पीएम आवास योजना में घोटाला: मर चुके लोगों के नाम पर निकाल लिए लाखों रूपए, FIR दर्ज
Harrison Masih | Jul 02, 2025, 16:45 IST
Scam of lakhs in PM Awas Yojana bilaspur the sootr
न्यायधानी बिलासपुर के तखतपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बांधा में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत फर्जी हितग्राहियों और मर चुके व्यक्तियों के नाम पर करोड़ों की सरकारी राशि की हेराफेरी का मामला सामने आया है।
PM Awas Yojana Scam: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के तखतपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बांधा में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत फर्जी हितग्राहियों और मर चुके व्यक्तियों के नाम पर करोड़ों की सरकारी राशि की हेराफेरी का मामला सामने आया है।
घोटाले का खुलासा एक 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुआ, जिसमें इस बात की पुष्टि हुई कि ग्राम सभा के माध्यम से फर्जी प्रस्ताव पारित कर गलत तरीके से 6 लाख 70 हजार रूपए की राशि निकाली गई। इस मामले में अब आवास मित्र, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के खिलाफ धोखाधड़ी और शासकीय राशि की अनियमितता के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया कि वास्तविक हितग्राहियों के नाम हटाकर उनके स्थान पर अन्य लोगों को 'फर्जी हितग्राही' बनाकर सरकारी राशि निकाली गई। ग्राम सभा में गलत प्रस्ताव पारित कर ये नाम जोड़े गए।
जिन व्यक्तियों के नाम से फर्जीवाड़ा किया गया, वे या तो मृत थे या उन्हें बिना उनकी जानकारी के योजना से बाहर कर दिया गया। कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों ने स्वयं या अपने रिश्तेदारों को योजना का लाभार्थी बना दिया।
कुल गबन की गई राशि: ₹6,70,000
29 सितंबर 2020 से 13 अक्टूबर 2023 के बीच आयोजित ग्राम सभाओं में फर्जी प्रस्ताव पारित कर इन हितग्राहियों के नाम दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि सचिव, आवास मित्र और रोजगार सहायक की मिलीभगत से ही यह घोटाला संभव हुआ।
घोटाले के खुलासे के बाद जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने तुरंत एक तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि डाटा एंट्री ऑपरेटर रितेश श्रीवास, अस्थायी रोजगार सहायक, आवास मित्र राजेश सोनवानी, पंचायत सचिव दिलीप पात्रे ने पूरी जानकारी होते हुए भी जानबूझकर फर्जी हितग्राहियों का पंजीयन, जियो टैगिंग और भुगतान की प्रक्रिया पूरी की।
जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने तखतपुर थाने में FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपियों पर IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (शासकीय राशि में गबन), और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे गरीबों के लिए चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजना में भ्रष्टाचार का यह मामला न केवल शासन-प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे स्थानीय स्तर पर योजनाओं को लाभ कमाने का जरिया बना लिया गया है।
इस घोटाले से सरकारी योजनाओं की निगरानी प्रणाली की कमजोरी भी उजागर हुई है। अब देखना होगा कि आगे इस मामले में कितने और नाम सामने आते हैं, और क्या दोषियों को कड़ी सजा मिलती है या मामला फाइलों तक ही सिमट कर रह जाता है।
पीएम आवास योजना में घोटाला | बिलासपुर पीएम आवास घोटाला | फर्जी दस्तावेजों से पीएम आवास घोटाला | Bilaspur PM Awas Scam | Chattisgarh News | PM Awas yojna scam
thesootr links
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
घोटाले का खुलासा एक 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुआ, जिसमें इस बात की पुष्टि हुई कि ग्राम सभा के माध्यम से फर्जी प्रस्ताव पारित कर गलत तरीके से 6 लाख 70 हजार रूपए की राशि निकाली गई। इस मामले में अब आवास मित्र, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के खिलाफ धोखाधड़ी और शासकीय राशि की अनियमितता के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
जिन व्यक्तियों के नाम से फर्जीवाड़ा किया गया, वे या तो मृत थे या उन्हें बिना उनकी जानकारी के योजना से बाहर कर दिया गया। कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों ने स्वयं या अपने रिश्तेदारों को योजना का लाभार्थी बना दिया।
फर्जी हितग्राहियों की सूची और राशि का ब्योरा:
| वास्तविक हितग्राही | फर्जी हितग्राही | निकाली गई राशि |
|---|---|---|
| राजेश कुमार पिता कन्हैया | राजेश सोनवानी (स्वयं आवास मित्र) | ₹1,20,000 |
| सरस्वती मरावी | सरस्वती वर्मन | ₹1,20,000 |
| रामफल पोर्ते (मृत) | केहर सिंह श्रीवास | ₹95,000 |
| लैनी बाई | रागिनी सोनवानी | ₹96,000 |
| सोनादेवी अग्रवाल | सरोजनी बंजारे | ₹1,20,000 |
| गंगोत्री यादव (मृत) | गंगोत्री पात्रे | ₹1,20,000 |
ग्राम सभा के फर्जी प्रस्तावों का खेल
जांच समिति की पुष्टि
FIR दर्ज: अब होगा कानूनी शिकंजा
प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे गरीबों के लिए चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजना में भ्रष्टाचार का यह मामला न केवल शासन-प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे स्थानीय स्तर पर योजनाओं को लाभ कमाने का जरिया बना लिया गया है।
इस घोटाले से सरकारी योजनाओं की निगरानी प्रणाली की कमजोरी भी उजागर हुई है। अब देखना होगा कि आगे इस मामले में कितने और नाम सामने आते हैं, और क्या दोषियों को कड़ी सजा मिलती है या मामला फाइलों तक ही सिमट कर रह जाता है।
पीएम आवास योजना में घोटाला | बिलासपुर पीएम आवास घोटाला | फर्जी दस्तावेजों से पीएम आवास घोटाला | Bilaspur PM Awas Scam | Chattisgarh News | PM Awas yojna scam
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari