आंध्र प्रदेश के फैसले से छत्तीसगढ़ में खौफ, पोलावरम प्रोजेक्ट से डूबेंगे 18 गांव
Harrison Masih | Aug 12, 2026, 14:03 IST
आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़ पोलावरम प्रोजेक्ट विवाद
पोलावरम परियोजना को जून 2027 तक पूरा करने के आंध्र प्रदेश सरकार के ऐलान से छत्तीसगढ़ में चिंता बढ़ गई है। सर्वे के मुताबिक कोंटा नगर पंचायत समेत 18 गांव डूब क्षेत्र में आ सकते हैं और करीब 15 हजार लोग प्रभावित हो सकते हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
इस ऐलान ने छत्तीसगढ़ के कोंटा क्षेत्र में बसे सुकमा जिले की कोंटा जनपद पंचायत और आसपास के 18 गांवों की नींद उड़ा दी है।
साल 2018 के एक प्राथमिक सर्वे के मुताबिक इस परियोजना के तहत कोंटा नगर पंचायत समेत कुल 18 गांव डूब क्षेत्र में आ जाएंगे। इससे करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित होगी।
प्रशासन के पास न सटीक सर्वे, न जनसुनवाई
अब तक न तो पर्याप्त सर्वे हुआ है और न ही जन सुनवाई की गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग है कि जब आंध्र प्रदेश सरकार 2027 में पानी रोकने की अंतिम तैयारी में जुटी है, तो ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को बिना देरी नए सिरे से जलभराव का वास्तविक आकलन कराना चाहिए।
पोलावरम प्रोजेक्ट विवाद
समानांतर चलेगा डायाफ्राम वॉल और डैम का काम
अर्थ-कम-रॉकफिल डैम यानी ईसीआरएफ (Earth-cum-Rockfill Dam) के निर्माण कार्य में भी दो साल का समय तय किया गया है। दोनों प्रमुख निर्माण कार्यों को समानांतर चलाकर जुलाई 2027 तक कंटूर लेवल 41.15 मीटर तक जलभराव कर लिया जाएगा।
डैम का बायां नहर वाला हिस्सा पहले ही 77% पूरा
यानी परियोजना के एक बड़े हिस्से पर काम पहले से तेजी से चल रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ की तरफ इसके असर को लेकर तैयारी अभी शुरुआती चरण में भी नहीं पहुंच पाई है।
अब आगे क्या
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मांग है कि राज्य सरकार जल्द से जल्द सटीक सर्वे, जनसुनवाई और पुनर्वास योजना पर काम शुरू करे, ताकि प्रभावित परिवारों को समय रहते राहत मिल सके।
FAQ
- पोलावरम परियोजना विवाद क्या है?
पोलावरम परियोजना को लेकर मुख्य विवाद इसके जलभराव और डूब क्षेत्र को लेकर है। परियोजना के कारण छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र के 18 गांव प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। - पोलावरम डैम से छत्तीसगढ़ के कितने गांव प्रभावित होंगे?
साल 2018 के प्राथमिक सर्वे के मुताबिक कोंटा नगर पंचायत समेत कुल 18 गांव डूब क्षेत्र में आ सकते हैं। इससे करीब 15 हजार आबादी प्रभावित होने की आशंका है।
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