रायपुर एक्सप्रेस-वे पर काटी गई ग्रिल को लगाकर रास्ता किया ब्लॉक, ‘द सूत्र’ की खबर का दिखा असर

Krishna Kumar Sikander | Jun 29, 2025, 13:26 IST
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The road was blocked by placing a cut grill on Raipur Expressway the sootr
The road was blocked by placing a cut grill on Raipur Expressway the sootr

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए एक्सप्रेस-वे के किनारे वाली इमारतों पर भले ही नगर निगम का बुलडोजर अभी तक नहीं चला, लेकिन प्रशासन ने काटी गई ग्रिल को फिर से लगाकर रास्ता ब्लॉक कर दिया है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए एक्सप्रेस-वे के किनारे वाली इमारतों पर भले ही नगर निगम का बुलडोजर अभी तक नहीं चला, लेकिन प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। एक्सप्रेस-वे के किनारे अवैध रूप से काटी गई ग्रिल को फिर से लगाकर रास्ता ब्लॉक कर दिया गया है। यह कार्रवाई ‘द सूत्र’ द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद हुई, जिसने अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी को उजागर किया था।

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नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण

रायपुर में एक्सप्रेस-वे के किनारे बनी दुकानों और इमारतों के बाहर पहले से ही प्रशासन द्वारा ग्रिल लगाई गई थी। इसका उद्देश्य था कि बीच सड़क से लोगों का आवागमन रोका जाए और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो। लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर इन ग्रिल्स को काट दिया और अवैध रूप से दुकानों के शटर व घरों के गेट एक्सप्रेस-वे की ओर खोल दिए। नियमों के अनुसार, एक्सप्रेस-वे की दिशा में शटर या गेट खोलना पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और दुर्घटना की आशंका बढ़ती है। बावजूद इसके, कुछ बिल्डरों और संपत्ति मालिकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए बड़ी-बड़ी इमारतों का निर्माण शुरू कर दिया। निर्माण कार्य के लिए ग्रिल्स को तोड़कर रास्ते बनाए गए, जिससे एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।

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‘द सूत्र’ की खबर ने जगाया प्रशासन

‘द सूत्र’ ने इस गंभीर मुद्दे को अपनी खबर में प्रमुखता से उठाया और अवैध निर्माण के साथ-साथ नियमों की अनदेखी को जनता के सामने लाया। इस खबर का व्यापक असर हुआ और प्रशासन हरकत में आया। खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम और संबंधित विभागों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन स्थानों पर फिर से ग्रिल्स लगवा दीं। गौर हो कि इन्हीं जगहों पर ग्रील काटकर अवैध रूप से रास्ते बनाए गए थे। प्रशासन इन रास्तों ग्रिल्स लगा कर ब्लॉक कर दिया है। इससे अब एक्सप्रेस-वे की ओर अनधिकृत प्रवेश नहीं हो सकेगा।

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नियमों का पालन क्यों जरूरी?

एक्सप्रेस-वे शहर की यातायात व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इसकी डिजाइन और निर्माण का उद्देश्य तेज और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना है। लेकिन अवैध निर्माण और अनधिकृत रास्तों के कारण न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रशासन ने पहले ही इन जोखिमों को ध्यान में रखते हुए ग्रिल्स लगाई थीं, लेकिन प्रभावशाली लोगों की मनमानी के चलते ये व्यवस्था ध्वस्त हो रही थी।

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प्रशासन की सख्ती, लेकिन सवाल बरकरार

हालांकि ग्रिल्स को फिर से लगाने की कार्रवाई प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है, लेकिन अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। जिन इमारतों का निर्माण नियमों को तोड़कर किया गया, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? क्या नगर निगम अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाएगा या केवल ग्रिल्स लगाने तक ही सीमित रहेगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों की पहुंच के कारण कई बार नियमों की अनदेखी को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिससे आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

आमजन की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि ‘द सूत्र’ की इस खबर ने न केवल प्रशासन को जागरूक किया, बल्कि जनता में भी नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। कुछ लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया, जबकि कुछ का मानना है कि प्रशासन को और सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की अनदेखी दोबारा न हो।

प्रशासन को जवाबदेह बनाना अहम

इस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट है कि मीडिया की भूमिका प्रशासन को जवाबदेह बनाने में अहम है। ‘द सूत्र’ की खबर ने न केवल अवैध निर्माण के मुद्दे को उजागर किया, बल्कि प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर भी किया। अब यह देखना बाकी है कि क्या प्रशासन केवल सतही कार्रवाई तक सीमित रहेगा या नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाएगा। रायपुर के नागरिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि एक्सप्रेस-वे के किनारे बने अवैध निर्माण पर पूरी तरह लगाम लगेगी और शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। ‘द सूत्र’ की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि जागरूक पत्रकारिता शहर और समाज के हित में बदलाव ला सकती है।

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