रेव पार्टी का शौकीन रायपुर, फॉर्महाउस में छलकते है जाम और चलता है दम मारो दम

Arun Tiwari | Jun 23, 2026, 14:42 IST
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रायपुर बना रेव सिटी
रायपुर बना रेव सिटी

रायपुर में रेव पार्टी कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। शहर और आसपास के फॉर्महाउसों में देर रात तक होने वाली इन पार्टियों में शराब, नशा और कभी-कभी जुए की शिकायतें मिलती हैं। पुलिस ने कई बार कार्रवाई कर युवाओं को पकड़ा है।

Raipur : छत्तीसगढ़ भले ही पिछड़ा और आदिवासी प्रदेश माना जाता रहा हो लेकिन अब ऐसा नहीं है। राजधानी रायपुर अब रेव सिटी बन गई है। रेव पार्टियों का कल्चर अब तक मेट्रो सिटी में ही देखा जाता रहा है लेकिन अब रायपुर में भी खूब रेव पार्टियां हो रही हैं। इन रेव पार्टियों में हाईप्रोफाइल युवा आते हैं।

इनमें युवक और युवतियां शामिल हैं। और इनमें नशा भी खूब चलता है। इनमें जाम भी छलकते है और दम मारो दम भी होता है। पुलिस का रिकॉर्ड बताता है कि पिछले एक दो सालों में रायपुर के फॉर्म हाउस रेव पार्टियों से गुलजार रहे हैं।

अवैध रुप से होने वाली इन पार्टियों में शराबखोरी,तंबाकू और अन्य नशा भी चलता है। यहां पर जुआ भी खेला जाता है। पुलिस ने 20-22 साल के लड़कों पर कार्रवाई भी की है। पुलिस मानती है कि अवैध पार्टी, रेव पार्टी, शराबखोरी की शिकायतों पर कानूनन कार्रवाई की गई है।

फॉर्महाउसों में नशे की महफिल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तेजी से बदलते शहरी माहौल के साथ एक नई सामाजिक चुनौती का सामना कर रही है। कभी शांत और पारंपरिक जीवनशैली के लिए पहचाने जाने वाले रायपुर में अब रेव पार्टी कल्चर तेजी से पांव पसार रहा है। शहर और उसके आसपास स्थित फॉर्महाउसों में देर रात तक चलने वाली पार्टियां पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इन आयोजनों में शराब, तंबाकू उत्पादों और अन्य नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसी पार्टियों पर कार्रवाई की गई है, जहां बिना अनुमति के बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी पाई गई। इनमें से कई आयोजन शहर से दूर स्थित निजी फॉर्महाउसों में किए गए, जहां तेज संगीत, शराबखोरी और अन्य गतिविधियां देर रात तक चलती रहीं। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर ऐसे आयोजनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

इन फॉर्म हाउस में हुईं रेव पार्टियां

श्रीराम फॉर्म हाउस - कार्रवाई 25 अप्रैल 2024 - तीन युवा गिरफ्तार
सतपाल फॉर्म हाउस - कार्रवाई 3 सितंबर 2024 - एक आरोपी गिरफ्तार
सतपाल फॉर्म हाउस - कार्रवाई 15 नवंबर 2024 - पांच आरोपी गिरफ्तार
सतपाल फॉर्म हाउस - कार्रवाई 15 नवंबर 2024 - सात आरोपी गिरफ्तार
आदित्य फॉर्म हाउस - कार्रवाई 7 मई 2025 - दो आरोपी गिरफ्तार
आदित्य फॉर्म हाउस - कार्रवाई 7 मई 2025 - एक आरोपी गिरफ्तार
जेडी फॉर्म हाउस - कार्रवाई 18 दिसंबर 2025 - 15 युवक 7 युवतियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही

हुस्न सुंदरी नव्या करती थी ड्रग्स सप्लाई

रायपुर पुलिस के गिरफ्त में आई हुस्न सुंदरी और ड्रग्स तस्करी की आरोपी नव्या भी राजधानी रायपुर और आसपास आयोजित होने वाली हाईप्रोफाइल पार्टियों, क्लबों, पबों और फार्महाउस आयोजनों में रूप से नशे की सप्लाई करती थी। ड्रग्स की खेप दिल्ली, मुंबई, पंजाब और हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों से छत्तीसगढ़ पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की भी पड़ताल कर रही हैं।

गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान नव्या मलिक का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि वह कई कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों के संपर्क में थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है

कि ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों और लोगों तक फैला हुआ था। 30 वर्षीय नव्या मलिक पेशे से इंटीरियर डिजाइनर है और फैशन डिजाइनिंग से भी जुड़ी रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि फैशन और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े कार्यक्रमों, फैशन शो और नाइट पार्टियों में लगातार आवाजाही के दौरान उसकी पहचान ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों से हुई।

यहीं से वह नशे और बाद में कथित तौर पर ड्रग्स कारोबार के संपर्क में आई। उसका ग्लैमरस लाइफस्टाइल और हाईप्रोफाइल सामाजिक दायरा इस नेटवर्क को संचालित करने में सहायक साबित हुआ। उसके संबंध कुछ व्यवसायियों, अधिकारियों और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तक थे।

सोशल मीडिया का प्रभाव

जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया और महानगरीय जीवनशैली के बढ़ते प्रभाव के कारण युवाओं के बीच रेव पार्टी संस्कृति लोकप्रिय हो रही है। निजी आयोजनों के नाम पर बड़ी संख्या में युवाओं को फॉर्महाउसों और रिसॉर्ट्स में बुलाया जाता है। इनमें शामिल होने वालों में कॉलेज छात्र, युवा कारोबारी और हाईप्रोफाइल परिवारों से जुड़े लोग भी शामिल रहते हैं।

कई बार इन पार्टियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती और सीमित लोगों को ही आमंत्रित किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक कुछ आयोजनों में केवल मनोरंजन तक ही गतिविधियां सीमित नहीं रहतीं, बल्कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों का भी खुलेआम सेवन किया जाता है। इसके अलावा जुए जैसी गतिविधियों की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं।

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