फर्जी डिग्री वाले छत्तीसगढ़ संवाद के प्रकाशन विशेषज्ञ, अनुभव न योग्यता
Arun Tiwari | Jan 03, 2025, 18:48 IST
Public Relations Department sanvaad Publication Expert Investigation Report the sootr
छत्तीसगढ़ संवाद के प्रकाशन विशेषज्ञ बिना डिग्री के पिछले 25 सालों से काम कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट में यह साफ है कि प्रकाशन विशेषज्ञ के पास न तो कोई विशेषज्ञता थी और न ही पद के लिए मांगी गई डिग्री और अनुभव।
रायपुर. छत्तीसगढ़ संवाद के प्रकाशन विशेषज्ञ बिना डिग्री के पिछले 25 सालों से काम कर रहे हैं। प्रकाशन विशेषज्ञ सब्यसाची कर के खिलाफ जब सरकार के पास शिकायतें आईं तो उन पर जांच शुरु हुई। यह जांच सब्यसाची कर की नौकरी के 13 सालों बाद शुरु हुई। सरकार ने जनसंपर्क अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम बनाई और सब्यसाची के डिग्री और अनुभव की जांच का जिम्मा सौंपा।
कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि की पिटाई...गाल पर चांटे बरसाए,देखें वीडियो
जांच समिति ने सब्यसाची के दस्तावेजों की जांच की तो सब कुछ सामने आ गया। जांच रिपोर्ट में यह साफ है कि प्रकाशन विशेषज्ञ के पास न तो कोई विशेषज्ञता थी और न ही पद के लिए मांगी गई डिग्री और अनुभव। सब्यसाची ने अपनी इन डिग्रियों के सहारे यह पद पा लिया। सब्यसाची का मामला कोर्ट में है और उनकी नौकरी बदस्तूर जारी है। द सूत्र के पास जांच समिति का पूरा प्रतिवेदन है जिसमें सब्यसाची की डिग्रियों को अमान्य किया गया है।
विष्णु सरकार आते ही गोबर में मिल गई भूपेश की सबसे पसंदीदा योजना
सब्यसाची कर के खिलाफ साल 2013 में पांच अलग_अलग शिकायतें मिलीं। इनमें शिकायत की गई कि सब्यसाची कर ने फर्जी डिग्री और अनुभव प्रमाण पत्र के सहारे संवाद में प्रकाशन विशेषज्ञ की नौकरी हासिल की है। इन शिकायतों के बाद जनसंपर्क विभाग ने तीन अधिकारियों की जांच समिति बनाई।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से सीनियर इंस्पेक्टर ने मांगे 2 लाख, ACB ने पकड़ा
इस समिति में विभाग के अपर संचालक स्वराज कुमार दास,अपर संचालक जवाहर लाल दरियो और अपर संचालक पूरनलाल वर्मा शामिल थे। साल 2001 में संवाद ने एक विज्ञापन जारी किया जिसमें प्रकाशन विशेषज्ञ के पद के लिए प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में फर्स्ट डिवीजन डिग्री या डिप्लोमा, प्रबंधकीय कार्य में पांच साल का अनुभव,ग्राफिक्स डिजाइनिंग में दक्षता और बेव डिजाइन में काम का अनुभव मांगा गया।
रेपिस्ट के बच्चे को जन्म देना मजबूरी नहीं...नाबालिग का होगा अबॉर्शन
जांच समिति ने सब्यसाची के डिग्री,डिप्लोमा और अनुभव संबंधी सभी बिंदुओं पर पड़ताल की। सब्यसाची के प्रमाणपत्रों की जांच में ये बातें सामने आईं।
सब्यसाची कर ने कहा कि उनका मामला अदालत में है इसलिए इस पर कोई जांच न की जाए। इस पर समिति ने कहा कि कोर्ट ने विभागीय जांच पर न तो कोई रोक लगाई है और न ही जांच न करने का आदेश या निर्देश दिया है। इसलिए सब्यसाची कर के जांच न करने के आवेदन को मान्य नहीं किया जा सकता। इस जांच समिति के प्रतिवेदन के बाद भी नतीजा वही निकला ढाक के तीन पात।
कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि की पिटाई...गाल पर चांटे बरसाए,देखें वीडियो
जांच समिति ने सब्यसाची के दस्तावेजों की जांच की तो सब कुछ सामने आ गया। जांच रिपोर्ट में यह साफ है कि प्रकाशन विशेषज्ञ के पास न तो कोई विशेषज्ञता थी और न ही पद के लिए मांगी गई डिग्री और अनुभव। सब्यसाची ने अपनी इन डिग्रियों के सहारे यह पद पा लिया। सब्यसाची का मामला कोर्ट में है और उनकी नौकरी बदस्तूर जारी है। द सूत्र के पास जांच समिति का पूरा प्रतिवेदन है जिसमें सब्यसाची की डिग्रियों को अमान्य किया गया है।
विष्णु सरकार आते ही गोबर में मिल गई भूपेश की सबसे पसंदीदा योजना
शिकायतों के बाद बनी जांच समिति
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से सीनियर इंस्पेक्टर ने मांगे 2 लाख, ACB ने पकड़ा
इस समिति में विभाग के अपर संचालक स्वराज कुमार दास,अपर संचालक जवाहर लाल दरियो और अपर संचालक पूरनलाल वर्मा शामिल थे। साल 2001 में संवाद ने एक विज्ञापन जारी किया जिसमें प्रकाशन विशेषज्ञ के पद के लिए प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में फर्स्ट डिवीजन डिग्री या डिप्लोमा, प्रबंधकीय कार्य में पांच साल का अनुभव,ग्राफिक्स डिजाइनिंग में दक्षता और बेव डिजाइन में काम का अनुभव मांगा गया।
रेपिस्ट के बच्चे को जन्म देना मजबूरी नहीं...नाबालिग का होगा अबॉर्शन
जांच समिति की जांच रिपोर्ट
- प्रिंटिंग टैक्नोलॉजी की डिग्री या डिप्लोमा नहीं : सब्यसाची ने ग्राफिक्स डिजाइनिंग में नेशनल डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्राप्त किया है लेकिन प्रिटिंग टैक्नोलॉजी विशेषज्ञता से संबंधित फर्स्ट डिग्री का उनके पास कोई डिप्लोमा या डिग्री नहीं है। सब्यसाची ने कहा कि ग्राफिक्स डिजाइनिंग में ही प्रिंटिंग टैक्नोलॉजी शामिल है। लेकिन जांच समिति ने इसको नहीं माना। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सब्याची के पास प्रिंटिग टैक्नोलॉजी से विशेषज्ञता से संबंधित डिग्री या डिप्लोमा नहीं है इसलिए वे प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नहीं हैं।
- डिप्लोमा बीटीईसी सिर्फ लर्निंग प्रोग्राम : सब्यसाची कर के रग्बी कॉलेज ऑफ फादर एजुकेशन से किए गए बीटीईसी कोर्स की जांच करने पर समिति ने पाया कि यह सिर्फ लर्निंग प्रोग्राम है। यह बैचलर ऑफ टैक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग कोर्स नहीं है। यह कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं है।
- मार्कशीट में अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर नहीं : सब्यासाची कर की नॉटीफिकेशन ऑफ परफॉर्मेंस ऑन बीटीईसी एप्रूव्ड प्रोग्राम की मार्कशीट में संबंधित प्राधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे।
- 3 साल की संस्था ने दिया 5 साल का अनुभव प्रमाणपत्र : सब्यसाची ने युगबोध डिजिटल प्रिंटर्स संस्था में काम करने का पांच साल का अनुभव प्रमाणपत्र दिया। जब इसकी जांच की गई तो पाया गया कि इस संस्था का रजिस्ट्रेशन ही तीन साल पहले हुआ है तो पांच साल का अनुभव कैसे प्राप्त किया जा सकता है।
कोर्ट ने नहीं लगाई जांच पर रोक
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari