भोपाल की बिगड़ती हवा पर एनजीटी सख्त: सर्दी से पहले विंटर प्लान बनाने का आदेश
Sanjay Dhiman | May 27, 2026, 14:00 IST
Photograph: (the sootr)
भोपाल की बिगड़ती हवा पर एनजीटी ने सख्ती दिखाई। सर्दियों से पहले 100 दिन का विंटर एक्शन प्लान मांगा। निर्माण धूल नियंत्रण, कचरा जलाने पर रोक और रोजाना मॉनीटरिंग कमेटी बनाने के निर्देश दिए।
राजधानी भोपाल की हवा लगातार खराब होती जा रही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स(AQI) कई बार 336 तक पहुंच गया। एनजीटी ने मध्यप्रदेश सरकार और भोपाल नगर निगम को चेतावनी दी है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि सर्दियों से पहले तैयार नहीं हुए तो हालात खतरनाक होंगे। विशेषज्ञों ने पीएम 2.5 और धूल के महीन कणों को स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया।
एनजीटी ने निर्देश दिए हैं कि शहर में 100 दिन का विंटर एक्शन प्लान तैयार किया जाए। इसके तहत:
एनजीटी ने कचरा, पत्तियां, बायोमास और फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने का सुझाव दिया है। अलाव और लकड़ी-कोयले वाले तंदूर को सीमित या बंद करने की सिफारिश की गई है। इसके स्थान पर एलपीजी और इलेक्ट्रिक हीटर को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
निर्माण और विध्वंस कार्यों से उड़ने वाली धूल गंभीर समस्या बन रही है। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिए हैं:
एनजीटी ने सिर्फ योजना बनाने को पर्याप्त नहीं माना। एक्शन की रोजाना समीक्षा के लिए मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाएगी। इसके तहत सभी गतिविधियों का दैनिक मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग जरूरी होगी।
भोपाल की हवा पर नियंत्रण अब सरकार की प्राथमिकता बन चुका है। विशेषज्ञ और एनजीटी का साफ कहना है कि सर्दियों से पहले कदम नहीं उठाए तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर होगा। शहरवासियों के लिए मास्क और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल जरूरी होगा।
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100 दिन का विंटर एक्शन प्लान क्या होगा?
- भारी वाहनों की एंट्री नियंत्रित होगी।
- ट्रैफिक चौराहों पर फ्री लेफ्ट टर्न लागू होगा।
- लो-इमिशन जोन बनाए जाएंगे।
- ई-रिक्शा, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
- निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य होगा।
कचरा जलाने और अलाव पर नियंत्रण
निर्माण और धूल का प्रबंधन
- सभी निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट का उपयोग अनिवार्य।
- नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना।
- शिकायतों के लिए हेल्पलाइन शुरू।
- निगम को मशीनीकृत सफाई और वाटर जेट मशीन से फुटपाथ-डिवाइडर धुलाई करनी होगी।
रोजाना मॉनीटरिंग कमेटी
निष्कर्ष
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