चीन में दवा, भारत में तांत्रिक खेल: पैंगोलिन की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का पर्दाफाश
Aishwarya Dwivedi | Aug 23, 2026, 13:40 IST
रायपुर में पैंगोलिन तस्करी रैकेट का भंडाफोड़
छत्तीसगढ़ और ओडिशा में वन विभाग ने 200 किमी पीछा कर पैंगोलिन तस्करों का पर्दाफाश किया। तंत्र-मंत्र और चीनी दवाओं के लिए हो रही तस्करी में 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
समझें क्या है पूरा मामला
22 दिन का गुप्त ऑपरेशन
20 अगस्त को टीम ने तस्करों का पीछा शुरू किया। गरियाबंद से देवभोग और कालाहांडी होते हुए टीम ओडिशा पहुंची। नुआपाड़ा जिले के पालमा तक 200 किमी पीछा किया गया। रात 9 बजे सरकारी इंटेकवेल इमारत पर छापा मारा गया।
इंटेकवेल में छिपा था पैंगोलिन
पकड़े गए आरोपियों में पालमा के बालकृष्णा हाटी और सोनू हाटी शामिल हैं। गरियाबंद का रोशन ठाकुर भी पकड़ा गया है। यह गिरोह 9 अगस्त से खरीदार की तलाश में था। अब पुलिस इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
अंधविश्वास और अंतरराष्ट्रीय मांग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके शल्क (Scales) की भारी मांग है। चीन और वियतनाम की पारंपरिक दवाओं में इसका इस्तेमाल होता है। पैंगोलिन के शल्क केराटिन (Keratin) से बने होते हैं। इनसे खून साफ करने और ताकत बढ़ाने के झूठे दावे किए जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी के दो मुख्य रूट
मध्य प्रदेश एसटीएफ (STF – Special Task Force) ने 2014 में बड़ी जांच शुरू की थी। इस दौरान 189 से अधिक तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR – Udanti Sitanadi Tiger Reserve) का गलियारा महाराष्ट्र से ओडिशा तक फैला है। इसलिए यह क्षेत्र तस्करों के निशाने पर रहता है।
पैंगोलिन बचाव के आंकड़े
ओडिशा और छत्तीसगढ़ सीमा से सात किलो शल्क के साथ जीवित पैंगोलिन बचाया गया। मिजोरम सीमा पर म्यांमार ले जाते समय 64 किलो शल्क पकड़ा गया। ट्रेन के जरिए तस्करी करते हुए 220 किलो शल्क भी मिला।
FAQ
- पैंगोलिन की तस्करी क्यों की जाती है?
उत्तर: पैंगोलिन की तस्करी अंधविश्वास के कारण तांत्रिक पूजा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पारंपरिक दवाओं के लिए की जाती है। इसके शल्क चीन और वियतनाम में महंगे दामों पर बिकते हैं। - पैंगोलिन बचाव ऑपरेशन में कितने आरोपी पकड़े गए?
उत्तर: 22 दिनों तक चले इस संयुक्त ऑपरेशन में कुल 5 आरोपियों और बिचौलियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के निवासी शामिल हैं। - पैंगोलिन खुद का बचाव कैसे करता है?
उत्तर: पैंगोलिन किसी पर हमला नहीं करता। खतरा महसूस होते ही वह खुद को समेटकर फुटबॉल या गेंद की तरह गोल बना लेता है।
यह खबरें भी पढ़ें...
NH 43 Road Condition : गड्ढे में VIP कार फंसी तो जागी सरकार, शुरू हुआ पेंच वर्क
कृषि कॉलेज पेपर लीक : सुई-कैमरे से चुराया पर्चा, चैटजीपीटी से बनाए उत्तर
छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में मिलेगा 10% आरक्षण
डॉन अबू सलेम, आतंकवादी कसाब, एक्टर संजय दत्त के केस पर पूर्व शासकीय वकील निकम ने खोले राज
By Sanjay Gupta
सीकर में ASI ने पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए छोड़ी पुलिस की नौकरी, 13 साल सर्विस थी बाकी
By Ashish Bhardwaj
छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच बनाने की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब
By Harrison Masih
पहले मंत्री विजयवर्गीय की बैठक में नहीं गईं विधायक मालिनी गौड़, फिर उनकी ही विधानसभा में उठाया पानी की किल्लत का मुद्दा
By Sanjay Gupta
Rajasthan School Exam: अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, CBA भी इसी अवधि में
By Jageshwar prasad
नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका शव, लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश, फिर दर्ज कराई गुमशुदगी
By Manya Jain
MP में गहराया बिजली का संकट: 17 हजार मेगावाट पार डिमांड, किसानों के सामने आई सिंचाई की परेशानी
By Manya Jain