दिवाली की शॉपिंग पर निकलने से पहले पढ़ लें ये खबर, एक गलती पड़ सकती है भारी, परेशानी में यहां करें कॉल
Harrison Masih | Oct 28, 2026, 10:38 IST
दिवाली पर रायपुर में ट्रैफिक अलर्ट
त्योहारों में बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ गाड़ियों की लंबी कतारें और पार्किंग की परेशानी भी बढ़ जाती है। ऐसे में रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने जाम से निपटने के लिए खास तैयारी की है। अब शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर कैमरों, ड्रोन और गूगल मैप्स से नजर रखी जाएगी। कहीं जाम लगा तो क्विक रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंचेगी।
वहीं, नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर चालान भी कट सकता है। अगर आप भी त्योहारों में खरीदारी के लिए निकल रहे हैं, तो जान लीजिए पुलिस की पूरी ट्रैफिक एडवाइजरी और मदद के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर।
यातायात कंट्रोल रूम से शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरों के जरिए निगरानी होगी। ये कैमरे आईटीएमएस (ITMS - Intelligent Traffic Management System) के हैं। यह यातायात देखने और संभालने की तकनीकी व्यवस्था है।
गूगल मैप्स के रंगीन पैच भी देखे जाएंगे। रेड पैच का मतलब आम तौर पर भारी जाम होता है। येलो पैच धीमी रफ्तार का संकेत देता है। इन्हीं से वाहनों के दबाव का पता लगाया जाएगा।
सोचिए, खरीदारी के बीच बाजार में गाड़ियां रेंगने लगें तो क्या होगा? ऐसे में गूगल मैप्स ट्रैफिक का लाइव डेटा पुलिस के काम आएगा। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचेगी।
किसी मार्ग पर जाम या बॉटलनेक की स्थिति बनने पर कंट्रोल रूम सक्रिय होगा। बॉटलनेक यानी सड़क का वह हिस्सा, जहां वाहन अटकने लगते हैं। कंट्रोल रूम वायरलेस के जरिए संबंधित सेक्टर प्रभारी और पेट्रोलिंग टीम को सूचना देगा।
वाहनों की रफ्तार धीमी होने पर ग्राउंड टीम को भी अलर्ट किया जाएगा। यह अलर्ट क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT - Quick Response Team) तक भी जाएगा। अफसर इस टीम को मौके पर भेजेंगे।
संकरे बाजारों और प्रमुख मार्गों पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी। ड्रोन यानी बिना पायलट वाला उड़ने वाला कैमरा। इससे ट्रैफिक की स्थिति देखने और जाम की वजह पहचानने में मदद मिलेगी।
दरअसल संकरे रास्तों में जमीन से पूरी तस्वीर दिखना मुश्किल होता है। ऊपर से नजर रखने पर भीड़ का दबाव साफ दिखता है। सूचना मिलते ही टीम पहुंचकर वाहनों को व्यवस्थित करेगी और रास्ता खुलवाएगी।
त्योहारों में सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। ये जवान प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों और संकरे रास्तों पर रहेंगे। भीड़भाड़ वाले मार्गों पर भी तैनाती की गई है।
नो-पार्किंग और बेतरतीब खड़े वाहनों की पहचान कैमरों और ड्रोन से की जाएगी। ऐसे वाहनों पर चालानी कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर क्रेन की मदद से वाहन हटाए जाएंगे।
खराब वाहनों को रास्ते से हटाने के लिए क्रेन और पेट्रोलिंग वाहन भी तैनात रहेंगे। यानी बीच सड़क बंद पड़ी गाड़ी को जल्द हटाने की तैयारी है।
रायपुर ट्रैफिक पुलिस (Raipur traffic police) ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है। खरीदारी के लिए सिर्फ निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें। दुकानों के सामने या मुख्य सड़क पर वाहन खड़े न करें।
ऐसा करने से आवागमन बाधित होता है। दीपावली ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस ने सहयोग मांगा है।
दिवाली शॉपिंग पर जाने से पहले पार्किंग की जगह तय कर लें। निर्धारित पार्किंग स्थल ही चुनें। दुकान के सामने गाड़ी रोकना जाम की वजह बन सकता है।
नो-पार्किंग में खड़ी गाड़ी पर चालान कटेगा, यह याद रखें। ट्रैफिक नियमों का पालन करें। इससे आपका समय बचेगा और बाजार में आवाजाही आसान रहेगी।
पुलिस अधिकारियों ने हेल्पलाइन नंबर 9479210632 बताया है। यह ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर यातायात की परेशानी या किसी भी सहायता के लिए है। जाम में फंसें तो इसी नंबर पर कॉल करें।
पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। लक्ष्य त्योहारों में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना है।
समझें क्या है पूरा मामला
- त्योहारों पर भीड़ और जाम रोकने को पुलिस ने हाईटेक इंतजाम किए हैं।
- आईटीएमएस कैमरों, गूगल मैप्स और ड्रोन से प्रमुख चौराहों और बाजारों पर निगरानी होगी।
- जाम होते ही कंट्रोल रूम ग्राउंड टीम और क्विक रिस्पॉन्स टीम को अलर्ट करेगा।
- नो-पार्किंग में खड़े वाहनों पर चालान कटेगा, जरूरत पड़ी तो क्रेन हटाएगी।
- मदद या जाम की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 9479210632 पर कॉल करें।
रेड पैच दिखते ही कैसे पहुंचेगी टीम?
