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Bhagirathapura
INDORE. भागीरथपुरा में गंदे पानी के कांड को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा द सूत्र से चर्चा में कहा कि शहर तकलीफ में हैं। यदि ऐसे में मैं सो जाऊं तो मुझसे नकारा कोई नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम के काम को लेकर कुछ गलतफहमियां थी वह दूर हो गई है। सरकार, प्रशासन, निगम सभी मिलकर काम कर रहे हैं।
रेसीडेंसी की बैठक में यह हुई चर्चा
सीएम मोहन यादव के निर्देश के बाद एससीएस संजय दुबे ने एरिया का दौरा किया। फिर मंत्री विजयवर्गीय व अन्य जनप्रतिनिधियों की बैठक रेसीडेंसी में हुई। इसमें मंत्री विजयवर्गीय के साथ ही मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक गोलू शुक्ला, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव व सभी अधिकारी मौजूद थे। इसमें बात हुई कि सभी रूके काम तेजी से किए जाएं। कुछ फंड की कमी है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। सीवरेज और ड्रेनेज लाइन को अलग-अलग किया जाएगा। अब एसीएस सीएम को रिपोर्ट देंगे।
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एक अधिकारी पर अधिक काम था, अब दूसरे आ रहे
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि एक अधिकारी पर अधिक काम था। लेकिन अब दो-तीन अधिकारी नए आ रहे हैं तो उन पर भी काम का बोझ कम हो जाएगा। काम को लेकर कुछ गलतफहमियां थी वह दूर हो गई है। टेंडर हो चुके हैं और एक-दो दिन में ही वर्कआर्डर कर काम शुरू कर दिया जाएगा। टेंडर वाले विवाद की इतिश्री हो गई है।
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कार्रवाई होगी
मंत्री ने यह भी कहा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। जोनल अधिकरी सर्वाधिक जम्मेदार है। गंदे पानी की शिकायत थी तो ये उनकी जिम्मेदारी थी। वह लोगों को आगाह करते कि पानी को उबालकर पीएं और क्लोरीन आदि बंटवाते। यह उन्होंने नहीं किया।
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मरीज आ रहे हैं, लेकिन अब कोई गंभर नहीं
मंत्री ने कहा कि स्थिति अब ठीक हो रही है, हमारी प्राथमिकता उपचार की है। सुबह चार मरीज आए थे जिन्हें भर्ती कराया है। अस्पतालों में 200 मरीज भर्ती थे, जिनमें 40-50 को डिस्चार्ज किया गया है। कोई भी गंभीर स्थिति नहीं है। जो मरीज आईसीयू में हैं, वे भी खतरे से बाहर हैं। मौत का आंकड़ा चार है, वहीं रिपोर्ट 8 की है तो वह चेक कर रहे हैं। पानी की टेस्टिंग हो रही है और 50 टैंकर से पेयजल दे रहे हैं।
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