शहरी सड़क ग्राम पंचायत में बनी, बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय को फायदा पहुंचाने का आरोप
Amresh Kushwaha | May 16, 2026, 15:06 IST
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रतलाम के आलोट में कायाकल्प योजना 2.0 के तहत बनी सड़क विवादों में है। आरोप है कि नगरीय सीमा की शर्त के बावजूद ग्राम पंचायत क्षेत्र में सड़क बनाई गई, जहां BJP विधायक चिंतामणि मालवीय और उनके करीबियों की जमीन है।
शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला...
- रतलाम के आलोट में कायाकल्प योजना 2.0 में करोड़ों की सड़क बनी है।
- सड़क नगरीय सीमा की बजाय ग्राम पंचायत क्षेत्र में बनाई गई है।
- सड़क के किनारे BJP विधायक और उनके करीबियों की जमीन है।
- सड़क बनने के बाद उस इलाके में जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ गईं हैं।
- मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। साथ ही, CBI और लोकायुक्त जांच की मांग भी हुई है।
सड़क बनी, विवाद भी बना
यह मामला आलोट नगर परिषद से जुड़ा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने कायाकल्प अभियान 2.0 के तहत शहरों में सीमेंट-कंक्रीट सड़कें बनाने की योजना शुरू की थी। योजना की एक अहम शर्त यह थी कि सड़कें केवल नगरीय सीमा के भीतर ही बनेंगी।
23 फरवरी को मंजूरी, दिसंबर में जमीन खरीद
यानी मंजूरी फरवरी 2024 में मिली, जमीन की रजिस्ट्री दिसंबर 2024 में हुई और सड़क का निर्माण 2025 में किया गया था। इस क्रम को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
980 मीटर सड़क पर 1 करोड़ रुपए
स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क बनने से पहले इस इलाके में जमीन की कीमत 50 से 60 लाख रुपए प्रति एकड़ थी। सड़क बनने के बाद यही जमीन 1.25 से 1.50 करोड़ रुपए प्रति एकड़ तक पहुंच गई है। यानी कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सड़क बनने के बाद आसपास की जमीनों पर प्लॉटिंग भी शुरू हो गई है।
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विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा किमध्यप्रदेश में अब कायाकल्प योजना विकास से ज्यादा नेताओं की जमीन चमकाने का जरिया बनती दिख रही है।रतलाम के आलोट में करोड़ों की सड़क ऐसी जगह बना दी गई, जहां भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय और उनके करीबियों की जमीनें हैं।
सड़क बनते ही खेतों के भाव आसमान छूने लगे और प्लॉट करोड़ों में बिकने की चर्चा शुरू हो गई है।सवाल ये है कि सरकारी योजनाएं जनता की जरूरत देखकर बनेंगी या नेताओं की प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाने के लिए?भाजपा राज में सड़क हो, जमीन हो, खनन हो या पानी… हर जगह जनता का पैसा लग रहा है और फायदा नेताओं को मिलता दिख रहा है।प्रदेश की जनता को असली विकास चाहिए, भाजपा प्रॉपर्टी मॉडल नहीं।
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