भोपाल की अरेरा कॉलोनी में विधायक-मंत्री से अफसर-व्यापारियों के कॉम्प्लेक्स-कैफे की भरमार, सिस्टम लाचार

Sanjay Sharma | Jul 03, 2026, 15:18 IST
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bhopal arera colony commercial PROJECTS
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भोपाल की अरेरा कॉलोनी प्रभावशाली लोगों की व्यावसायिकता की दौड़ में घिरकर रह गई है। प्रदेश के नामचीन नेता, प्रशासनिक अधिकारी और कारोबारी यहां भूखंड हासिल कर दुकान, कॉम्प्लेक्स, रेस्तरां और होटल-बार खोल रहे हैं।

BHOPAL. कमाई की इस रेस ने पॉश कॉलोनी को व्यस्ततम बाजार में बदल दिया है। अरेरा के कई एक्सटेंशन तो अब इतने व्यस्त हो चुके हैं कि यहां दिन में कई बार वाहनों के जाम के हालात बनते हैं। शाम होते ही E-1 से E-5 तक आवासीय इलाका बाजार में बदल जाता है।

आखिर अरेरा कॉलोनी की सुंदर सूरत को बाजार की बदसूरती में बदलने वाला कौन है?

यह सवाल न नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और प्रशासन ही नहीं बल्कि सरकार से भी है। वजह साफ है क्योंकि यही संस्थाएं कॉलोनियों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को नियंत्रित करती है। आवासीय भूखंड पर कहां कमर्शियल उपयोग हो सकता है और कहां नहीं ये भूमि विकास नियम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट तय करता है।

नियमों के लिहाज से देखें तो अरेरा कॉलोनी के पांच एक्सटेंशन व्यावसायिक गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित हैं। केवल कुछ श्रेणी के छोटी और साधारण व्यावसायिक गतिविधि के अलावा यहां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, शोरूम, रेस्तरां, होटल और दुकानें नहीं खोली जा सकतीं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। अरेरा कॉलोनी में इन प्रतिबंधों को दरकिनार कर हर महीने घर घट रहे हैं और दुकानें बढ़ रही हैं।

द सूत्र की पड़ताल में क्या मिला

अरेरा कॉलोनी के आवासीय माहौल को किसने बाजार में बदला द सूत्र ने इसकी लंबी पड़ताल की है। इसमें ऐसे लोग या परिवार सामने आए हैं जो स्वयं नियमों का पालन कराने के लिए जिम्मेदार हैं। वे स्वयं या फिर उनके परिजन नियमों को दरकिनार कर मुनाफे की दौड़ में शामिल हो गए हैं। इस प्रतिस्पर्धा के चलते अरेरा अपने पॉश कॉलोनी के रुतबे को खोती जा रही है।

द सूत्र की पड़ताल में सामने आया कि कॉलोनी के हर एक्सटेंशन में नियमों का गला घोंटा गया है। जिन पर नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी थी वे खुद ही मौन साधे रहे।

इस पड़ताल में सबसे पहला नाम प्रदेश के खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के परिवार का है। मंत्री के बड़े भाई विवेक सारंग और उनके पुत्र-पुत्री के नाम पर अरेरा कॉलोनी के E-2 में 67 नंबर का भूखंड दर्ज है। यह भूखंड आवासीय उपयोग का है, लेकिन यहां टैन कैफे रेस्तरां चल रहा है। मंत्री के भाई ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और नगर निगम की भवन अनुज्ञा का पालन नहीं कर रहे हैं।

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पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी अछूते नहीं

मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और उनकी पत्नी गायत्री मिश्रा की बिल्डिंग एक्सटेंशन E-3 में भूखंड नंबर 70 पर निर्माणाधीन है। यह भूखंड भी आवासीय है और निर्माण के लिए भी आवासीय उपयोग दर्शा कर अनुमति ली गई है। निर्माण कई साल से अधूरा होने की वजह से यहां पर किसी प्रकार की आवासीय या व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं है।

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जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट लिमिटेड (जयश्री गायत्री फूड फैक्टरी) के मालिक किशन मोदी लंबे समय से ईडी की जांच से घिरे हैं। कुछ महीने पहले ही 10 नंबर मार्केट के नजदीक E-3 में 41 नंबर आवासीय भूखंड नंबर पर उनका शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हुआ है। तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स में दुकान और बुटीक भी खुल गए हैं। नक्शा पास कराने से लेकर भवन निर्माण तक अनुमतियां का उल्लंघन किया गया है। वहीं साढ़े 10 नंबर स्टॉप चौराहे पर दो साल तक भवन का निर्माण होता रहा लेकिन नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और जिला प्रशासन को भी ये खामियां नजर नहीं आईं।

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भोपाल की प्रमुख ज्वेलर्स कारोबारी भी आवासीय भूखंड का व्यावसायिक उपयोग (भोपाल न्यूज) कर रहे हैं। आभूषण के कारोबार से जुड़ी फर्म जौहरी बंधु के भारतभूषण और बृज भूषण जौहरी ने अरेरा कॉलोनी के E-3 एक्सटेंशन में भूखंड नंबर 52 पर आवासीय उपयोग का हवाला देकर भवन निर्माण की अनुमति हासिल की थी। पांच साल पहले ली गई अनुमति वाली जगह पर अब शॉपिंग कॉम्प्लेक्स खड़ा है।

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रियल एस्टेट फर्म फॉर्च्यून बिल्डर्स के मालिक अजय मोहगांवकर और उनकी पत्नी नीता मोहगांवकर ने भी अरेरा कॉलोनी के E-4 स्थित भूखंड नंबर 99 पर भवन निर्माण की अनुमति भोपाल नगर निगम से ली थी। यह बिल्डिंग आवासीय उपयोग में लाई जानी थी। लेकिन अब अरेरा कॉलोनी के E-4 एक्सटेंशन में खड़ी इस इस बिल्डिंग का कमर्शियल उपयोग हो रहा है। इसके तीन फ्लोर पर तीन प्रतिष्ठान संचालित हैं।

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शिवा कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक परमजीत सिंह चंडोक ने E-4 में भूखंड नंबर 153 पर तीन मंजिला भवन बनाया है। इसके लिए भोपाल नगर निगम से आवासीय उपयोग के नाम पर निर्माण की अनुमति हासिल की गई। अनुमति मिलने के बाद भवन का निर्माण करने के साथ ही इसका व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया गया। अब इस भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स होम अप्लायंसेस शोरूम क्रोमा चल रहा है।

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क्या बोल रहे जिम्मेदार

भोपाल नगर निगम के सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार का कहना है कि बिल्डिंग परमिशन से अलग किया गया कोई भी निर्माण अनधिकृत माना जाएगा। ऐसे मामलों में भवन निर्माण की अनुमति रद्द की जा सकती है और नगर निगम कार्रवाई भी कर सकता है। अरेरा कॉलोनी से जुड़ी शिकायतों पर नोटिस जारी किए गए हैं और उनकी जांच कराई जा रही है।

इन्होंने की शिकायत

अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर नियमों के खिलाफ व्यावसायिक निर्माण और इस्तेमाल को लेकर स्थानीय नागरिक विपिन बड़जात्या, राजेश मेहता, ए.के. गुप्ता, आशा हरिया, सागर श्रीवास्तव, अरविंद वर्मा, बी.एम. तिवारी, मुकेश निगम, संजय इंदुरख्या, हर्ष सिन्हा और जे.एन. वर्मा ने शिकायत की है।

इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट नगर निगम को ऐसे मामलों की जांच करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी दे चुका है।

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