भोपाल की अरेरा कॉलोनी की शांति निगल रहा कमर्शियल कारोबार, घर हुए गायब, हर गली बनी बाजार

Sanjay Sharma | Jul 02, 2026, 12:05 IST
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भोपाल की अरेरा कॉलोनी की शांति निगल रहा कमर्शियल कारोबार
भोपाल की अरेरा कॉलोनी की शांति निगल रहा कमर्शियल कारोबार

राजधानी भोपाल की सबसे पॉश अरेरा कॉलोनी अब धीरे-धीरे बाजार में बदलती जा रही है। कभी यहां शांति और सुकून हुआ करता था, लेकिन अब दुकानों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और दूसरे कारोबारी कामों का शोर बढ़ गया है।

हैरानी की बात यह है कि इस बदलाव में वही लोग आगे हैं, जिनके लिए यह कॉलोनी बसाई गई थी। इनमें बड़े व्यापारी, अफसर और राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोग शामिल हैं।

अरेरा कॉलोनी के E-1 से E-5 इलाके तक रोक के बावजूद तेजी से कमर्शियल बिल्डिंगें बन रही हैं। घरों को दुकान, कैफे, रेस्तरां और दूसरे कारोबारों में बदला जा रहा है।

मामला प्रभावशाली लोगों से जुड़ा है। इसी कारण नगर एवं ग्राम निवेश और नगर निगम जैसी जिम्मेदार संस्थाएं भी चुप हैं। प्रशासन की कार्रवाई भी सिर्फ नोटिस भेजने और जांच के आदेश देने तक सीमित है।

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पावरफुल लोगों की कमजोर होती कॉलोनी

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि अरेरा कॉलोनी कैसे बसी और समय के साथ कैसे बदली। इसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। धीरे-धीरे यह भोपाल की पहली और सबसे बड़ी पॉश कॉलोनी बन गई।

प्रदेश के बड़े नेता, वरिष्ठ अफसर और प्रमुख कारोबारी यहां रहने लगे। इसी वजह से अरेरा कॉलोनी को राजधानी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की सबसे प्रभावशाली टाउनशिप माना जाने लगा।

यहां रहने वाले लोगों की जरूरतों को देखते हुए कॉलोनी की प्लानिंग खास तरीके से की गई। चौड़ी सड़कें, फुटपाथ, पार्क, खुली जगह और साफ-सुथरा माहौल इसकी पहचान बने।

इसी योजना के तहत मध्य प्रदेश को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी बनाई गई। यह भोपाल की पहली हाउसिंग सोसाइटी थी।

कॉलोनी का नाम पास की अरेरा पहाड़ी के नाम पर रखा गया। लंबे समय तक अरेरा कॉलोनी भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की सबसे शांत और हरी-भरी कॉलोनियों में गिनी जाती रही।

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शांत-स्वच्छ कॉलोनी को लगा मार्केट का ग्रहण

कभी अरेरा कॉलोनी अपनी शांति, सफाई और खूबसूरती के लिए जानी जाती थी। अब धीरे-धीरे यहां का सुकून खत्म होता जा रहा है।

पिछले करीब दो दशकों में कॉलोनी में कारोबारी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। जगह-जगह नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। बहुमंजिला इमारतों में होटल, बार और रेस्तरां खुल रहे हैं।

दुकानों की बढ़ती कतारों के बीच पुराने घर नजर आने बंद हो गए हैं। इसका सीधा असर यहां रहने वाले लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।

रहवासी लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। परेशान होकर लोगों को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।

सरकारी एजेंसियों के ढीले रवैये के कारण अदालत में भी मामले आगे नहीं बढ़ रहे। हर सुनवाई के बाद केवल नई तारीख मिल रही है।

E-1&2: प्लॉट रेसिडेंशियल, यूज कमर्शियल

अरेरा कॉलोनी को बाजार में बदलने वालों की सूची काफी लंबी है। इसमें सत्ता पक्ष, विपक्ष, बड़े अफसर और कारोबारी सभी शामिल हैं।