गूगल मैप्स के रंगीन पैच भी देखे जाएंगे। रेड पैच का मतलब आम तौर पर भारी जाम होता है। येलो पैच धीमी रफ्तार का संकेत देता है। इन्हीं से वाहनों के दबाव का पता लगाया जाएगा।
सोचिए, खरीदारी के बीच बाजार में गाड़ियां रेंगने लगें तो क्या होगा? ऐसे में गूगल मैप्स ट्रैफिक का लाइव डेटा पुलिस के काम आएगा। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचेगी।
क्विक रिस्पॉन्स टीम को कैसे मिलेगा अलर्ट?
वाहनों की रफ्तार धीमी होने पर ग्राउंड टीम को भी अलर्ट किया जाएगा। यह अलर्ट क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT - Quick Response Team) तक भी जाएगा। अफसर इस टीम को मौके पर भेजेंगे।
ड्रोन से निगरानी में क्या देखा जाएगा?
दरअसल संकरे रास्तों में जमीन से पूरी तस्वीर दिखना मुश्किल होता है। ऊपर से नजर रखने पर भीड़ का दबाव साफ दिखता है। सूचना मिलते ही टीम पहुंचकर वाहनों को व्यवस्थित करेगी और रास्ता खुलवाएगी।
त्योहारों में सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। ये जवान प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों और संकरे रास्तों पर रहेंगे। भीड़भाड़ वाले मार्गों पर भी तैनाती की गई है।
नो-पार्किंग में वाहन तो कटेगा चालान
खराब वाहनों को रास्ते से हटाने के लिए क्रेन और पेट्रोलिंग वाहन भी तैनात रहेंगे। यानी बीच सड़क बंद पड़ी गाड़ी को जल्द हटाने की तैयारी है।
दीपावली ट्रैफिक एडवाइजरी में पुलिस की अपील
ऐसा करने से आवागमन बाधित होता है। दीपावली ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस ने सहयोग मांगा है।
खरीदारी पर निकलने से पहले क्या करें?
नो-पार्किंग में खड़ी गाड़ी पर चालान कटेगा, यह याद रखें। ट्रैफिक नियमों का पालन करें। इससे आपका समय बचेगा और बाजार में आवाजाही आसान रहेगी।
जाम में फंसें तो कहां करें कॉल?
पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। लक्ष्य त्योहारों में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना है।
हाईकोर्ट की सुनवाई में अजीब नजारा! बिस्तर पर लेटे और अंडरपैंट में दिखे TNCP के संयुक्त संचालक
By Neel Tiwari
जयपुर में 4 करोड़ की घड़ियां चुराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार: 26 दिन तक पुलिस ने पीछा किया, 800 CCTV खंगाले
By Jyoti Mahender Bhardwaj
2026 के अंत तक खजुराहो में छह लाख पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनेगी 500 करोड़ की योजना
By Kaushiki
भगवान राम नहीं बाबा महाकाल के वीडियो देखो...पत्नी ने किया इनकार तो पति ने सिर पर दे मारी तलवार
By Aman Vaishnav
आज सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर दौरे पर रहेंगे सीएम विष्णु देव साय, विकास कार्यों की देंगे सौगात
By Harrison Masih
एमपी की 30 सरकारी वेबसाइट्स पर मंडराया हैकिंग का खतरा, बिना आईडी-पासवर्ड सरकारी सर्वर पर हमला कर सकते हैं हैकर्स
By Aman Vaishnav
एमपी पुलिस एसआई और सूबेदार परीक्षा आज: दो शिफ्ट में होगा पेपर, 13 शहरों में बनाए गए सेंटर, 1.5 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
By Manya Jain