चलती बस के आगे सीना तानकर खड़ी हुईं एमपी की लेडी सिंघम मोनिका शुक्ला, जानिए कौन हैं
Sourabh Bhatnagar | Jul 30, 2026, 15:03 IST
acp monika shukla bhopal bravery kisan andolan
भोपाल किसान आंदोलन के दौरान ACP मोनिका शुक्ला के साहस की खूब चर्चा हो रही है। प्रदर्शन के बीच बिना ड्राइवर के आगे बढ़ रही स्कूल बस को रोकने के लिए वह बिना डरे बस के सामने खड़ी हो गईं। जानिए कौन हैं यह साहसी महिला पुलिस अधिकारी।
भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान एक हैरान करने वाला नजारा दिखा। बैरिकेड पार करने की कोशिश में किसान आगे बढ़ रहे थे। पुलिस बल मौके पर व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा था। तभी एक स्कूल बस धीरे-धीरे आगे खिसकने लगी। बस में कोई ड्राइवर नहीं था। कुछ किसान बस की छत पर चढ़े हुए थे। कुछ लोग नीचे से बस को धक्का दे रहे थे। हालात किसी बड़े हादसे में बदल सकते थे। देखते ही देखते स्थिति गंभीर होने लगी थी। इसी बीच मौके पर तैनात ACP मोनिका शुक्ला ने साहस दिखाया। उनकी तत्परता ने बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
भीड़ के बीच जैसे ही बस आगे बढ़ी, ACP मोनिका शुक्ला दौड़कर वहां पहुंचीं। उन्होंने खतरे की परवाह नहीं की। बस के ठीक सामने वह अपनी जगह बना खड़ी हो गईं। दोनों हाथ फैलाकर उन्होंने बस रोकने की कोशिश शुरू की। सामने बड़ी संख्या में kisan andolan bhopal केप्रदर्शनकारी मौजूद थे। पीछे से बस को लगातार धक्का दिया जा रहा था। इसके बावजूद मोनिका शुक्ला अपनी जगह से नहीं हटीं। उन्होंने पूरी ताकत लगाकर बस रोकने का प्रयास जारी रखा। उनका यह साहस देखकर कुछ किसान भी आगे आए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी उनकी मदद की। आखिरकार बस रुक गई और बड़ा हादसा टल गया। अगर बस नहीं रुकती तो हालात गंभीर हो सकते थे। मोनिका शुक्ला की सूझबूझ ने उस समय स्थिति संभाल ली। बता दें कि मूंग खरीदी को लेकर किसान 3 दिन से आंदोलन कर रहे थे।
ACP मोनिका शुक्ला का नाम पहले से ही साहसी अधिकारियों में लिया जाता है। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने आगे बढ़कर मोर्चा संभाला हो। करीब एक दशक पहले भोपाल के काजी कैंप इलाके की एक घटना चर्चित है। वहां एक सड़क हादसे के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। हादसे के बाद भीड़ उग्र होने लगी थी। स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए थे और नारेबाजी शुरू हो गई थी।
हालात तेजी से बिगड़ रहे थे। पुलिस बल के लिए भी वह मुश्किल घड़ी थी। उस समय मोनिका शुक्ला ने खुद जिम्मेदारी संभाली थी। बताया जाता है कि वह अकेले जीप लेकर मौके पर पहुंच गई थीं। भीड़ के बीच जाकर उन्होंने हालात नियंत्रित करने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख उन्होंने सख्ती से काम लिया। अपनी सूझबूझ से उन्होंने स्थिति को संभाल लिया था। उस घटना के बाद भी उनके साहस की खूब चर्चा हुई थी।
पुलिस सेवा में मुश्किल हालात संभालना आसान काम नहीं है। कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में फैसला तुरंत लेना पड़ता है। मोनिका शुक्ला ने अपने करियर में यह बार बार साबित किया है। जिम्मेदारी निभाने में वह कभी पीछे नहीं हटीं। जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) रहते हुए भी उनकी अलग पहचान बनी। अनुशासन और सख्ती उनकी कार्यशैली की खास पहचान मानी जाती है। मौके पर तुरंत सही निर्णय लेना उनकी बड़ी खूबी है। यही वजह है कि पुलिस विभाग में उनकी अलग साख है। महिला अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने कभी चुनौतियों से मुंह नहीं मोड़ा। जूनियर अधिकारियों के बीच भी वह एक प्रेरणा की तरह देखी जाती हैं।
मोनिका शुक्ला मध्य प्रदेश पुलिस की वरिष्ठ अधिकारी हैं। वह पहले मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थीं। साल 1994 में उन्होंने पुलिस सेवा में कदम रखा था। बाद में साल 2009 में उन्हें IPS (आईपीएस मोनिका शुक्ला) कैडर मिला। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। जिलों में SP पद पर रहते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था संभाली।
अपनी कार्यशैली से उन्होंने हर जगह पहचान बनाई। मोनिका शुक्ला के पति शशिकांत शुक्ला भी IPS अधिकारी हैं। वह भी पुलिस विभाग में कई अहम पदों पर रह चुके हैं।
एमपी किसान आंदोलन की यह घटना एक बार फिर बड़ा सबक देती है। पुलिस अधिकारियों के सामने अक्सर कुछ सेकंड में फैसला लेने की स्थिति आती है। ACP मोनिका शुक्ला ने भीड़, भारी वाहन और खतरे के बीच हिम्मत (किसान आंदोलन भोपाल) दिखाई। इससे उनकी जिम्मेदारी और कर्तव्य भावना साफ झलकती है। एक महिला अधिकारी के तौर पर उन्होंने बड़ा संदेश दिया है।
वर्दी पहनने (mp police news) वाले अधिकारी के लिए लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। यही वजह है कि आज मोनिका शुक्ला की चर्चा हर तरफ हो रही है। मुश्किल वक्त में मैदान छोड़ने के बजाय वह डटकर खड़ी रहती हैं। उनका यह साहस कई पुलिसकर्मियों के लिए मिसाल बन गया है। खासकर महिला पुलिसकर्मियों के लिए उनकी यह घटना एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके इस कदम की खूब तारीफ हो रही है।
मुंबई में सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टीके समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान एक तस्वीर सबसे ज्यादा चर्चा में आई थी। ग्रे हुडी पहने एक युवती अपनी बाहें फैलाकर पुलिस वैन के आगे खड़ी हो गई। यह युवती 27 साल की मॉडल रिया अहिर निकलीं। उन्होंने डिटेन किए गए प्रदर्शनकारियों को गैरजरूरी तरीके से ले जाया जाना समझकर वैन को रोक दिया। उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थी।
शिव्या कनोजिया और ओसामा रावल की रिपोर्ट के अनुसार, रिया अहिर पेशे से मॉडल हैं और इंस्टाग्राम पर उनके करीब एक लाख फॉलोअर्स हैं। वे कई म्यूजिक वीडियो में भी नजर आ चुकी हैं। उनका सबसे हालिया काम गाने "दिलबरा" के वीडियो में देखा गया था।
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बिना डरे सामने खड़ी हो गईं ACP
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पहले भी दिखा चुकी हैं यह साहस
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हालात तेजी से बिगड़ रहे थे। पुलिस बल के लिए भी वह मुश्किल घड़ी थी। उस समय मोनिका शुक्ला ने खुद जिम्मेदारी संभाली थी। बताया जाता है कि वह अकेले जीप लेकर मौके पर पहुंच गई थीं। भीड़ के बीच जाकर उन्होंने हालात नियंत्रित करने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख उन्होंने सख्ती से काम लिया। अपनी सूझबूझ से उन्होंने स्थिति को संभाल लिया था। उस घटना के बाद भी उनके साहस की खूब चर्चा हुई थी।
महिला अफसर के तौर पर अलग पहचान
कौन हैं ACP मोनिका शुक्ला
अपनी कार्यशैली से उन्होंने हर जगह पहचान बनाई। मोनिका शुक्ला के पति शशिकांत शुक्ला भी IPS अधिकारी हैं। वह भी पुलिस विभाग में कई अहम पदों पर रह चुके हैं।
who is acp monika shukla?
कर्तव्य के आगे खतरे की परवाह नहीं
वर्दी पहनने (mp police news) वाले अधिकारी के लिए लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। यही वजह है कि आज मोनिका शुक्ला की चर्चा हर तरफ हो रही है। मुश्किल वक्त में मैदान छोड़ने के बजाय वह डटकर खड़ी रहती हैं। उनका यह साहस कई पुलिसकर्मियों के लिए मिसाल बन गया है। खासकर महिला पुलिसकर्मियों के लिए उनकी यह घटना एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके इस कदम की खूब तारीफ हो रही है।
हाल ही सामनें आया था ऐसा मामला
THIS IS PEAK COURAGE 🔥
One fearless woman stood in front of a police can carrying detained protestors during Mumbai students protest
She refused to back down
Soon more people joined and the police had to release the protestors
What a brave lady. Huge respect 🫡 pic.twitter.com/2iGA9GMdtw
— Ankit Mayank (@mr_mayank) July 22, 2026
FAQ
- प्रश्न 1: ACP मोनिका शुक्ला ने भोपाल में क्या किया था?
उत्तर: किसान आंदोलन के दौरान एक स्कूल बस बिना ड्राइवर के आगे बढ़ने लगी थी। ACP मोनिका शुक्ला ने दोनों हाथ फैलाकर बस के सामने खड़े होकर उसे रोक दिया। उनकी इस तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ है। - प्रश्न 2: ACP मोनिका शुक्ला कौन हैं?
उत्तर: मोनिका शुक्ला मध्य प्रदेश पुलिस की वरिष्ठ अधिकारी हैं। वह पहले मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थीं। साल 1994 में उन्होंने पुलिस सेवा शुरू की थी। बाद में साल 2009 में उन्हें IPS कैडर मिला। उनके पति शशिकांत शुक्ला भी IPS अधिकारी हैं।
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