E-1 एक्सटेंशन से लेकर E-5 तक कई भूखंड और मकान घरेलू उपयोग के नाम पर लिए गए। अब इनका खुले तौर पर व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है।

E-1 के मकान नंबर 58 में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान लोटस चल रही है। E-2 के मकान नंबर 56 में फैब इंडिया और 59 में माय सीपीई वन संचालित है।

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मकान नंबर 60 में 7-स्टेट्स, भूतानी और इलाहाबाद बैंक चल रहे हैं। भूखंड नंबर 62 पर नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है।

मकान नंबर 65 में पॉपिन और सिडबी के दफ्तर हैं। मकान नंबर 66 में अग्रवाल आई हॉस्पिटल चल रहा है।

मकान नंबर 67 में टैन कॉफी और 68 के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अंबिका है। मकान नंबर 69 में अमाडो और 71 में चॉपस्टिक्स संचालित है।

मकान नंबर 104 पर भी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण जारी है। इसी इलाके के भूखंड नंबर 111 पर निजी बैंक कोटक की शाखा चल रही है।

E-3: घर से ज्यादा बैंक, बुटीक, होटल

अरेरा कॉलोनी के E-3 एक्सटेंशन में भी कई आवासीय भूखंड अब कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदल चुके हैं। यहां मकानों में दुकानें, बैंक, क्लीनिक, शोरूम, कैफे और रेस्तरां चल रहे हैं।

मकान नंबर 15 में कारोबारी गतिविधियां चल रही हैं। मकान नंबर 41 के कॉम्प्लेक्स में द टेन, शिल्पांगल और मोनिका संचालित हैं।

मकान नंबर 50 को 104 से जोड़कर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। नंबर 52 पर स्पाइकर और 53 में परपल एंड सॉल्ट कैंटाबिल चल रहा है।

मकान नंबर 55 में केपीएमके, 59 पर ब्लूस्टोन और लश हैं। मकान नंबर 62 में पीहरवा बुटीक और 68 में चाय-कापी नाम की कॉफी शॉप चल रही है।

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मकान नंबर 69 और 70 पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बन रहे हैं। नंबर 75 पर भी कारोबारी गतिविधियां चल रही हैं। मकान नंबर 76 में यूनियन बैंक की शाखा है।

मकान नंबर 105 पर व्यावसायिक भवन का निर्माण जारी है। मकान नंबर 118 पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना हुआ है। वहीं, 119 नंबर में टाइटेनियम स्माइल्स नाम का डेंटल क्लीनिक चल रहा है।

मकान नंबर 157 और 168 भी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदल चुके हैं। नंबर 172 में वोल्गा एयर टेक्नोलॉजी का शोरूम है।

मकान नंबर 194 और 195 पर निर्माण चल रहा है। नंबर 232 में कुमार टेलर एंड शॉप खुल चुकी है।

मकान नंबर 241 में ह्यूमन नेस्ट नाम से कॉफी शॉप और रेस्तरां चल रहा है। नंबर 242 भी व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स है।

मकान नंबर 282 में द डेकोर नाम की इंटीरियर और फर्नीचर शॉप है। वहीं, मकान नंबर 296 में होटल जे सन्स संचालित है।

E-4: KFC, क्रोमा और कैफे पर जमघट

अरेरा कॉलोनी का E-4 एक्सटेंशन भी तेजी से बाजार में बदल रहा है। यहां कई आवासीय भूखंडों पर दुकानें, बैंक, होटल, कैफे, अस्पताल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स चल रहे हैं।

भूखंड नंबर 1 पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बन रहा है। नंबर 14 में एक बिल्डर फर्म का ऑफिस है। नंबर 21 में शराब दुकान चल रही है।

भूखंड नंबर 25 और 26 पर व्यावसायिक भवनों का निर्माण जारी है। नंबर 30 के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में मंजीत कलेक्शन नाम से वेडिंग, फैशन और लाइफस्टाइल शॉप चल रही है। नंबर 31 भी कमर्शियल बिल्डिंग है।

