भोपाल के सरकारी दफ्तरों में दौड़ेंगी 2500 ई-कारें, बनेंगे 80 नए चार्जिंग स्टेशन
Anjali Dwivedi | May 25, 2026, 17:49 IST
government-offices-electric-vehicles-fleet
भोपाल के सरकारी दफ्तरों से अब डीजल और पेट्रोल गाड़ियां पूरी तरह हट जाएंगी। प्रदूषण कम करने के लिए भोपाल स्मार्ट सिटी 2500 इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा तैयार कर रहा है। विभागों को अब सीधे किराए पर चमचमाती इलेक्ट्रिक कारें मिलेंगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल के सरकारी दफ्तरों में पेट्रोल-डीजल की गाड़ियां बंद होने जा रही हैं।
- प्रदूषण को रोकने के लिए अब सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा।
- भोपाल स्मार्ट सिटी इसके लिए 2500 इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़ा बेड़ा बनाएगा।
- सरकारी विभागों को अब टेंडर के लंबे कागजी झंझटों से आजादी मिल जाएगी।
- शहर भर में गाड़ियों को चार्ज करने के लिए नए स्टेशन भी बनेंगे।
सरकारी परिवहन को पूरी तरह हाईटेक और साफ-सुथरा बनाया जाएगा। अब अफसरों के सफर के लिए सिर्फ बिजली से चलने वाली गाड़ियां मिलेंगी।
नई व्हीकल नीति के तहत क्या तैयारी है?
इसके तहत लगभग 2500 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का एक बड़ा बेड़ा बनेगा। यह सभी गाड़ियों का एक सेंट्रलाइज्ड यानी इकट्ठा किया गया ग्रुप होगा। जरूरत के हिसाब से ये सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियां अलग-अलग विभागों को सौंपी जाएंगी।
विभागों को टेंडर के झंझट से राहत मिलेगी
कम गाड़ियों के टेंडर में प्राइवेट कंपनियां भी ज्यादा दिलचस्पी नहीं लेती थीं। लेकिन अब विभागों को इस जटिल और उबाऊ काम से पूरी राहत मिल जाएगी। नई व्यवस्था लागू होते ही अफसरों का काम बेहद आसान हो जाएगा।
गाड़ियां मिलने का नया मॉडल क्या होगा?
यह पूरा काम एक बहुत ही सरल लीज मॉडल पर किया जाएगा। स्मार्ट सिटी खुद प्राइवेट कंपनियों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों से तालमेल बनाए रखेगा। इससे सरकारी पैसे और समय दोनों की बड़ी बचत होने वाली है।
चार्जिंग के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है?
इससे गाड़ियों को चार्ज करने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी। योजना के तहत शहर के प्रमुख प्रशासनिक इलाकों में काम शुरू होगा। इसके साथ ही बड़े व्यावसायिक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है।
शहर में कितने चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे?
आम लोग भी भविष्य में इस बड़े नेटवर्क का लाभ ले सकेंगे। इस कदम से शहर के लोगों में भी इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने का भरोसा बढ़ेगा। भोपाल को एक ग्रीन और क्लीन सिटी बनाने की यह बड़ी शुरुआत है।
स्मार्ट सिटी का पुराना रिकॉर्ड कैसा रहा है?
इसी पुराने और अच्छे अनुभव को अब पूरे शहर में फैलाया जा रहा है। जब सरकारी ऑफिसों से धुआं छोड़ने वाली पुरानी गाड़ियां बाहर हो जाएंगी। तब भोपाल की हवा पहले से कहीं ज्यादा साफ और शुद्ध हो जाएगी।
FAQ
- भोपाल स्मार्ट सिटी की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल योजना क्या है?
इस योजना के तहत भोपाल के सरकारी दफ्तरों से पेट्रोल और डीजल के वाहनों को हटाकर उनके स्थान पर 2500 इलेक्ट्रिक वाहनों का एक केंद्रीकृत बेड़ा तैयार किया जाएगा। भोपाल स्मार्ट सिटी खुद वाहन प्रदाता की भूमिका निभाएगा और सरकारी विभागों को तय दरों पर लीज मॉडल पर ये गाड़ियां सीधे उपलब्ध कराएगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान से बदलेगी एमपी की सूरत, गंगा दशहरा पर सीएम ने जनता से की खास अपील
हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली बार भोजशाला पहुंचे सीएम मोहन यादव
MP में पेट्रोल 115 रुपए प्रति लीटर, डीजल ₹100 पार, जानिए आपके जिले में क्या है दाम
मुख्य सचिव की हाईलेवल बैठकों से बुझेगी प्यास या फिर दोहराएगा दूषित पानी का संकट ?
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari