विधवा महिला से ठगी, फिर फर्जी FIR: वकील के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची पीड़िता
Harrison Masih | May 23, 2025, 17:44 IST
Widow woman cheated fake FIR High Court bilaspur chattisgarh the sootr
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव से एक गंभीर मामला सामने आया है जिसमें एक विधवा महिला ने न केवल अपने अधिवक्ता पर धोखाधड़ी और पेशेवर कदाचरण का आरोप लगाया है, बल्कि आरोप यह भी है कि शिकायत के जवाब में वकील ने महिला के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करवा दी।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव से एक गंभीर मामला सामने आया है जिसमें एक विधवा महिला ने न केवल अपने अधिवक्ता पर धोखाधड़ी और पेशेवर कदाचरण का आरोप लगाया है, बल्कि आरोप यह भी है कि शिकायत के जवाब में वकील ने महिला के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करवा दी। पीड़िता वंशिका अग्निहोत्री ने अब इस पूरे मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
ये खबर भी पढ़ें... देश में फिर से बढ़ा कोरोना का खतरा, छत्तीसगढ़ में अलर्ट जारी
कोंडागांव निवासी वंशिका अग्निहोत्री, जिनके परिवार में कोई पुरुष सदस्य जीवित नहीं है, ने अपने उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के लिए एक अधिवक्ता को नियुक्त किया था। यह प्रमाण पत्र उनके पति की बीमा राशि क्लेम करने के लिए आवश्यक था। वंशिका और उनकी भाभी ने भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 372 के अंतर्गत सिविल न्यायाधीश, वर्ग-1, कोंडागांव के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे 5 अक्टूबर 2023 को मंजूरी दे दी गई।
बाद में, मृतक के एक रिश्तेदार बसंत अग्निहोत्री ने कोर्ट के आदेश के विरुद्ध अपील की, जिसे 23 सितंबर 2024 को जिला न्यायालय कोंडागांव ने खारिज कर दिया।
अपील की प्रक्रिया के दौरान वंशिका को जानकारी मिली कि जिस अधिवक्ता को उन्होंने अधिकृत किया था, उसने कोर्ट फीस और अन्य खर्चों के नाम पर मोटी रकम वसूली, जबकि इसकी कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं थी। इस खुलासे के बाद वंशिका ने तुरंत वकील बदल दिया और स्टेट बार काउंसिल में शिकायत करने की बात कही।
ये खबर भी पढ़ें... DRG के खौफ से नक्सलियों की नींद हराम, बसव राजू की डायरी खोलती है राज
वंशिका की इस प्रतिक्रिया से बौखलाए वकील ने बदले की भावना से कोंडागांव थाने में वंशिका और उसकी महिला मित्र के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी। इसमें IPC की धाराएं 294 (अश्लीलता), 506 (आपराधिक धमकी), 500 (मानहानि), 341 (गलत तरीके से रोकना), और 34 (सामूहिक अपराध) लगाई गईं।
इसके आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, हालांकि 28 मार्च 2024 को उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस ने अब केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है और ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है।
ये खबर भी पढ़ें... शादी से कुछ घंटे पहले बाथरूम में मिली दुल्हन की लाश, सदमे में परिजन
इस अन्याय के खिलाफ वंशिका ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने अधिवक्ता के खिलाफ पेशेवर कदाचार की कार्रवाई की मांग की है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की अपील की है। यह तर्क दिया है कि यह शिकायत पूरी तरह बदले की भावना से प्रेरित है।
हाई कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए JMFC कोंडागांव को निर्देश दिया है कि वह ट्रायल कोर्ट में लंबित प्रकरण पर फिलहाल कोई कार्यवाही न करें। साथ ही राज्य शासन और संबंधित अधिवक्ता को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस घटना ने एक बार फिर विधवा महिलाओं की कानूनी असुरक्षा और कुछ अधिवक्ताओं के अनैतिक व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वकीलों को न्याय दिलाने वाला माना जाता है, लेकिन जब वही विश्वासघात करें तो पीड़िता के पास बहुत कम विकल्प बचते हैं।
हाई कोर्ट की कार्यवाही से वंशिका को न्याय की उम्मीद मिली है, और यह मामला छत्तीसगढ़ में न्यायिक जवाबदेही और वकालत की मर्यादा पर एक अहम सवाल बनकर उभरा है।
ये खबर भी पढ़ें... बैडमिंटन कोर्ट में ही खिलाड़ी जमीन पर गिर पड़ा और सांसें थम गईं
Widow woman | Cheated | Fake | Bilaspur | chattisgarh | ठगी | हाईकोर्ट
ये खबर भी पढ़ें... देश में फिर से बढ़ा कोरोना का खतरा, छत्तीसगढ़ में अलर्ट जारी
ये है मामला
बाद में, मृतक के एक रिश्तेदार बसंत अग्निहोत्री ने कोर्ट के आदेश के विरुद्ध अपील की, जिसे 23 सितंबर 2024 को जिला न्यायालय कोंडागांव ने खारिज कर दिया।
गुमराह करने का आरोप
ये खबर भी पढ़ें... DRG के खौफ से नक्सलियों की नींद हराम, बसव राजू की डायरी खोलती है राज
वकील ने दर्ज करवा दी झूठी FIR
इसके आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, हालांकि 28 मार्च 2024 को उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस ने अब केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है और ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है।
ये खबर भी पढ़ें... शादी से कुछ घंटे पहले बाथरूम में मिली दुल्हन की लाश, सदमे में परिजन
हाई कोर्ट की दखल और ट्रायल पर रोक
हाई कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए JMFC कोंडागांव को निर्देश दिया है कि वह ट्रायल कोर्ट में लंबित प्रकरण पर फिलहाल कोई कार्यवाही न करें। साथ ही राज्य शासन और संबंधित अधिवक्ता को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
क्या कहते हैं कानून और समाज?
हाई कोर्ट की कार्यवाही से वंशिका को न्याय की उम्मीद मिली है, और यह मामला छत्तीसगढ़ में न्यायिक जवाबदेही और वकालत की मर्यादा पर एक अहम सवाल बनकर उभरा है।
ये खबर भी पढ़ें... बैडमिंटन कोर्ट में ही खिलाड़ी जमीन पर गिर पड़ा और सांसें थम गईं
Widow woman | Cheated | Fake | Bilaspur | chattisgarh | ठगी | हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava