सीएम मोहन यादव का प्लान, भोपाल में बनेगा देश का पहला इंटीग्रेटेड स्पोर्टस साइंस सेंटर, 25 करोड़ आएगी लागत
Sanjay Dhiman | Aug 24, 2025, 13:23 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग का नया केंद्र स्थापित किया जा रहा है। नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर का निर्माण होगा।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जल्द ही देश का पहला इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर बनने जा रहा है। यह केंद्र नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। इस सेंटर का उद्देश्य खिलाड़ियों को वैज्ञानिक शोध, नवीनतम तकनीक और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) की पहल पर इस सेंटर की स्थापना की जा रही है। डॉ. यादव का मानना है कि आज के युग में खिलाड़ियों के लिए केवल पारंपरिक प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है अब खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की जरूरत है। इसके साथ ही वैज्ञानिक पद्धतियों, शोध आधारित ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीकों का प्रयोग आवश्यक हो गया है।
खेल विशेषज्ञों के अनुसार, खिलाड़ी अपनी मानसिक स्थिति, शारीरिक चोटों या तकनीकी खामियों के कारण अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते। अब खेल के क्षेत्र में केवल शारीरिक प्रशिक्षण और कौशल पर निर्भरता नहीं रही। पोषण (Nutrition), मनोविज्ञान (Psychology) और बॉयोमेकेनिक्स (Biomechanics) जैसे पहलू भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गए हैं।
भोपाल में बन रहे इस इंटीग्रेटेड स्पोर्टस साइंस सेंटर में खिलाड़ियों को प्रत्येक स्तर पर समर्थन मिलेगा। यह सेंटर एक ऐसे हाई-परफॉर्मेंस हब के रूप में कार्य करेगा, जहां खिलाड़ी अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता को अधिकतम स्तर पर पहुंचाने के लिए विभिन्न वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का पालन कर सकेंगे।
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यह केंद्र कई उच्च तकनीक सुविधाओं से लैस होगा, जो खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाएगा। इन सुविधाओं में शामिल हैं:
यह लैब VO2 मैक्स टेस्टिंग, बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता का आंकलन करेगी।
इसमें मोशन कैप्चर, गेट एनालिसिस और फोर्स प्लेट टेस्टिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जो खिलाड़ियों के मूवमेंट पैटर्न को सुधारने में मदद करेंगी।
यह इकाई मानसिक दृढ़ता, तनाव, चिंता प्रबंधन जैसे पहलुओं पर काम करेगी।
यह यूनिट रक्त परीक्षण, आहार संबंधी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक डाइट सपोर्ट प्रदान करेगी।
यहां हाइड्रोथेरेपी, क्रायोथेरेपी और फिजियोथेरेपी जैसी रिकवरी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को जल्दी रिकवरी में मदद मिलेगी। भोपाल में स्पोर्ट्स सिटी
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इस केंद्र से मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेलों जैसे ओलंपिक, एशियाई खेल और अन्य प्रतियोगिताओं में भी नई पहचान मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केंद्र भोपाल को राष्ट्रीय खेल विज्ञान हब बनाने में सहायक होगा और भारत को एक वैश्विक खेल शक्ति बनने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगा। -
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मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) की पहल पर इस सेंटर की स्थापना की जा रही है। डॉ. यादव का मानना है कि आज के युग में खिलाड़ियों के लिए केवल पारंपरिक प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है अब खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की जरूरत है। इसके साथ ही वैज्ञानिक पद्धतियों, शोध आधारित ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीकों का प्रयोग आवश्यक हो गया है।
खिलाड़ियों के लिए यह सेंटर क्यों महत्वपूर्ण है
भोपाल में बन रहे इस इंटीग्रेटेड स्पोर्टस साइंस सेंटर में खिलाड़ियों को प्रत्येक स्तर पर समर्थन मिलेगा। यह सेंटर एक ऐसे हाई-परफॉर्मेंस हब के रूप में कार्य करेगा, जहां खिलाड़ी अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता को अधिकतम स्तर पर पहुंचाने के लिए विभिन्न वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का पालन कर सकेंगे।
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इस केंद्र की मुख्य सुविधाएं
1. फिजियोलॉजी लैब (Physiology Lab)
2. बॉयोमेकेनिक्स लैब (Biomechanics Lab)
3. मनोविज्ञान इकाई (Psychology Unit)
4. पोषण एवं बॉयोकेमिस्ट्री यूनिट (Nutrition & Biochemistry Unit)
5. रिकवरी सूट (Recovery Suite)
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खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण स्पोटर्स सेंटर के महत्व को ऐसे समझेंपहला इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स साइंस सेंटर: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 25 करोड़ रुपए की लागत से देश का पहला इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है।उन्नत सुविधाएं: सेंटर में फिजियोलॉजी लैब, बॉयोमेकेनिक्स लैब, मनोविज्ञान इकाई, पोषण यूनिट और रिकवरी सूट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। खिलाड़ियों को मिलेगा संपूर्ण प्रशिक्षण: सेंटर खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, मानसिक दृढ़ता, शारीरिक क्षमता और पोषण के आधार पर व्यक्तिगत ट्रेनिंग देगा। अंतरराष्ट्रीय सफलता में मदद: यह केंद्र खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने के लिए उच्च-स्तरीय ट्रेनिंग प्रदान करेगा। राज्य को मिलेगा वैश्विक पहचान: इस पहल से भोपाल को राष्ट्रीय स्पोर्ट्स साइंस हब बनाने और भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। |
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बढ़ेगा प्रदर्शन
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