राहुल के बाद वेणुगोपाल की चेतावनी, जिला अध्यक्षों से कहा काम करो वर्ना आउट
Arun Tiwari | Jun 26, 2026, 18:56 IST
राहुल के बाद वेणुगोपाल की दोटूक
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जिला अध्यक्षों को प्रदर्शन सुधारने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां स्थायी नहीं हैं। अगले छह महीने में कामकाज की समीक्षा होगी। संगठन विस्तार में कमजोर अध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जाएगा।
समझें क्या है पूरा मामला
उन्होंने कहा कि काम करो नहीं तो आउट कर दिए जाओगे। दिल्ली से ही उनके हर काम को देखा जा रहा है। अगले छह महीने में यह तय हो जाएगा कि कौन रहेगा और कौन बाहर जाएगा। इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि काम के आधार पर कोई भी आगे निकल सकता है।
यह कुर्सी परमानेंट नहीं
उन्होंने संकेत दिया कि अगले छह महीने जिला अध्यक्षों के लिए परीक्षा की अवधि होगी और उनके प्रदर्शन के आधार पर ही भविष्य तय किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण शिविर में वेणुगोपाल ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों से साफ शब्दों में कहा कि संगठन सृजन अभियान के तहत हुई नियुक्तियां स्थायी नहीं मानी जाएंगी।
संगठन प्रत्येक जिलाध्यक्ष के कामकाज, सक्रियता, जनसंपर्क, संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती और जनआंदोलनों में भागीदारी की नियमित समीक्षा करेगा। जो नेता तय मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें पद से हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
परफॉर्मेंस पर टिकी है कुर्सी
पार्टी के भीतर इस नए फार्मूले को वर्क ऑर आउट मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी अब केवल गुटीय समीकरणों के आधार पर संगठन नहीं चलाना चाहती। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ऐसे नेताओं को आगे लाना चाहती है
जो लगातार जनता के बीच सक्रिय रहें और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें। यही कारण है कि प्रशिक्षण शिविर के दौरान जिला अध्यक्षों को गांव-गांव जाकर जनसंवाद करने, स्थानीय मुद्दों को समझने और उनकी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी जा रही है।
चुनावी मोड में कांग्रेस
इसी रणनीति के तहत उन्हें नियमित फील्ड विजिट और संगठन विस्तार के लक्ष्य भी दिए जा रहे हैं। प्रशिक्षण शिविर से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए बड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि भविष्य का भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव या चरणदास महंत इन्हीं जिला अध्यक्षों की कतार से निकल सकता है।
अब केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी के संदेश को आगे बढ़ाते हुए उसका दूसरा पक्ष भी स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि बड़ा नेता बनने का रास्ता केवल पद से नहीं, बल्कि प्रदर्शन और मेहनत से होकर गुजरता है। संगठन में निष्क्रियता के लिए कोई जगह नहीं होगी और केवल वही नेता आगे बढ़ेंगे जो जमीन पर काम करके अपनी क्षमता साबित करेंगे।
दूसरे राज्यों में भी यही मॉडल
उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर से लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी तक संगठन को मजबूत करना है। अभनपुर का प्रशिक्षण शिविर भी इसी राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब संगठन में पद प्रतिष्ठा से ज्यादा महत्व प्रदर्शन का होगा।
अगले छह महीने नए जिला अध्यक्षों के लिए केवल संगठन चलाने का नहीं, बल्कि खुद को साबित करने का भी समय होगा। उनका रिपोर्ट कार्ड ही तय करेगा कि वे भविष्य में कांग्रेस संगठन की नई नेतृत्व टीम का हिस्सा बनेंगे या फिर उनकी जगह किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा।
IMP FACTS
अगले 6 महीने का प्रदर्शन समीक्षा पीरियड तय किया गया
संगठन में नियुक्तियां स्थायी नहीं मानी जाएंगी
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
कमजोर प्रदर्शन पर पद से हटाने और नए चेहरों को मौका देने का संकेत
राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने एक ही सख्त संदेश दिया
पूरा फोकस अब 2026 चुनावी तैयारी और ग्राउंड एक्टिविटी पर है
FAQ
- कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों को क्या चेतावनी दी?
जिला अध्यक्षों को कहा गया है कि प्रदर्शन के आधार पर ही पद पर बने रहेंगे। - कितने समय में प्रदर्शन की समीक्षा होगी?
अगले छह महीने में सभी जिला अध्यक्षों का कामकाज आंका जाएगा। - पार्टी का नया फोकस क्या है?
कांग्रेस अब बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और जमीनी सक्रियता बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
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