शराब घोटाले के दोषी अफसरों को प्रमोशन की तैयारी, डीपीसी के लिए प्रस्ताव भेजा गया
Krishna Kumar Sikander | Jun 11, 2025, 13:51 IST
Preparations for promotion of officers guilty of liquor scam, proposal sent for DPC the sootr
छत्तीसगढ़ में पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुए 2200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में लिप्त पाए गए करीब एक दर्जन आबकारी अफसरों को पदोन्नति देने की कवायद शुरू हो गई है। जल्द ही इस पर पीएससी में डीपीसी की बैठक होने वाली है।
छत्तीसगढ़ में पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुए 2200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में लिप्त पाए गए करीब एक दर्जन आबकारी अफसरों को पदोन्नति देने की कवायद शुरू हो गई है। आबकारी विभाग ने सहायक आयुक्त से उपायुक्त और जिला आबकारी अधिकारी से सहायक आयुक्त के पदों पर प्रमोशन के लिए प्रस्ताव तैयार कर राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) को भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इस पर पीएससी में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक होने वाली है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
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जानकारी के मुताबिक, इस घोटाले का खुलासा आयकर विभाग ने किया था, जिसके बाद मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपा गया। ईडी और आयकर विभाग की जांच में 55 से अधिक अधिकारियों को दोषी पाया गया। इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने भी जांच की और दोष सिद्ध किया। एसीबी ने दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा, जिसे विधि विभाग ने हाल ही में मंजूरी दी। लेकिन दूसरी ओर, आबकारी विभाग ने इन अफसरों के प्रमोशन का प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय (महानदी भवन) भेजा, जिसे स्वीकृति मिल गई।
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सूत्र बताते हैं कि यह प्रस्ताव विशेष सचिव ने तैयार किया, जिस पर सचिव, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल चुकी है। यह प्रक्रिया ई-ऑफिस के जरिए ऑनलाइन पूरी की गई। हालांकि, मंत्रालय के जानकारों का कहना है कि सामान्य तौर पर विभागीय जांच के दायरे में आए अफसरों को पदोन्नति नहीं दी जाती। इस मामले में प्रमोशन की फाइल को मंजूरी मिलने से कई सवाल उठ रहे हैं।
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इस मुद्दे ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है। अब सवाल यह है कि क्या आबकारी विभाग का प्रस्ताव डीपीसी में पास होगा या राज्य सरकार इस प्रस्ताव को वापस लेगी। इस मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
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55 से अधिक अधिकारी दोषी
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विशेष सचिव ने बनाया प्रमोशन का प्रस्ताव
सूत्र बताते हैं कि यह प्रस्ताव विशेष सचिव ने तैयार किया, जिस पर सचिव, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल चुकी है। यह प्रक्रिया ई-ऑफिस के जरिए ऑनलाइन पूरी की गई। हालांकि, मंत्रालय के जानकारों का कहना है कि सामान्य तौर पर विभागीय जांच के दायरे में आए अफसरों को पदोन्नति नहीं दी जाती। इस मामले में प्रमोशन की फाइल को मंजूरी मिलने से कई सवाल उठ रहे हैं।
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कांग्रेस को सरकार पर हमला करने का मौका
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FAQ
- 2200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में कितने अधिकारियों को दोषी पाया गया है और जांच किस-किस एजेंसी ने की?
इस घोटाले में 55 से अधिक अधिकारियों को दोषी पाया गया है। जांच आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने की थी। - क्या जिन अधिकारियों पर आरोप हैं, उन्हें पदोन्नति दी जा रही है?
हाँ, आबकारी विभाग ने सहायक आयुक्त से उपायुक्त और जिला आबकारी अधिकारी से सहायक आयुक्त के पदों पर पदोन्नति के लिए प्रस्ताव तैयार कर डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) के लिए भेजा है, जबकि वे अधिकारी अभी जांच के दायरे में हैं। - इस प्रमोशन प्रस्ताव पर किस स्तर तक स्वीकृति मिल चुकी है?
इस प्रमोशन प्रस्ताव को विशेष सचिव ने तैयार किया, जिसे सचिव, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री तक की स्वीकृति मिल चुकी है। यह प्रक्रिया ई-ऑफिस के जरिए ऑनलाइन पूरी की गई है।
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