भूखंड नंबर 32 में केएफसी, स्टारबक्स और मॉलिक्यूल बार-रेस्तरां खुले हैं। इस भूखंड पर स्पेशल श्रेणी में भवन निर्माण की अनुमति दी गई है।

नंबर 57 पर आरबीएल बैंक और 61 में होटल ऑर्किड इन चल रहा है। नंबर 66 में एक्सिस बैंक की शाखा है। नंबर 68 में ब्रूजो कैफे खुला है।

भूखंड नंबर 70 में चाय लीला रेस्तरां चल रहा है। इस जगह पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है।

नंबर 79 पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स है। नंबर 85 में ऑलिवर होटल और 86 में ट्रूफिट एंड हिल सैलून चल रहा है।

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भूखंड नंबर 89 पर विराट इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम है। नंबर 90 में भी दुकान चल रही है। नंबर 92, 97 और 115 पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण जारी है।

भूखंड नंबर 99 पर जेडब्लू गारमेंट शोरूम है। नंबर 108 में टेंडर केयर हॉस्पिटल और 118 में अजवानी आई हॉस्पिटल खुल गया है।

नंबर 150 पर आभूषण ज्वेलरी शॉप और 151 पर नखराली बुटीक है। नंबर 153 पर क्रोमा इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम चल रहा है।

नंबर 160 में बैंक है। नंबर 178 पर समीर मोबाइल शॉप और हेयर-स्किन शॉप चल रही है। नंबर 183 में हाहा टाउन कैफे खुला है।

भूखंड नंबर 242, 246 और 382 पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बने हुए हैं। वहीं, नंबर 283 पर स्टूडियो रेनेसा संचालित हो रहा है।

E-5 में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का जाल

अरेरा कॉलोनी का E-5 एक्सटेंशन भी अब तेजी से बाजार में बदल रहा है। यहां दुकानों, शोरूम, रेस्तरां और होटलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

भूखंड नंबर 26 पर आनंद ज्वेलर्स का ज्वेलरी शोरूम चल रहा है। 44-ए पर आइडियल नाम से फैमिली शोरूम खुला है। भूखंड नंबर 45 और 48 के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भी दुकानें और शोरूम चल रहे हैं।

इसके अलावा भी E-5 और आसपास के इलाकों में कई छोटी-बड़ी दुकानें खुल चुकी हैं। कई नई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोलने की तैयारी भी चल रही है।

कुछ साल पहले तक यहां की सड़कें खुली और शांत रहती थीं। अब उन्हीं सड़कों पर भीड़, ट्रैफिक और शोर बढ़ गया है।

हालात ऐसे हो गए हैं कि रहवासियों को अपने ही घरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। दुकानों पर आने वाले लोग घरों के सामने वाहन खड़े कर देते हैं। इससे कई मकानों के मुख्य दरवाजे ही बाजार की पार्किंग बन गए हैं।

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क्या बोल रहे जिम्मेदार

भोपाल नगर निगम के सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार का कहना है कि बिल्डिंग परमिशन से अलग किया गया कोई भी निर्माण अनधिकृत माना जाएगा। ऐसे मामलों में भवन निर्माण की अनुमति रद्द की जा सकती है और नगर निगम कार्रवाई भी कर सकता है। अरेरा कॉलोनी से जुड़ी शिकायतों पर नोटिस जारी किए गए हैं और उनकी जांच कराई जा रही है।

इन्होंने की शिकायत

अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर नियमों के खिलाफ व्यावसायिक निर्माण और इस्तेमाल को लेकर स्थानीय नागरिक विपिन बड़जात्या, राजेश मेहता, ए.के. गुप्ता, आशा हरिया, सागर श्रीवास्तव, अरविंद वर्मा, बी.एम. तिवारी, मुकेश निगम, संजय इंदुरख्या, हर्ष सिन्हा और जे.एन. वर्मा ने शिकायत की है।

इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट नगर निगम को ऐसे मामलों की जांच करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी दे चुका है।

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आवासीय भूखंड पर व्यवसायिक उपयोग की सूची। जिस पर जांच हुई थी

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