/sootr/media/media_files/2025/08/29/raipur-niti-aayog-mentorship-education-skill-development-2025-the-sootr-2025-08-29-20-46-13.jpg)
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नीति आयोग की ओर से राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के दूसरे और तीसरे सत्र में उच्च शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता में "मेंटरशिप" की अहमियत पर गहराई से चर्चा हुई।
उच्च शिक्षा में मेंटरशिप की जरूरत
दूसरे सत्र में यह विचार रखा गया कि उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और सबके लिए समान अवसरों वाला बनाने में मेंटरशिप बड़ी भूमिका निभा सकती है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. संजय कुमार और आईआईएम लखनऊ की प्रो. पुष्पेंद्र प्रियदर्शी ने सत्र का संचालन किया।
इसमें बताया गया कि कमजोर वर्गों और पिछड़े इलाकों के छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और आत्मविश्वास देने के लिए मजबूत मेंटरशिप ढांचा तैयार करना जरूरी है। यूजीसी और एआईसीटीई के अधिकारियों ने बताया कि तकनीक की मदद से मेंटरशिप को और प्रभावी बनाया जा सकता है। केरल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उदाहरण साझा करते हुए कहा गया कि भारत में भी ऐसे मॉडल अपनाकर शिक्षा में समान अवसर दिए जा सकते हैं।
ये खबर भी पढ़ें... नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री, बताएंगे विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप
कौशल विकास और उद्यमिता में मेंटरशिप
तीसरे सत्र में कौशल विकास और उद्यमिता (Entrepreneurship) के क्षेत्र में मेंटरशिप की भूमिका पर चर्चा हुई। इस सत्र का संचालन एनआईईएसबीयूडी की महानिदेशक डॉ. पूनम सिन्हा और यूपी स्किल डेवलपमेंट मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने किया।
विशेषज्ञों ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता से भी जुड़नी चाहिए। ओडिशा और तेलंगाना राज्यों के उदाहरण रखते हुए बताया गया कि वहां स्थानीय जरूरतों के अनुसार बनाए गए मॉडल से युवाओं को रोजगार और व्यवसाय दोनों के मौके मिले हैं।
उद्यमिता पर जोर देते हुए कहा गया कि यदि युवाओं को सही समय पर मार्गदर्शन और सहयोग मिल जाए तो वे नवाचार (Innovation) और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।
ये खबर भी पढ़ें... NHM कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, काम पर नहीं लौटे तो समाप्त हो जाएगी सेवा
रायपुर में नीति आयोग की कार्यशाला के 5 मुख्य बिंदु
|
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 28 अधिकारियों को मिली बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत
नीति आयोग की पहल
विशेषज्ञों की राय के आधार पर नीति आयोग ने कहा कि अब भारत में एक मजबूत राष्ट्रीय मेंटरशिप ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने समापन भाषण में कहा कि चाहे उच्च शिक्षा हो या कौशल विकास, हर स्तर पर मेंटरशिप की जरूरत है। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस कार्यशाला का मुख्य संदेश यही रहा कि मेंटर्शिप (मार्गदर्शन) शिक्षा और कौशल विकास का सबसे मजबूत आधार है। यह छात्रों और युवाओं को आत्मविश्वास, अवसर और प्रेरणा देता है और उनके करियर को सही दिशा दिखाता है।Niti Aayog workshop Raipur
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔरएजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