एम्स भोपाल ने लॉन्च किया कोड इमरजेंसी मोबाइल ऐप, इंटरनेट कनेक्शन की नहीं पड़ेगी जरूरत!
Sandeep Kumar | Jul 06, 2025, 19:28 IST
aiims-bhopal-launches
एम्स भोपाल ने 'कोड इमरजेंसी' नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों को मार्गदर्शन और त्वरित स्वास्थ्य सहायता प्रदान करेगा। यह बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी कार्य करता है।
MP के भोपाल एम्स ने हाल ही में 'कोड इमरजेंसी' नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य आकस्मिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करना और जीवन बचाना है। यह ऐप अब प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसका लक्ष्य हर व्यक्ति को आपातकालीन स्थितियों में 'हेल्थ एक्सपर्ट' बनाना है।
मामलों में, यदि कोई व्यक्ति तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दे, तो घटना को रोका जा सकता है। 'कोड इमरजेंसी' ऐप ऐसे मामलों में लोगों को तुरंत और सही मार्गदर्शन प्रदान करेगा, ताकि वे बिना झिझक के तत्काल सहायता दे सकें।
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कोड इमरजेंसी ऐप
सही मार्गदर्शन और तुरंत सहायता
इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं
एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। यह सुविधा मेट्रो शहरों से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों तक के लोगों को आपातकालीन स्थितियों में ऐप का उपयोग करने में मदद करेगी।
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'वन स्टेट, वन हेल्थ, वन इमरजेंसी' पॉलिसी
डॉ. सिंह ने बताया कि 'कोड इमरजेंसी' ऐप एम्स भोपाल की 'वन स्टेट, वन हेल्थ, वन इमरजेंसी' पॉलिसी पर आधारित है। इसका उद्देश्य पूरे राज्य में समान स्वास्थ्य आपातकालीन सेवाएं सुनिश्चित करना है। यह ऐप केवल हेल्थ वर्कर्स के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी डिज़ाइन किया गया है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति आपातकालीन स्थितियों में मदद कर सकेगा।
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'कोड इमरजेंसी' ऐप की प्रमुख सुविधाओं
- बहुभाषी और ऑफलाइन सुविधा: ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। एक बार डाउनलोड करने के बाद यह बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करता है।
- ऑडियो-विजुअल दिशानिर्देश: ऐप में ऑडियो-विजुअल माध्यम से सीपीआर देने की प्रक्रिया का मार्गदर्शन किया जाता है, जो सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है।
- आपातकालीन जानकारी: ऐप में 'वन स्टेट वन हेल्थ वन इमरजेंसी पॉलिसी' पर आधारित एक ड्रॉपडाउन मेन्यू है, जिससे सांप काटने, सड़क दुर्घटनाओं, सिर में चोट जैसे विभिन्न आपातकालीन मामलों में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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