भाजपा नेता सुरेंद्र कुशवाह का हत्यारा निकला पुराना दोस्त
Pratibha ranaa | May 22, 2024, 08:51 IST
Bjp Leader Surendra Kushwaha
17 मई की शाम 5.30 बजे विकास वर्मा निवासी टीटी नगर अपने दोस्ट ईशू खरे, सुरेंद्र कुशवाह के साथ ईशू खरे के भाई सतीश खरे को केंद्रीय जेल छोड़ने आए थे। सेंट्रल जेल के सामने कुछ लोगों ने हथियारों से ईशू और सुरेंद्र पर हमला कर दिया था।
सेंट्रल जेल के सामने सुरेंद्र कुशवाहा की हत्या के मामले में फरार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को इलाके में घुमाया। मामले में एसआईटी भी गठित की गई थी। पुलिस ने आरोपी राघवेंद्र उर्फ छोटू पिता श्यामलाल सेन निवासी भीम नगर अरेरा हिल्स, फैजल खान पिता मो. अशफाक निवासी हसनाथ नगर, दीपांशु उर्फ तन्नू पिता शशांक सेन निवासी पंचशील नगर, राज पिता अनिल सोम कुंवर निवासी पंचशील नगर और अजय पिता संजय पासवान निवासी पंचशील नगर को अरेस्ट किया है। वहीं चार आरोपियों की तलाश पुलिस अभी भी कर रही है। मेडिकल के बाद सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। ( Surendra Kushwaha Murder )
जानकारी के मुताबिक 17 मई शाम करीब 5.30 बजे विकास वर्मा निवासी टीटी नगर अपने दोस्त ईशू खरे, सुरेंद्र कुशवाह के साथ ईशू के भाई सतीश खरे (पैरोल खत्म होने पर) को केंद्रीय जेल छोड़ने आए थे। सेंट्रल जेल के सामने आरोपी संदेश नरवारे, आकाश ने अपने कुछ साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर सुरेंद्र और ईशु पर हमला कर दिया था। इसमें सुरेंद्र और ईशु गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन सुरेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने 302 आईपीसी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। कहा जा रहा है कि सुरेंद्र की हत्या उसी के दोस्त छोटू ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर प्लानिंग कर की थी। दोनों में कुछ दिनों से किसी बाद पर विवाद चल रहा था। इसके चले छोटू ने भाजपा नेता की हत्या कर दी।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र और रावेंद्र उर्फ छोटू पहले अच्छे दोस्त थे। किसी बात पर हुई विवाद में सुरेंद्र ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद उनकी दोस्ती टूट गई थी। इस बीच 16 मई को सुरेंद्र के दोस्त सुन्नू उर्फ रितिक इंगले पर सिंधु भवन के बाहर हमला हुआ। पुलिस ने रितिक की शिकायत पर रावेंद्र सेन उर्फ छोटू, संदेश नरवडे, लीली उर्फ दीपांशु सेन, छोटा फैजल, रानू और सोलंकी के खिलाफ धारा 294, 323, 324, 506, 34 का केस दर्ज किया था। छोटू को संदेह था कि सुरेंद्र के कहने पर ही रितिक ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद ही सुरेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई थी। सुरेंद्र पर किए गए हमले में तंजील और भूरा हड्डी भी शामिल थे।
वहीं सुरेंद्र कुशवाहा की हत्या के बाद गुस्साएं परिजनों ने लिंक रोड-2 पर घंटों चक्काजाम किया था। सुरेंद्र का शव रखकर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान सुरेंद्र की मां माला बेटे के शव से लिपटकर रोते हुए कहने लगी कि बेटा उठ जा, मैने क्या कसर छोड़ी जो तू क्यों इतना दूर चला गया। मेरा इकलौता सहारा तो तू ही था। मैं तेरे बगैर कैसे जी सकूंगी। उठ मेरे लाल...तू कुछ बोलता क्यों नहीं। वहीं सुरेंद्र हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शियों के अलावा मृतक के परिजनों के भी बयान दर्ज किए गए हैं।
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क्या था पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक 17 मई शाम करीब 5.30 बजे विकास वर्मा निवासी टीटी नगर अपने दोस्त ईशू खरे, सुरेंद्र कुशवाह के साथ ईशू के भाई सतीश खरे (पैरोल खत्म होने पर) को केंद्रीय जेल छोड़ने आए थे। सेंट्रल जेल के सामने आरोपी संदेश नरवारे, आकाश ने अपने कुछ साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर सुरेंद्र और ईशु पर हमला कर दिया था। इसमें सुरेंद्र और ईशु गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन सुरेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने 302 आईपीसी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। कहा जा रहा है कि सुरेंद्र की हत्या उसी के दोस्त छोटू ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर प्लानिंग कर की थी। दोनों में कुछ दिनों से किसी बाद पर विवाद चल रहा था। इसके चले छोटू ने भाजपा नेता की हत्या कर दी।
ऐसे हुई विवाद की शुरुआत...
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र और रावेंद्र उर्फ छोटू पहले अच्छे दोस्त थे। किसी बात पर हुई विवाद में सुरेंद्र ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद उनकी दोस्ती टूट गई थी। इस बीच 16 मई को सुरेंद्र के दोस्त सुन्नू उर्फ रितिक इंगले पर सिंधु भवन के बाहर हमला हुआ। पुलिस ने रितिक की शिकायत पर रावेंद्र सेन उर्फ छोटू, संदेश नरवडे, लीली उर्फ दीपांशु सेन, छोटा फैजल, रानू और सोलंकी के खिलाफ धारा 294, 323, 324, 506, 34 का केस दर्ज किया था। छोटू को संदेह था कि सुरेंद्र के कहने पर ही रितिक ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद ही सुरेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई थी। सुरेंद्र पर किए गए हमले में तंजील और भूरा हड्डी भी शामिल थे।
गुस्साएं परिजनों ने किया चक्काजाम
वहीं सुरेंद्र कुशवाहा की हत्या के बाद गुस्साएं परिजनों ने लिंक रोड-2 पर घंटों चक्काजाम किया था। सुरेंद्र का शव रखकर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान सुरेंद्र की मां माला बेटे के शव से लिपटकर रोते हुए कहने लगी कि बेटा उठ जा, मैने क्या कसर छोड़ी जो तू क्यों इतना दूर चला गया। मेरा इकलौता सहारा तो तू ही था। मैं तेरे बगैर कैसे जी सकूंगी। उठ मेरे लाल...तू कुछ बोलता क्यों नहीं। वहीं सुरेंद्र हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शियों के अलावा मृतक के परिजनों के भी बयान दर्ज किए गए हैं।
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