बेडरूम में बॉयफ्रेंड को न्यूड वीडियो कॉल करती थी पत्नी, पति ने दिखाए CCTV फुटेज, हाईकोर्ट ने दिया ये फैसला
Harrison Masih | Jan 27, 2026, 18:55 IST
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से जुड़े तलाक विवाद में हाईकोर्ट ने महासमुंद फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। पति द्वारा पेश किए गए CCTV फुटेज को 65-B सर्टिफिकेट के अभाव में खारिज करने को गलत बताते हुए कोर्ट ने दोबारा सुनवाई के आदेश दिए हैं।
NEWS IN SHORT
- रायगढ़ के पति ने पत्नी पर बॉयफ्रेंड से न्यूड वीडियो कॉल का आरोप लगाया।
- पति ने सबूत के तौर पर CCTV फुटेज हाईकोर्ट में पेश किए।
- पत्नी का आरोप—पति ने बेडरूम में गुपचुप कैमरे लगाकर निगरानी की।
- हाईकोर्ट ने महासमुंद फैमिली कोर्ट का आदेश निरस्त किया।
- केस की दोबारा सुनवाई और CCTV CD को रिकॉर्ड पर लेने का निर्देश।
NEWS IN DETAIL
तलाक विवाद पहुंचा हाईकोर्ट
पति ने आरोपों के समर्थन में बेडरूम में लगाए गए CCTV कैमरों की फुटेज CD के रूप में पेश की। वहीं पत्नी ने पलटवार करते हुए कहा कि पति उसकी निजी जिंदगी पर नजर रखने के लिए कमरे में गुप्त रूप से कैमरे लगवाता था।
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फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द
जस्टिस संजय के. अग्रवाल और अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को केवल 65-B सर्टिफिकेट के अभाव में खारिज नहीं किया जा सकता। फैमिली कोर्ट एक्ट के तहत कोर्ट को व्यापक अधिकार प्राप्त हैं।
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दोबारा सुनवाई के आदेश
Sootr Knowledge
- फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 कोर्ट को लचीली प्रक्रिया अपनाने की अनुमति देता है।
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य आमतौर पर धारा 65-B के तहत प्रस्तुत किए जाते हैं।
- हाईकोर्ट फैमिली कोर्ट के आदेशों की न्यायिक समीक्षा कर सकता है।
- दांपत्य अधिकारों की बहाली और तलाक अलग-अलग कानूनी उपाय हैं।
- वैवाहिक मामलों में गोपनीयता एक संवेदनशील मुद्दा होता है।
IMP FACTS
- मामला: तलाक और दांपत्य अधिकारों का विवाद
- जिला: रायगढ़ / महासमुंद
- कोर्ट: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- बेंच: जस्टिस संजय के. अग्रवाल, अरविंद कुमार वर्मा
- केस लंबित अवधि: 4 साल से अधिक
आगे क्या
- महासमुंद फैमिली कोर्ट में केस की दोबारा सुनवाई होगी।
- CCTV फुटेज को साक्ष्य के रूप में परखा जाएगा।
- दोनों पक्षों के आरोपों पर नए सिरे से फैसला होगा।
निष्कर्ष
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