शनिवार दर्पण के मालिक रमेश मंगल के निधन के बाद उनकी उनकी पत्नी ने संपत्ति को लेकर पुत्र, बहू, पोतियों पर लगाया केस
Pratibha Rana | Feb 14, 2024, 11:35 IST
इंदौर जिला कोर्ट
शनिवार दर्पण के मालिक रमेश मंगल के निधन के बाद उनके परिवार में संपत्ति को लेकर आंतरिक कलह तेज हो गई है। हालत यह हो गई है कि स्वर्गीय रमेश मंगल की पत्नी 76 वर्षीय उषादेवी ने अपने पुत्र, बहू व पोतियों के खिलाफ ही जिला कोर्ट में केस दायर कर दिया है।
संजय गुप्ता, INDORE. शनिवार दर्पण( Shaniwar Darpan ) के मालिक, उद्योगपति व बिल्डर रमेश मंगल ( Shaniwar Darpan owner Ramesh Mangal)के निधन के बाद उनके परिवार में संपत्ति को लेकर आंतरिक कलह तेज हो गई है। हालत यह हो गई है कि स्वर्गीय रमेश मंगल( allegations by Ramesh wife) की पत्नी 76 वर्षीय उषादेवी ने अपने पुत्र, बहू व पोतियों के खिलाफ ही जिला कोर्ट में केस दायर कर दिया है। इस मामले में पुलिस मे भी उन्होंने शिकायत की है।
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उषा देवी ने पुत्र राजेश मंगल, बहू मुक्ता के साथ पोती शिवानी व मीनाक्षी मंगल को पार्टी बनाने के साथ इंदौर नगर निगम को को भी पार्टी बनाया है। इस केस में पहली सुनवाई के बाद उषादेवी के पक्ष में जिला कोर्ट में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश हुए हैं और साथ ही पुत्र राजेश सहित सभी पक्षकारों को वादग्रस्त संपत्ति में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करने का आदेश जारी किया है।
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कोर्ट में सुनवाई के दौरान उषादेवी के अधिवक्ता एसजे पोलेकर ने बताया कि उषादेवी के पास मकान नंबर 8/2, न्यू पलासिया का 8800 वर्गफीट का है। इसकी ई वसीयक रमेश मंगल ने उषादेवी के पक्ष में की थी और वही इकलौती मालिक है और उन्हीं का आधिपत्य है। लेकिन पुत्र, बहू व पोतियों द्वारा उन्हें इस मकान से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है, उन्हें हस्तक्षेप से रोका जाए। कोर्ट ने उषादेवी का पक्ष सुनने के बाद उनके पक्ष में यथास्थिति का आदेश जारी कर दिया है।
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वहीं कोर्ट से स्टे मिलने का बाद उषादेवी ने अधिवक्ता पोलेकर के माध्यम से अखबारों में जाहिर सूचना भी जारी कर दी है। इसमें पूरे मामले की जानकारी देते हुए कहा गया है कि वसीयतनामा से एकमात्र मालिकी व आधिपत्य उषादेवी का है। लेकिन नामांतरण कार्रवाई में बाधा डालने, व्यवधान उत्पन्न करने व बलपूर्वक अवैध तरीके से उन्हें बेदखल कर कब्जा करने, विक्रय करने के खिलाफ पक्षकार ने पुलिस में शिकायत की है और कोर्ट में केस लगाया है, जिसमें संपत्ति में हस्तक्षेप से रोकने संबंधी आदेश कोर्ट ने जारी किया है। इसलिए इस मकान के मामले में राजेश मंगल से किस तरह का व्यवहार नहीं करें।
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इनके खिलाफ लगाया केस
उषा देवी ने पुत्र राजेश मंगल, बहू मुक्ता के साथ पोती शिवानी व मीनाक्षी मंगल को पार्टी बनाने के साथ इंदौर नगर निगम को को भी पार्टी बनाया है। इस केस में पहली सुनवाई के बाद उषादेवी के पक्ष में जिला कोर्ट में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश हुए हैं और साथ ही पुत्र राजेश सहित सभी पक्षकारों को वादग्रस्त संपत्ति में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करने का आदेश जारी किया है।
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कोर्ट में यह कहा गया उषादेवी की ओर
कोर्ट में सुनवाई के दौरान उषादेवी के अधिवक्ता एसजे पोलेकर ने बताया कि उषादेवी के पास मकान नंबर 8/2, न्यू पलासिया का 8800 वर्गफीट का है। इसकी ई वसीयक रमेश मंगल ने उषादेवी के पक्ष में की थी और वही इकलौती मालिक है और उन्हीं का आधिपत्य है। लेकिन पुत्र, बहू व पोतियों द्वारा उन्हें इस मकान से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है, उन्हें हस्तक्षेप से रोका जाए। कोर्ट ने उषादेवी का पक्ष सुनने के बाद उनके पक्ष में यथास्थिति का आदेश जारी कर दिया है।
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पुत्र राजेश सहित अन्य के खिलाफ जाहिर सूचना भी कर दी जारी
वहीं कोर्ट से स्टे मिलने का बाद उषादेवी ने अधिवक्ता पोलेकर के माध्यम से अखबारों में जाहिर सूचना भी जारी कर दी है। इसमें पूरे मामले की जानकारी देते हुए कहा गया है कि वसीयतनामा से एकमात्र मालिकी व आधिपत्य उषादेवी का है। लेकिन नामांतरण कार्रवाई में बाधा डालने, व्यवधान उत्पन्न करने व बलपूर्वक अवैध तरीके से उन्हें बेदखल कर कब्जा करने, विक्रय करने के खिलाफ पक्षकार ने पुलिस में शिकायत की है और कोर्ट में केस लगाया है, जिसमें संपत्ति में हस्तक्षेप से रोकने संबंधी आदेश कोर्ट ने जारी किया है। इसलिए इस मकान के मामले में राजेश मंगल से किस तरह का व्यवहार नहीं करें।
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