नर्मदांचल के शिवाजी थे भभूत सिंह, छापामार युद्ध में पारंगत... उनके लिए अंग्रेजों को बुलानी पड़ी थी मद्रास इन्फेंटरी

Sandeep Kumar | Jun 04, 2025, 24:15 IST
Share
Bhabhut Singh Shivaji Narmadachal
Bhabhut Singh Shivaji Narmadachal

राजा भभूत सिंह कुशल योद्धा होने के साथ भगवान शिव के भक्त थे। सिंगानामा के पास उनके द्वारा बनवाए गए कुंड और शिवलिंग आज भी आध्यात्मिकता की गवाही देते हैं।

मध्य प्रदेश की धरती ने कई वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दी। बिरसा मुंडा, टंट्या भील जैसे क्रांतिकारियों की गाथाएं तो इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं, पर नर्मदांचल के राजा भभूत सिंह की वीरता की कहानी आज भी सतपुड़ा की पहाड़ियों में गूंजती है। छापामार युद्ध में माहिर इस वीर योद्धा को पकड़ने के लिए अंग्रेजों को मद्रास इन्फेंटरी तक बुलानी पड़ी थी। उनकी शौर्यगाथा को सम्मान देने के लिए डॉ.मोहन यादव सरकार ने पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया है।

इस खास रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहा हैं राजा भभूत सिंह का शौर्य...

1857 के स्वतंत्रता संग्राम की लौ जब देशभर में फैल रही थी, तब सतपुड़ा की गोद में राजा भभूत सिंह ने तात्या टोपे के साथ मिलकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का बिगुल फूंका। पचमढ़ी जागीर के स्वामी ठाकुर अजीत सिंह के वंशज राजा भभूत सिंह ने लोगों को एकजुट करके अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। हर्राकोट राईखेड़ी शाखा के जागीरदार भभूत सिंह छापामार युद्ध में पारंगत थे। रणनीति इतनी प्रभावी थी कि उन्हें नर्मदांचल का शिवाजी कहा जाने लगा। सतपुड़ा के जंगलों और पहाड़ी रास्तों की गहरी जानकारी ने उन्हें अंग्रेजों के लिए एक पहेली बना दिया। दो साल तक चले कड़े संघर्ष में अंग्रेजों को उनकी गिरफ्तारी के लिए मद्रास इन्फेंटरी की मदद लेनी पड़ी थी।

ये खबर भी पढ़िए... इंदौर के राजा रघुवंशी हुई हत्या, पुलिस ने जब्त किया हथियार, पीएम रिपोर्ट का खुलासा दो दिन बाद

शिव भक्ति और युद्धकला का संगम

राजा भभूत सिंह कुशल योद्धा होने के साथ भगवान शिव के भक्त थे। सिंगानामा के पास उनके द्वारा बनवाए गए कुंड और शिवलिंग आज भी आध्यात्मिकता की गवाही देते हैं। वे औषधियों के जानकार थे। युद्ध में जब सैनिक जख्मी हो जाते थे तो भभूत सिंह औषधियों से उन्हें ठीक कर देते थे।
पचमढ़ी और मढ़ई के बीच घने जंगलों में उनके किले का द्वार और अगरिया लोहारों की भट्टियां आज भी हैं। ये साक्ष्य बताते हैं कि राजा भभूत सिंह रणनीतिक किलेबंदी में माहिर होने के साथ बड़े पैमाने पर हथियार बनवाने की क्षमता रखते थे।

ये खबर भी पढ़िए... एमपी पुलिस ट्रांसफर : आईपीएस शशांक बने भोपाल पुलिस उपायुक्त, कानून व्यवस्था में नया युग

दादा मोहन सिंह से मिली प्रेरणा

राजा भभूत सिंह की क्रांतिकारी चेतना उनके दादा ठाकुर मोहन सिंह से प्रेरित थी। 1819-20 में ठाकुर मोहन सिंह ने नागपुर के पराक्रमी पेशवा अप्पा साहेब भोंसले का साथ देते हुए अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था। अप्पा साहेब ने महादेव की पहाड़ियों में रहकर आदिवासी समुदाय को एकजुट किया, जिसमें ठाकुर मोहन सिंह ने अहम भूमिका निभाई। यही वह जज्बा था, जिसने भभूत सिंह के मन में स्वतंत्रता की ज्वाला प्रज्वलित की।

ये खबर भी पढ़िए... इंदौर में बिल्डिंग ब्लास्ट से उड़ाने के तीन अहम किरदार, महापौर फिर भड़के कैसे टूटा पूरा मकान

ये खबर भी पढ़िए... IPL 2025 : MP के रजत पाटीदार की कप्तानी में RCB पहली बार बना चैपिंयन, पंजाब को 6 रन से हराया

जल, जंगल, जमीन के लिए बलिदान

सीएम मोहन यादव कहते हैं, पचमढ़ी जनजातीय समाज के बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा की साक्षी है। 1857 की क्रांति से पहले और बाद में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जनजातीय योद्धाओं ने अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने बताया कि 1959 तक पचमढ़ी मध्यप्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही। वहां विधानसभा सत्र आयोजित होते थे। अब, इस ऐतिहासिक स्थल पर कैबिनेट बैठक आयोजित कर सरकार ने जनजातीय नायकों के योगदान को सम्मान देने का संकल्प लिया है।

चौरागढ़ महादेव की पहाड़ियों से लेकर बोरी क्षेत्र तक राजा भभूत सिंह की वीरता के किस्से आज भी लोकमानस के मन में हैं। उनकी रणनीति, साहस और समर्पण आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

राजा भभूत सिंह अभयारण्य एमपी हिंदी न्यूज

Tags:
  • सीएम मोहन यादव
  • मध्य प्रदेश
  • पचमढ़ी
  • एमपी हिंदी न्यूज
  • राजा भभूत सिंह अभयारण्य
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा