सड़क ठेकेदार का कारनामा: कर डाली करोड़ों की अवैध खुदाई,वसूली सिर्फ 15 लाख की !
Ravi Awasthi | Jul 29, 2025, 18:55 IST
GHV
मध्य प्रदेश में अवैध खनन एक बड़ी समस्या है। प्रशासनिक अमले व ठेकेदारों की मिलीभगत से इसे अब सड़क निर्माण में भी अंजाम दिया जा रहा है। ऐसा ही मामला उज्जैन में सामने आया।
भोपाल।
मुरम खनिज के अवैध उत्खनन के गंभीर मामलों में घिरी निर्माण कंपनी जीएचवी इंडिया प्रा.लि.पर लगभग 165 करोड़ रुपए के जुर्माने के प्रकरण दर्ज हैं। लेकिन कंपनी की ओर से अब तक महज 15.71 लाख की राशि ही जमा कराई गई है। जो कि कुल राशि का एक प्रतिशत से भी कम है।
यह जानकारी मंगलवार को राज्य विधानसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दी। उज्जैन के ही विधायक सतीश मालवीय के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन-गरोठ हाईवे निर्माण कर रही जीएचवी कंपनी के खिलाफ अवैध तरीके से मुरम उत्खनन के पांच अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। पांचों ही प्रकरणों में ठेकेदार कंपनी पर करीब 165 करोड़ रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
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77,000 घनमीटर से ज़्यादा
डॉ यादव ने बताया कि महिदपुर तहसील के ग्राम डॉगला में भूमि सर्वे क्रमांक 79 और 306 पर मुरम खनिज के 5 लाख घनमीटर से अधिक के अवैध उत्खनन के दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनमें क्रमशः 12.82 करोड़ और 64.85 करोड़ रुपए के जुर्माने की अनुशंसा की गई है। दोनों मामले अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रचलन में हैं।
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जीएचवी इंडिया ने उज्जैन गरोठ हाईवे निर्माण के दौरान बिना अनुमति के तीन अन्य स्थानों पर भी शासन की अनुमति बिना अवैध तरीके से मुरम का उत्खनन किया। इनमें ढाबलागौरी तालाब क्षेत्र से 1584 घनमीटर मुरम के उत्खनन पर 23.77 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह,जिले के ग्राम ब्यावरा में 1048 घनमीटर मुरम उत्खनन पर 15.71 लाख रुपए व ग्राम भूतिया में 3180घनमीटर उत्खनन पर 47लाख 68हजार रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
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सीएम डॉ यादव ने कहा कि आरोपी कंपनी की ओर से 15 लाख 71हजार 820रुपए की जुर्माना राशि गत जनवरी में चालान के माध्यम से जमा की गई। शेष प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रचलन में हैं।
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बता दें कि उज्जैन से गरोठ फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। यह हाईवे 90 गांवों से होकर गुजरा है। जिसमें उज्जैन,घटिया और महिदपुर के गांव शामिल हैं। इस हाईवे के बनने से उज्जैन से गरोठ तक का सफर 1 से 1.5 घंटे में पूरा हो सकेगा।
हाईवे का निर्माण कार्य नवंबर 2022 में शुरू हुआ था। इस परियोजना का ठेका तीन कंपनियों-जीएचवी, रवि इंफ्रा और एमकेसी इंफ्रा को दिया गया था। तीनों कंपनियों को जुलाई 2024 तक काम पूरा करना था,लेकिन जीएचवी की ओर से विलंब किए जाने के कारण इसे पूरा करने की अवधि करीब आठ महीने और बढ़ाई गई।
मुरम खनिज के अवैध उत्खनन के गंभीर मामलों में घिरी निर्माण कंपनी जीएचवी इंडिया प्रा.लि.पर लगभग 165 करोड़ रुपए के जुर्माने के प्रकरण दर्ज हैं। लेकिन कंपनी की ओर से अब तक महज 15.71 लाख की राशि ही जमा कराई गई है। जो कि कुल राशि का एक प्रतिशत से भी कम है।
यह जानकारी मंगलवार को राज्य विधानसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दी। उज्जैन के ही विधायक सतीश मालवीय के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन-गरोठ हाईवे निर्माण कर रही जीएचवी कंपनी के खिलाफ अवैध तरीके से मुरम उत्खनन के पांच अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। पांचों ही प्रकरणों में ठेकेदार कंपनी पर करीब 165 करोड़ रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
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77,000 घनमीटर से ज़्यादा अवैध खुदाई
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तीन और मामले उज्जैन-गरोठ हाईवे परियोजना में
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अब तक सिर्फ 15 लाख की वसूली
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हाईवे से जुड़े 90 गांव,जीएचवी ने किया लेट
हाईवे का निर्माण कार्य नवंबर 2022 में शुरू हुआ था। इस परियोजना का ठेका तीन कंपनियों-जीएचवी, रवि इंफ्रा और एमकेसी इंफ्रा को दिया गया था। तीनों कंपनियों को जुलाई 2024 तक काम पूरा करना था,लेकिन जीएचवी की ओर से विलंब किए जाने के कारण इसे पूरा करने की अवधि करीब आठ महीने और बढ़ाई गई।
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