फूलोदेवी नेताम को कांग्रेस दोबारा भेजेगी राज्यसभा, बस्तर,आदिवासी और महिला फैक्टर ने बनाया उम्मीदवार
Arun Tiwari | Mar 05, 2026, 11:43 IST
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छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर फूलो देवी नेताम को उम्मीदवार बनाया है। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। राज्यसभा की दो सीटों में से एक सीट कांग्रेस और एक भाजपा के खाते में जाने की संभावना है।
Raipur. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने एक बार फिर फूलो देवी नेताम पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है।
वर्तमान में उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है। लेकिन उनकी सक्रिय राजनीति और संगठन में भूमिका को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, नामांकन पत्र जमा करने का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक है।
ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व पर समय रहते निर्णय लेने का दबाव था। छत्तीसगढ़ में महिला ताकत दिखाई दी है। बीजेपी ने भी लक्ष्मी वर्मा को अपना राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान ने कई संभावित नामों पर मंथन किया। चर्चा में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, मौजूदा राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नाम शामिल थे।
संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फूलो देवी नेताम के नाम पर सहमति बनी। कांग्रेस का यह रणनीतिक फैसला है। फूलोदेवी को चुने जाने में तीन फैक्टर बस्तर,आदिवासी और महिला ने काम किया है
फूलो देवी नेताम वर्तमान में छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य भी रह चुकी हैं और बस्तर क्षेत्र की एक वरिष्ठ आदिवासी नेता के रूप में उनकी पहचान है।
सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर मुखर रहने वाली नेताम को कांग्रेस ने वर्ष 2020 में राज्यसभा भेजा था। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है।
राज्यसभा चुनाव की स्थिति पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा के पास 54 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत है। जबकि कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं। ऐसे में राज्यसभा की दो रिक्त सीटों में से एक सीट कांग्रेस और एक सीट भाजपा के खाते में जाने वाली है। भाजपा ने भी इस बार महिला प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा को मैदान में उतारा है। इसके जवाब में कांग्रेस ने भी महिला उम्मीदवार घोषित कर राजनीतिक मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर सिर्फ नाम नहीं चुना, बल्कि एक सोची समझी रणनीति पर काम किया है।
- आदिवासी और बस्तर क्षेत्र को संदेश :
फूलो देवी नेताम बस्तर संभाग से आने वाली वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आदिवासी वोट बैंक निर्णायक माना जाता है। उन्हें उम्मीदवार बनाकर कांग्रेस ने आदिवासी समाज को यह संदेश दिया है कि पार्टी उनकी आवाज को राष्ट्रीय मंच पर प्राथमिकता देती है।
- महिला नेतृत्व पर भरोसा :
भाजपा द्वारा महिला प्रत्याशी उतारे जाने के बाद कांग्रेस का महिला उम्मीदवार चुनना राजनीतिक रूप से अहम हो गया था। फूलो देवी का महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष होना इस फैसले को और रणनीतिक बनाता है।
राज्य में पहले से ही राज्यसभा जाने के लिए टीएस सिंहदेव और दीपक बैज जैसे बड़े चेहरे सक्रिय रहे हैं। ऐसे में राज्यसभा के लिए नेताम को चुनकर कांग्रेस ने गुटबाजी से बचते हुए संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।
जब भाजपा ने महिला उम्मीदवार उतारा, तो कांग्रेस ने भी महिला चेहरे को आगे कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। साथ ही सामाजिक न्याय बनाम सत्ता की राजनीति का नैरेटिव खड़ा किया। कुल मिलाकर कांग्रेस ने आदिवासी, महिला, अनुभव के साथ भाजपा के नैरेटिव को काउंटर करना है।
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वर्तमान में उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है। लेकिन उनकी सक्रिय राजनीति और संगठन में भूमिका को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
नामांकन का आखिरी दिन :
ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व पर समय रहते निर्णय लेने का दबाव था। छत्तीसगढ़ में महिला ताकत दिखाई दी है। बीजेपी ने भी लक्ष्मी वर्मा को अपना राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
टीएस और बैज भी थे दौड़ में :
संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फूलो देवी नेताम के नाम पर सहमति बनी। कांग्रेस का यह रणनीतिक फैसला है। फूलोदेवी को चुने जाने में तीन फैक्टर बस्तर,आदिवासी और महिला ने काम किया है
ये हैं फूलो देवी नेताम:
सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर मुखर रहने वाली नेताम को कांग्रेस ने वर्ष 2020 में राज्यसभा भेजा था। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है।
ये है राज्यसभा चुनाव की स्थिति:
फूलोदेवी नेताम ही क्यों :
- आदिवासी और बस्तर क्षेत्र को संदेश :
फूलो देवी नेताम बस्तर संभाग से आने वाली वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आदिवासी वोट बैंक निर्णायक माना जाता है। उन्हें उम्मीदवार बनाकर कांग्रेस ने आदिवासी समाज को यह संदेश दिया है कि पार्टी उनकी आवाज को राष्ट्रीय मंच पर प्राथमिकता देती है।
- महिला नेतृत्व पर भरोसा :
भाजपा द्वारा महिला प्रत्याशी उतारे जाने के बाद कांग्रेस का महिला उम्मीदवार चुनना राजनीतिक रूप से अहम हो गया था। फूलो देवी का महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष होना इस फैसले को और रणनीतिक बनाता है।
संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश:
बीजेपी की रणनीति के जवाब में सेफ चॉइस :
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