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BHOPAL. मध्य प्रदेश मेंसमर्थन मूल्य के खरीद केंद्रों पर गड़बड़ी पर कसावट कारगर साबित नहीं हो रही है। पिछले सीजन में धान खरीदी में बेहिसाब धांधली के बाद अब मूंग की खरीद में भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
सागर कलेक्टर ने केसली क्षेत्र में खरीद केंद्र से 40 लाख कीमत की 459 क्विंटल मूंग गायब होने पर समिति प्रबंधक और कम्प्युटर ऑपरेटर पर अपराध दर्ज कराया है। प्रदेश में मूंग खरीदी में गड़बड़ियां एक के बाद एक सामने आ रही हैं लेकिन पिछले सीजन में करोड़ों की चपत लगने के बाद भी सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और प्रशासन सख्ती नहीं कर पा रहा है।
जांच में खरीद-स्टॉक में अंतर
मूंग खरीदी में समर्थन मूल्य के खरीद केंद्रों पर भारी अनियमितताओं की शिकायतें लगातार जिला प्रशासन तक पहुंच रही हैं। खरीद केंद्र पर किसानों से कमीशन वसूली और एफएक्यू का नजरअंदाज कर अमानक मूंग खरीदी की शिकायतों पर सागर कलेक्टर संदीप जीआर द्वारा खरीद केंद्र और भंडारण स्थलों का निरीक्षण कराया गया। इसमें केसली की बहुउद्देश्यीय प्राथमिक साख सहकारी समिति के जरुआ खरीद केंद्र स्थित वेयर हाउस में मूंग की मात्रा कम पाई गई। वहीं यहां पर अमानक मूंग खरीद की बात भी सामने आई थी।
गोदाम से 459 क्विंटल मूंग गायब
कलेक्टर द्वारा भेजे गए परीक्षण दल ने जब ऑनलाइन खरीदी की पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड से मिलान किया तो गड़बड़ी पकड़ में आ गई। पोर्टल पर मूंग की खरीद 10 हजार 63 क्विंटल दर्ज थी। वेयर हाउस में रखे स्टॉक से 9307 क्विंटल मूंग का परिवहन किया था।
इसके बाद केंद्र पर 755 क्विंटल मूंग का स्टॉक होना था, लेकिन मौके पर केवल 296 क्विंटल मूंग की रखी पाई गई। मौके से जो 459 क्विंटल मूंग गायब है वह करीब 40 लाख रुपए कीमत की बताई जा रही है। ऑनलाइन पोर्टल और भंडारण के रिकॉर्ड में अंतर और मूंग खरीदी में गुणवत्ता की अनदेखी पर जांच दल द्वारा कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपी गई।
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रिश्वत लेते पकड़ा गया था प्रबंधक
जिस सहकारी समिति के गोदाम से 40 लाख कीमत की 459 क्विंटल मूंग गायब है वहां दो दिन पहले ही लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की थी। समिति प्रबंधक संतोष चौबे को लोकायुक्त पुलिस ने किसान से अमानक मूंग खरीदने के बदले में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। चौबे एफएक्यू मानक से कम गुणवत्ता की मूंग खरीदने पर किसान से एक लाख रुपए की रिश्वत ले रहा था। इस मामले में भी उसके विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।
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हेराफेरी छिपाने में जुटी समितियां
कलेक्टर संदीप जीआर ने बहुउद्देश्यीय प्राथमिक सहकारी समिति जरुआ के प्रबंधक संतोष चौबे और कम्प्युटर ऑपरेटर सुनील प्रजापति पर गौरझामर थाने में अपराध दर्ज कराया है। इस कार्रवाई के साथ ही जिले के सभी खरीद केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने के लिए एसडीएम, तहसीलदार और कृषि विभाग के अधिकारियों के दल बनाए गए हैं।
कलेक्टर ने एक केंद्र पर कार्रवाई की है लेकिन अंचल में अब भी समितियों के गोदामों से सैकड़ों क्विंटल मूंग गायब है। इस हेराफेरी को दबाने के लिए समिति प्रबंधक और उनके सहयोगी स्टॉक के परिवहन में जुट गए हैं। वहीं कलेक्टर के आदेश के बाद भी ज्यादातर अधिकारी खरीद और भंडारण केंद्रों के स्टॉक का सत्यापन करने नहीं पहुंच रहे हैं।
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