भोपाल में निवेशकों से धोखाधड़ी कर रही क्रेडिट सोसाइटी, EOW ने दर्ज किया कंपनियों पर केस
Sanjay Sharma | Feb 20, 2026, 20:02 IST
bhopal investor fraud
भोपाल में दो क्रेडिट सोसाइटियों पर EOW ने केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कंपनियों ने रिटर्न का वादा किया था। मैच्योरिटी के बावजूद धन की वापसी नहीं की गई।
News in Short
- निवेशकों ने की थी स्वामी विवेकानंद और लस्टीनेस सोसाइटी की धोखाधड़ी की शिकायत।
- दोनों ही सोसाइटियां धन जमा कराने के बाद मैच्योरिटी की अवधि के बावजूद राशि नहीं लौटा रही थी।
- EOW ने जांच के बाद दोनों कंपनियों पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
- मप्र. निक्षेपकों की सुरक्षा अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है मामला।
- निवेश के लिए दोनों ही सोसाइटियां आरबीआई के प्रावधानों की कर रही थीं अनदेखी।
News in Detail
जांच में सामने आए तथ्यों में दोनों ही सोसाइटी बैंक की तर्ज पर काम करती पाई गई। उनके द्वारा निवेशकों को फिक्स डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट के नाम पर निवेश करने का झांसा दिया जा रहा था। दोनों ही सोसाइटियों द्वारा कई निवेशकों को अवधि पूरी होने के बावजूद धन की वापिसी भी नहीं की जा रही थी।
शिकायतकर्ता सौरभ गुप्ता का कहना है 11 अगस्त 2020 को स्वामी विवेकानंद मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसाइटी की आनंद नगर शाखा में 1,000 रुपए जमा किए थे। उन्हें 2,000 रुपए मिलने थे लेकिन सोसाइटी मैच्योरिटी की अवधि आने से पहले ही कार्यालय बंद कर गायब हो गई। उन्होंने कई बार संपर्क किया लेकिन रुपए वापस नहीं लौटाए गए। कमलेश खरया और रामेश्वर प्रसाद साहू ने लस्टीनेस जनहित क्रेडिट सोसाइटी में भारी निवेश किया था।
कमलेश खरया ने पत्नी, मां और पुत्र के नाम से भी राशि जमा कराई थी। उनके द्वारा 31 जनवरी 2022 को 30,000 रुपए की एफडी की गई। मैच्योरिटी के दौरान उन्हें 42,714 रुपए वापस मिलने थे। था। रामेश्वर प्रसाद साहू ने अपने पुत्र के नाम से 2,000 रुपए मासिक की आरडी ली थी। इसके तहत उन्होंने 36 माह तक 72,000 जमा किए जिसके बदले उन्हें 88,236 रुपए का भुगतान नहीं किया गया।
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जानें कैसे हुआ धोखाधड़ी पर एक्शन
2 .म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
3. अधिकारियों ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की है। आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
4. निवेशक चाहते हैं कि सोसाईटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। वे चाहते हैं कि उनकी राशि वापस की जाए।
निवेश करते वक्त बरतें ये सावधानियां
2. फिक्स्ड डिपोजिट और रिकरिंग डिपोजिट सर्टिफिकेट की जानकारी लें।
3. वादा किए गए रिटर्न और परिपक्वता अवधि समझें।
4. अन्य निवेशकों से सोसाइटी के बारे में जानें।
5. वह राशि निवेश करें, जो खोने पर आपको फर्क न पड़े।
6. निवेश से पहले शर्तें पढ़कर समझें।
7. असामान्य रिटर्न का वादा करने वाली सोसाइटी से बचें।
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