Chhattisgarh : राजा देवव्रत सिंह की दो रानियां, एक बीजेपी तो दूसरी कर रहीं कांग्रेस का प्रचार, जानें क्या है पूरा मामला
Sandeep Kumar | Apr 21, 2024, 12:15 IST
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खैरागढ़ के दिवंगत राजा देवव्रत सिंह की पहली पत्नी का नाम पद्मा सिंह और दूसरी का नाम विभा सिंह है। इन दोनों के बीच पहले पति की संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था। अब राजनीति में भी दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया है...
RAIPUR. छत्तीसगढ़ राज परिवार का विवाद एक बार फिर लोकसभा चुनाव ( Lok Sabha Elections ) में सामने आ रहा है। प्रदेश के खैरागढ़ में दिवंगत राजा देवव्रत सिंह ( Devvrat Singh ) की दो पत्नियों में से अब सियासत में भी विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी तो दूसरी कांग्रेस के लिए प्रचार कर रही है। ऐसे में राज परिवार का विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है। यहां पूर्व विधायक राजा देवव्रत सिंह के निधन के बाद उनकी दोनों पत्नियों के बीच संपत्ति को लेकर जमकर विवाद चला। ये विवाद एक बार फिर से लोकसभा चुनाव में सामने आ रहा है। आइए जानते हैं अब क्यों हो रहा विवाद
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आपको बतादें कि देवव्रत सिंह की पहली पत्नी जहां इन दिनों कांग्रेस का प्रचार कर रही है। वहीं उनकी दूसरी पत्नी पद्मा सिंह को बहुरूपिया औरत बताते हुए कांग्रेस को नहीं बल्कि भाजपा को वोट देने की अपील कर रही है।
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जब देवव्रत सिंह का तलाक हुआ था, तब बेटी को पिता देवव्रत सिंह और बेटे को मां के साथ रहने के आदेश कोर्ट से मिले थे। देवव्रत के निधन के बाद संपत्ति को लेकर विवाद सामने आ गया। इस मामले में विभा सिंह की अपील के बाद प्रशासन ने उदयपुर पैलेस और खैरागढ़ स्थित कमल विलास पैलेस को सील कर दिया था। ये केस अभी भी कोर्ट में चल रहा है।
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इस मामले में विभा सिंह ने पद्मा सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस पद्मा सिंह ने राजा देवव्रत सिंह को छोड़ा, बाद में बच्चों और खैरागढ़ को छोड़कर किसी और के साथ शादी कर घर बसा लिया। उसी पद्मा को भूपेश बघेल बार बार क्षेत्र में घूमाकर देवव्रत सिंह की पत्नी बता रहे हैं। पद्मा सिंह ने कहा कि ये वही भूपेश बघेल हैं। जिन्होंने राजा देवव्रत सिंह को दुखी कर कांग्रेस पार्टी से बाहर कर दिया था। उन्हें पार्टी में खून के आंसू रूलाए गए थे। देवव्रत सिंह ने अपनी आखरी सांसें भी दूसरी पार्टी में ली थी। जब वे आखरी समय में कांग्रेस में नहीं थे, तो क्यों उनके नाम को भुनाया जा रहा है।
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यूपी के बाहुबली
महाराज देवव्रत सिंह की पहली पत्नी का नाम पद्मा सिंह और दूसरी का नाम विभा सिंह है। इन दोनों के बीच पहले पति की संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था। अब राजनीति में भी दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया है। आपको बता दें कि राजनांदगांव से सांसद रहे देवव्रत सिंह का पहली पत्नी से 2016 में तलाक हो गया था। दोनों आपसी सहमति से अलग हो गए थे। इसके बाद उन्होंने विभा सिंह से शादी कर ली थी। इसके बाद देवव्रत सिंह को 2021 हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। यूपी के प्रतापगढ़ के राजा भैया भदरी रियासत के राजकुमार हैं। देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी विभा सिंह, राजा भैया की बहन हैं। देवव्रत सिंह की दो शादियां हुई हैं। विभा सिंह दूसरी पत्नी हैं। पहली पत्नी का नाम राजकुमारी पद्मा सिंह है। 2016 में पद्मा और देवव्रत सिंह का तलाक हो गया।
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एक कांग्रेस तो दूसरी बीजेपी के प्रचार में जुटीं
आपको बतादें कि देवव्रत सिंह की पहली पत्नी जहां इन दिनों कांग्रेस का प्रचार कर रही है। वहीं उनकी दूसरी पत्नी पद्मा सिंह को बहुरूपिया औरत बताते हुए कांग्रेस को नहीं बल्कि भाजपा को वोट देने की अपील कर रही है।
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बेटी पिता के साथ, बेटा मां के साथ
जब देवव्रत सिंह का तलाक हुआ था, तब बेटी को पिता देवव्रत सिंह और बेटे को मां के साथ रहने के आदेश कोर्ट से मिले थे। देवव्रत के निधन के बाद संपत्ति को लेकर विवाद सामने आ गया। इस मामले में विभा सिंह की अपील के बाद प्रशासन ने उदयपुर पैलेस और खैरागढ़ स्थित कमल विलास पैलेस को सील कर दिया था। ये केस अभी भी कोर्ट में चल रहा है।
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विभा सिंह ने पद्मा सिंह पर लगाए ये आरोप
इस मामले में विभा सिंह ने पद्मा सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस पद्मा सिंह ने राजा देवव्रत सिंह को छोड़ा, बाद में बच्चों और खैरागढ़ को छोड़कर किसी और के साथ शादी कर घर बसा लिया। उसी पद्मा को भूपेश बघेल बार बार क्षेत्र में घूमाकर देवव्रत सिंह की पत्नी बता रहे हैं। पद्मा सिंह ने कहा कि ये वही भूपेश बघेल हैं। जिन्होंने राजा देवव्रत सिंह को दुखी कर कांग्रेस पार्टी से बाहर कर दिया था। उन्हें पार्टी में खून के आंसू रूलाए गए थे। देवव्रत सिंह ने अपनी आखरी सांसें भी दूसरी पार्टी में ली थी। जब वे आखरी समय में कांग्रेस में नहीं थे, तो क्यों उनके नाम को भुनाया जा रहा है।
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यूपी के बाहुबली राजा भैया के बहनोई थे देवव्रत सिंह
महाराज देवव्रत सिंह की पहली पत्नी का नाम पद्मा सिंह और दूसरी का नाम विभा सिंह है। इन दोनों के बीच पहले पति की संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था। अब राजनीति में भी दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया है। आपको बता दें कि राजनांदगांव से सांसद रहे देवव्रत सिंह का पहली पत्नी से 2016 में तलाक हो गया था। दोनों आपसी सहमति से अलग हो गए थे। इसके बाद उन्होंने विभा सिंह से शादी कर ली थी। इसके बाद देवव्रत सिंह को 2021 हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। यूपी के प्रतापगढ़ के राजा भैया भदरी रियासत के राजकुमार हैं। देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी विभा सिंह, राजा भैया की बहन हैं। देवव्रत सिंह की दो शादियां हुई हैं। विभा सिंह दूसरी पत्नी हैं। पहली पत्नी का नाम राजकुमारी पद्मा सिंह है। 2016 में पद्मा और देवव्रत सिंह का तलाक हो गया।
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