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BHOPAL. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार, 02 मार्च की सुबह से हड़कंप मचा हुआ है। शहर की पीपुल्स यूनिवर्सिटी को सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
वहीं, अब भोपाल एम्स को भी इसी तरह की धमकी दी गई है। एक ही दिन में दो बड़े संस्थानों को निशाना बनाए जाने की खबर से प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है।
खाली कराया गया परिसर, अलर्ट पर पुलिस
राजधानी के एम्स कॉलेज में धमकी की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था शुरू कर दी। एहतियात के तौर पर पूरे कॉलेज को खाली करवा लिया गया।
पुलिस का बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) मौके पर पहुंच चुका है। हर जगह की सख्ती से जांच की जा रही है। अफरा-तफरी के माहौल के बीच पुलिस बल तैनात है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
खौफनाक ई-मेल: दोपहर 12:15 बजे होगा ब्लास्ट
पीपुल्स यूनिवर्सिटी को जो ई-मेल मिला, उसकी भाषा काफी डराने वाली थी। उसमें लिखा था कि कॉलेज परिसर में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं और ये बम दोपहर 12:15 बजे फट जाएंगे।
धमकी देने वाले ने यह भी कहा था कि सुबह 11:00 बजे तक सभी डॉक्टर और स्टूडेंट्स को बाहर निकाल लिया जाए। ई-मेल के अंत में अल्लाह हू अकबर लिखा था।
डॉग स्क्वॉड के साथ चप्पे-चप्पे की तलाशी
धमकी मिलने के बाद तुरंत पुलिस और बम निरोधक दस्ता यूनिवर्सिटी पहुंचे। टीम ने डॉग स्क्वॉड की मदद से क्लासरूम, हॉस्टल और पार्किंग एरिया की पूरी तरह से जांच की।
सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए परिसर में सभी की आवाजाही रोक दी गई थी। हालांकि, अब तक कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली है।
10 दिन में दूसरी बार मिली धमकी
चौंकाने वाली बात यह है कि पीपुल्स यूनिवर्सिटी को पिछले 10 दिनों में दूसरी बार धमकी मिली है। इससे पहले 19 फरवरी को भी एक अज्ञात शख्स ने ई-मेल भेजकर यूनिवर्सिटी को उड़ाने की धमकी दी थी।
उस वक्त भी घंटों जांच के बावजूद कुछ नहीं मिला था। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
साइबर सेल की रडार पर है आरोपी
लगातार मिल रही इन धमकियों के बाद अब भोपाल पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है। साइबर सेल की मदद से उस ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस को ट्रेस किया जा रहा है, जिससे ये धमकी भरे संदेश भेजे गए थे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह किसी की शरारत हो सकती है, लेकिन सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिशें और तेज कर दी गई हैं।
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