27% OBC आरक्षण मामला: आज भी सुप्रीम कोर्ट में नहीं हुई सुनवाई, पेंडिंग रह गया केस अब 5 फरवरी को सुनवाई

Neel Tiwari | Feb 04, 2026, 21:27 IST
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27% OBC reservation case Hearing not held in Supreme Court even today
Photograph: (the sootr)

मध्य प्रदेश का 27% ओबीसी आरक्षण मामला सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर टल गया है। यह सुनवाई, जो पहले 4 फरवरी के लिए तय थी, अब 5 फरवरी 2026 को होगी।

NEWS IN SHORT

  • 27% OBC आरक्षण विवाद आज सुप्रीम कोर्ट में फिर नहीं हो सकी अंतिम सुनवाई
  • मामला सूची में 104वें नंबर पर लिस्ट था , कल फिर 104 पर
  • अधिवक्ताओं ने सरकार पर लगाए आरोप, सरकार ने किया खंडन
  • विपक्षी दलों ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं
  • अगली सुनवाई 5 फरवरी को फिर सूचीबद्ध है

INTRO

मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा मामला आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बिना ही पेंडिंग रह गया। यह मामला आज 4 फरवरी को सूची में 104 नंबर पर रखा गया था, लेकिन पहले मामलों में ही कोर्ट का समय समाप्त हो गया। अब यह संवेदनशील मामला कल 5 फरवरी को फिर 104 नंबर पर सुनवाई के लिए लिस्ट हुआ है।

NEWS IN DETAIL

27% OBC आरक्षण पर लंबी कानूनी लड़ाई आज भी टली

मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा मामला आज 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए लिस्ट था। हालांकि कॉजलिस्ट में यह मामला 104 नंबर पर रखा गया था, लेकिन इससे पहले ही लिस्टेड कई अन्य मामलों में ही कोर्ट का समय समाप्त हो गया और इस मामले की सुनवाई आगे टल गई।

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अधिवक्ताओं ने कोर्ट से सुनवाई का आग्रह किया

इस मामले के पक्षकारों और अधिवक्ताओं ने कोर्ट से आग्रह किया था कि इस मुद्दे को प्राथमिकता के साथ सुना जाए, क्योंकि यह आरक्षण को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस का प्रमुख बिंदु है। अधिवक्ताओं का कहना है कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा होने के कारण इस मामले पर जल्द निर्णय आवश्यक है।

विपक्ष के आरोप और सरकार का खंडन

इस मुद्दे पर कई बार मध्यप्रदेश सरकार की भूमिका पर सवाल उठे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह इस विवाद को लेकर ठोस रणनीति नहीं बना पा रही है और मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पर्याप्त सक्रिय नहीं दिख रही है। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि सरकार को OBC वर्ग के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए अधिक गंभीरता से भूमिका निभानी चाहिए। हालांकि सरकार ने भी इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए बताया है कि इस मामले के लिए वह पूरी तरह सक्रिय और सजग हैं।

सुनवाई पहले भी टल चुकी है कई बार

यह मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए लिस्ट हो चुका है, लेकिन कई बार तारीख बढ़ने या सुनवाई टलने की वजह से इसे आगे बढ़ाया गया है। कोर्ट ने कहा था कि यह मामला आवश्यकता के अनुसार रोजाना सुनवाई के लिए प्राथमिकता में रखा जाएगा, लेकिन आज फिर से सूची में नीचे रहने के कारण सुनवाई संभव नहीं हो पाई।

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अब 5 फरवरी को फिर लिस्ट हुआ मामला

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को 5 फरवरी के लिए पुनः सूचीबद्ध किया है, और अब भी यह मामला 104 नंबर पर ही रखा गया है। इससे एक बार फिर यह आशंका जताई जा रही है कि यदि सूची में इसी क्रम में रहे तो आवश्यक सुनवाई नहीं हो सकेगी। इस बीच OBC वर्ग के प्रतिनिधि तथा वकील सुनवाई की जल्द आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं कि इस मुद्दे पर अदालत को स्पष्ट निर्णय देना चाहिए ताकि इस वर्ग के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी असमर्थता को दूर किया जा सके। दूसरी ओर सरकार पर आरोप जरूर लग रहे हैं लेकिन मध्यप्रदेश सरकार भी यही दावा कर रही है विवाह इस मामले में जल्द से जल्द फैसला चाहते हैं।



27% OBC आरक्षण पर सुनवाई टली

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