भोजशाला के पास आज भी नमाज नहीं, जगह पर उलझन, सुप्रीम कोर्ट में केस लिस्ट नहीं
Sanjay Gupta | Jul 24, 2026, 12:28 IST
bhojshala namaz dispute supreme court
धार के भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने मालीबाड़ा स्थित 40 पीर को नमाज के लिए तय किया था। लेकिन मुस्लिम पक्ष ने 17 जुलाई के बाद 24 जुलाई को भी वहां नमाज पढ़ने से इनकार कर दिया।
धार भोजशाला मामले में हाजी मुनीर द्वारा याचिका लगाकर प्रशासन द्वारा 40 पीर पर जगह देने पर आपत्ति ली गई है। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि वह पास में जगह देने के लिए प्रशासन को मनाएंगे। इस संबंध में 22 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में बात हुई थी। शुक्रवार 24 जुलाई को सुनवाई संभावित थी, लेकिन केस लिस्ट नहीं हुआ और जानकारी के अनुसार पक्षकार ने भी इसमें मेंशन लेकर जल्द सुनवाई की मांग नहीं रखी।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार की नमाज के लिए दोपहर 1 से 3 बजे तक जगह देने को कहा है। लेकिन प्रशासन ने जो जगह तय की है, उससे मुस्लिम पक्ष संतुष्ट नहीं है। मुस्लिम पक्ष भोजशाला के पास दाईं ओर स्थित खिलजी दरगाह में नमाज की जगह चाहता है।
इस मुद्दे पर गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ ही संभागायुक्त सुदाम खाड़े, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, धार एसपी सचिन शर्मा और अन्य अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जगह तय की जाए।
इसके बाद अधिकारियों ने मुस्लिम पक्ष से भी बात की। उनसे ऐसी जगह बताने को कहा गया, जहां नमाज भी हो सके और कानून-व्यवस्था की समस्या भी न आए।
मुस्लिम पक्ष ने एक बार फिर प्रशासन से भोजशाला परिसर के पास खिलजी दरगाह में नमाज की जगह मांगी। लेकिन इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन को आशंका है कि वहां जगह देने से आगे दोनों पक्षों के आने-जाने में परेशानी हो सकती है। वहीं मुस्लिम पक्ष 40 पीर में नमाज पढ़ने के लिए तैयार नहीं है।
द सूत्र ने इस मुद्दे पर धार कलेक्टर मीणा से बात की। उन्होंने कहा कि जगह को लेकर हमने सामने वालों से भी विकल्प मांगे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था में भी समस्या नहीं आए। हमने जो जगह बताई, वह काफी सोच-समझकर बताई है। सभी से संवाद लगातार जारी है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जिब्रान अंसारी की याचिका पर 17 जुलाई को लिखित आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज के लिए दोपहर 1 से 3 बजे तक धार भोजशाला परिसर से सटी या नजदीक की जगह दी जाए।
प्रशासन की तय जगह से मुस्लिम पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद हाजी मुनीर ने मामले में हस्तक्षेप याचिका लगाई। इस पर 22 जुलाई को सुनवाई हुई।
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच को बताया कि प्रशासन को नजदीक की जगह चुनने के लिए कहा गया है। इस पर प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल तय वैकल्पिक जगह विवादित परिसर (धार भोजशाला मामला) से करीब 900 मीटर दूर है। साथ ही कहा कि वे खुद मामले की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर उचित कदम भी उठाए जाएंगे।
जस्टिस बागची ने साफ कहा कि कोर्ट के पुराने आदेश (धार भोजशाला न्यूज ) का अक्षरशः और उसकी भावना के अनुसार पालन होना चाहिए।
ये खबरें भी पढ़ें...
भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार, नमाज के लिए पास में जगह देने के लिए मनाएंगे
धार की भोजशाला में नमाज की जगह पर विवाद गहराया, मुस्लिम पक्ष नहीं जाएगा 40 पीर
नमाज के लिए भोजशाला से दूर चालीस पीर दी जगह, मुस्लिम समाज नहीं गया
भोजशाला के बाहर नमाज कहां होगी, सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश के बाद जगह ढूंढ रहा प्रशासन
सीएम के साथ मीटिंग, पक्षकारों के साथ भी
इस मुद्दे पर गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ ही संभागायुक्त सुदाम खाड़े, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, धार एसपी सचिन शर्मा और अन्य अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जगह तय की जाए।
इसके बाद अधिकारियों ने मुस्लिम पक्ष से भी बात की। उनसे ऐसी जगह बताने को कहा गया, जहां नमाज भी हो सके और कानून-व्यवस्था की समस्या भी न आए।
जगह को लेकर नहीं बनी सहमति
धार कलेक्टर यह बोले
इसके पहले सुप्रीम कोर्ट में यह हुआ था
प्रशासन की तय जगह से मुस्लिम पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद हाजी मुनीर ने मामले में हस्तक्षेप याचिका लगाई। इस पर 22 जुलाई को सुनवाई हुई।
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच को बताया कि प्रशासन को नजदीक की जगह चुनने के लिए कहा गया है। इस पर प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल तय वैकल्पिक जगह विवादित परिसर (धार भोजशाला मामला) से करीब 900 मीटर दूर है। साथ ही कहा कि वे खुद मामले की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर उचित कदम भी उठाए जाएंगे।
जस्टिस बागची ने साफ कहा कि कोर्ट के पुराने आदेश (धार भोजशाला न्यूज ) का अक्षरशः और उसकी भावना के अनुसार पालन होना चाहिए।
ये खबरें भी पढ़ें...
भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार, नमाज के लिए पास में जगह देने के लिए मनाएंगे
धार की भोजशाला में नमाज की जगह पर विवाद गहराया, मुस्लिम पक्ष नहीं जाएगा 40 पीर
नमाज के लिए भोजशाला से दूर चालीस पीर दी जगह, मुस्लिम समाज नहीं गया
भोजशाला के बाहर नमाज कहां होगी, सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश के बाद जगह ढूंढ रहा प्रशासन
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman