छत्तीसगढ़ रेरा का आदेश : पैसे न लौटाने वाले बिल्डरों की संपत्ति होगी जब्त
Aishwarya Dwivedi | Aug 21, 2026, 13:06 IST
डिफ़ॉल्टर बिल्डरों को रेरा का नोटिस
छत्तीसगढ़ रेरा ने 50 से अधिक डिफाल्टर बिल्डरों पर शिकंजा कस दिया है। आम लोगों के फंसे 11 करोड़ रुपए वसूलने के लिए कलेक्टरों को पत्र लिखकर संपत्ति जब्ती और जेल भेजने के निर्देश दिए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
बिल्डरों से होगी रिकवरी
लोगों ने मकान, फ्लैट और जमीन के लिए गाढ़ी कमाई लगाई थी। सौदा होने के बाद भी बिल्डरों ने कब्जा नहीं दिया। काफी समय बीतने के बाद भी खरीदारों को पैसे नहीं लौटाए गए। पीड़ित लोग लगातार राहत की गुहार लगा रहे हैं।
अब छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने कड़ा रुख अपनाया है। संस्था ने सभी बकाएदारों से वसूली के लिए जिलों के प्रमुखों को पत्र लिखा है। पत्र में रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (RRC) के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
छत्तीसगढ़ रेरा का आदेश
कलेक्टरों को भेजा गया सख्त निर्देश
रेरा की सूची के अनुसार सबसे खराब स्थिति रायपुर की है। अकेले रायपुर जिले में 6.20 करोड़ रुपए की वसूली बाकी है। इसके बाद दुर्ग जिले का नंबर आता है। दुर्ग में बिल्डरों से 2.90 करोड़ रुपए की वसूली की जानी है।
बिलासपुर जिले में भी 1.2 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। सूरजपुर में 42 लाख और बलौदाबाजार में 7.70 लाख की बकाया राशि है। इसके अलावा राजनांदगांव और महासमुंद में चार-चार लाख रुपए फंसे हैं। रायगढ़ में भी एक लाख रुपए की वसूली पेंडिंग है।
कानून में संपत्ति कुर्की और जेल का प्रावधान
यदि बिल्डर निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करता तो सख्त कदम उठाए जाते हैं। प्रशासन को उसकी संपत्ति जब्त करने का पूरा कानूनी अधिकार है। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर आरोपी को जेल भी भेजा जा सकता है।
हालाँकि, जमीनी स्तर पर कार्रवाई की रफ्तार बहुत धीमी रही है। राज्य के छह से ज्यादा जिलों में अब तक एक भी रिकवरी नहीं हो पाई है। कुछ समय पहले सिर्फ राजनांदगांव में एक मामूली वसूली की गई थी।
खरीदारों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए। समय पर कार्रवाई होने से ही आम जनता को उनकी जमा पूंजी वापस मिल सकेगी।
FAQ
- आरआरसी (RRC) क्या होता है?
उत्तर: आरआरसी का मतलब रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (Revenue Recovery Certificate) है। यह डिफाल्टर होने पर बकाया राशि वसूलने के लिए जारी किया जाता है। इसके जरिए प्रशासन संपत्ति की कुर्की कर सकता है। - छत्तीसगढ़ में बिल्डरों के पास कुल कितने रुपए फंसे हैं?
उत्तर: राज्य के 50 से ज्यादा डिफाल्टर बिल्डरों के पास आम लोगों के लगभग 11 करोड़ रुपए फंसे हैं। सबसे ज्यादा 6.20 करोड़ रुपए की वसूली रायपुर जिले से होनी है। - पैसे न लौटाने पर बिल्डर के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?
उत्तर: रेरा के आदेश पर जिला प्रशासन बिल्डर की संपत्ति और आरआरसी जब्त कर सकता है। इसके अलावा संबंधित बिल्डर को जेल भेजने का भी कानूनी प्रावधान है।
यह खबरें भी पढ़ें...
IGKV Paper Leak : बीएससी एग्रीकल्चर परीक्षा रद्द, नई तारीख का हुआ ऐलान
दीपक बैज की नई टीम : युवाओं को मौका, निष्क्रिय नेताओं की होगी छुट्टी
सीजी पुलिस एसआई मुख्य परीक्षा का शेड्यूल जारी, दो से चार नवंबर तक होंगे पेपर
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj