तंत्र-मंत्र का मायाजाल... चंद घंटों में अधिकारी की चली गई कुर्सी
Kanak Durga Jha | Oct 24, 2024, 09:04 IST
officer lost job few hours due to Tantra-Mantra raipur
छत्तीसगढ़ की राजधानी में एक अजीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां तंत्र-मंत्र जैसे अंधविश्वास का सहारा लेकर एक अफसर के ट्रांसफर की चर्चा जोरों पर है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी में एक अजीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां तंत्र-मंत्र जैसे अंधविश्वास का सहारा लेकर एक अफसर के ट्रांसफर की चर्चा जोरों पर है। मामला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के पूर्व डायरेक्टर जगदीश सोनकर के अचानक हुए तबादले से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि एनएचएम के दफ्तर में एक रहस्यमय तंत्र-मंत्र यंत्र वाला पत्र आया, जिसे सोनकर को एमडी पद से हटाने के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस पत्र के आने के अगले ही दिन उनका तबादला हो गया, जिससे स्वास्थ्य भवन में पूरे दिन चर्चाओं का दौर चलता रहा।
यह मामला इसलिए भी सनसनीखेज बन गया है क्योंकि एनएचएम के दफ्तर में आए इस तंत्र-मंत्र वाले पत्र के कुछ ही घंटों के भीतर जगदीश सोनकर का ट्रांसफर हो गया। भास्कर के पास मौजूद इस पत्र की कॉपी में स्पष्ट रूप से सरकारी आवक-जावक की सील भी लगी हुई है, जिससे पत्र की आधिकारिकता की पुष्टि होती है। पत्र में भ्रष्टाचार को "बड़ी हिंसा" कहकर लिखा गया है, और इसके साथ कुछ संस्कृत श्लोक भी अंकित हैं। साथ ही, पत्र में एक विशेष यंत्र का चित्र बनाया गया है जिसमें सोनकर की तस्वीर और कुछ पत्तियां व आकृतियां जोड़ी गई हैं।
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जगदीश सोनकर की कार्यशैली को लेकर पहले से ही स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच असंतोष था। खासकर स्वास्थ्य सेवा विभाग (डीएचएस) के साथ उनकी खींचतान कई मौकों पर सार्वजनिक हो चुकी थी। कई बार उन्होंने सीजीएमएससी और डीएचएस के आवश्यक फंड भी रोक दिए थे, जिससे विवाद पैदा हुआ था। इसी असंतोष के चलते, विभाग के अंदर उनकी आलोचना होती रही थी।
हालांकि, अपने कार्यकाल में सोनकर ने कई अहम फैसले भी लिए थे, जिनमें एसएचआरसी जैसी एनजीओ को हटाने जैसे साहसिक कदम भी शामिल थे। लेकिन इन सभी विवादों के बीच उनके अचानक हुए तबादले ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
एनएचएम के दफ्तर में आए इस पत्र में संस्कृत के श्लोक लिखे गए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार को हिंसा से जोड़कर दर्शाया गया है। पत्र की पहली पंक्ति "भ्रष्टाचार बहुत बड़ी हिंसा है" लिखी गई है। इसके साथ ही एक विशेष यंत्र (चित्र) बनाया गया है जिसमें जगदीश सोनकर की तस्वीर और कुछ अजीब सी आकृतियां भी जोड़ी गई हैं।
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इस मामले के सामने आने के बाद यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या सरकारी अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग जैसे मामलों में तंत्र-मंत्र का सहारा लिया जा सकता है? और अगर ऐसा हुआ है, तो इस तरह की घटनाएं क्या प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर अंधविश्वास का असर दिखा रही हैं? फिलहाल, इस अजीब मामले ने रायपुर के स्वास्थ्य विभाग के दफ्तरों में चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है। अब देखना होगा कि इस रहस्यमय पत्र की सच्चाई और उसके पीछे का मकसद क्या था, और यह कैसे एनएचएम डायरेक्टर के अचानक तबादले से जुड़ा हुआ है।
तंत्र-मंत्र का अंधविश्वास
यह मामला इसलिए भी सनसनीखेज बन गया है क्योंकि एनएचएम के दफ्तर में आए इस तंत्र-मंत्र वाले पत्र के कुछ ही घंटों के भीतर जगदीश सोनकर का ट्रांसफर हो गया। भास्कर के पास मौजूद इस पत्र की कॉपी में स्पष्ट रूप से सरकारी आवक-जावक की सील भी लगी हुई है, जिससे पत्र की आधिकारिकता की पुष्टि होती है। पत्र में भ्रष्टाचार को "बड़ी हिंसा" कहकर लिखा गया है, और इसके साथ कुछ संस्कृत श्लोक भी अंकित हैं। साथ ही, पत्र में एक विशेष यंत्र का चित्र बनाया गया है जिसमें सोनकर की तस्वीर और कुछ पत्तियां व आकृतियां जोड़ी गई हैं।
दिवाली की रात तंत्र साधना करने से मिलती हैं अद्भुत शक्तियां!
घर में गड़ा सोना, लालच में दादी का कत्ल कर खून से किया शिवलिंग अभिषेक
सोनकर की कार्यशैली पर पहले से सवाल
जगदीश सोनकर की कार्यशैली को लेकर पहले से ही स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच असंतोष था। खासकर स्वास्थ्य सेवा विभाग (डीएचएस) के साथ उनकी खींचतान कई मौकों पर सार्वजनिक हो चुकी थी। कई बार उन्होंने सीजीएमएससी और डीएचएस के आवश्यक फंड भी रोक दिए थे, जिससे विवाद पैदा हुआ था। इसी असंतोष के चलते, विभाग के अंदर उनकी आलोचना होती रही थी।
हालांकि, अपने कार्यकाल में सोनकर ने कई अहम फैसले भी लिए थे, जिनमें एसएचआरसी जैसी एनजीओ को हटाने जैसे साहसिक कदम भी शामिल थे। लेकिन इन सभी विवादों के बीच उनके अचानक हुए तबादले ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्र में तंत्र-मंत्र का जिक्र और श्लोक
एनएचएम के दफ्तर में आए इस पत्र में संस्कृत के श्लोक लिखे गए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार को हिंसा से जोड़कर दर्शाया गया है। पत्र की पहली पंक्ति "भ्रष्टाचार बहुत बड़ी हिंसा है" लिखी गई है। इसके साथ ही एक विशेष यंत्र (चित्र) बनाया गया है जिसमें जगदीश सोनकर की तस्वीर और कुछ अजीब सी आकृतियां भी जोड़ी गई हैं।
वो आपसे सुंदर हैं, बच्चा उन्हीं से करूंगी... देवर के साथ भागी महिला ने पति से कहा
उज्जैन में तंत्र-मंत्र के लिए काट दी कुत्ते की टांग, जानें क्या है पूरा मामला ?
आगे की जांच जरूरी
इस मामले के सामने आने के बाद यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या सरकारी अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग जैसे मामलों में तंत्र-मंत्र का सहारा लिया जा सकता है? और अगर ऐसा हुआ है, तो इस तरह की घटनाएं क्या प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर अंधविश्वास का असर दिखा रही हैं? फिलहाल, इस अजीब मामले ने रायपुर के स्वास्थ्य विभाग के दफ्तरों में चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है। अब देखना होगा कि इस रहस्यमय पत्र की सच्चाई और उसके पीछे का मकसद क्या था, और यह कैसे एनएचएम डायरेक्टर के अचानक तबादले से जुड़ा हुआ है।
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