति है। जो व्यावसायिक पाठ में संचालित करने वाले सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेज की फीस तय करती है। इसी के आधार पर राज्य शासन आदेश निकलती है। इसके द्वारा श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी कॉलेज के लिए साल 2024- 25, 25-26 और 26-27 के लिए फार्मेसी से जुड़े सभी विषयों की सालाना फीस 39300 तय की है। यानी इंस्टिट्यूट अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए छात्रों से तीन गुना से भी ज्यादा फीस वसूल रही थी।
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छग शासन का लोगो दिखाकर गुमराह की कोशिश
द सूत्र को मिले दस्तावेज यह पता चल रहा है कि इस गड़बड़ी में न केवल श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय दोषी है बल्कि निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की कार्य प्रणाली भी जांच का विषय है। साल 2008 के बाद जब इन्हें किसी व्यावसायिक पाठ्यक्रम के फीस तय करने का अधिकार नहीं है तो आखिर किस आधार पर इन्होंने सितंबर 2024 में श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय को बी फार्मा, डी फार्मा, एम फार्मा के अलावा बी टेक, फैशन टेक्नोंलॉज़ी सहित 11 कोर्स की फीस किया।
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