भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट : कब्रिस्तान के नीचे से निकलेगी ट्रेन, मुस्लिम समुदाय का विरोध
Sanjay Dhiman | May 09, 2026, 18:56 IST
Photograph: (the sootr)
भोपाल के शाही कब्रिस्तान से मेट्रो प्रोजेक्ट के गुजरने को लेकर विवाद बढ़ रहा है। मुस्लिम समुदाय और आम लोग इस पर विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर वक्फ ट्रिब्यूनल में कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है।
News in Short
- भोपाल के शाही कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो लाइन निकालने पर बड़ा विवाद छिड़ गया है।
- मुस्लिम समुदाय ने हजारों कब्रों के अस्तित्व पर खतरा बताते हुए भारी विरोध दर्ज किया।
- मामला अब वक्फ ट्रिब्यूनल पहुंच गया है, जहां मेट्रो प्रबंधन से जवाब मांगा गया है।
- कमेटी का दावा है कि इस प्रोजेक्ट से करीब एक एकड़ कब्रिस्तान क्षेत्र प्रभावित होगा।
- ट्रिब्यूनल में अगली सुनवाई 14 मई को होगी, तब तक प्रोजेक्ट पर संशय बना है।
News in Detail
क्या है पूरा मामला? क्यों डरे हैं लोग?
कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-आम्मा ने इस मामले को लेकर अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। उनका दावा है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग एक एकड़ का इलाका सीधा प्रभावित होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेट्रो अधिकारियों ने अब तक कोई नक्शा नहीं दिखाया है। बिना किसी तकनीकी रिपोर्ट के काम शुरू करने की तैयारी से जनता में खौफ है।
वक्फ ट्रिब्यूनल पहुंचा विवाद, सरकार से मांगा जवाब
अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 मई को होनी तय हुई है। तब तक के लिए मेट्रो के इस हिस्से के काम पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। समुदाय का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आस्था से खिलवाड़ मंजूर नहीं।
इन इलाकों पर पड़ेगा सीधा असर
कमेटी का आरोप है कि मेट्रो अधिकारियों ने सुरक्षा आकलन (Security Assessment) को जनता के बीच साझा नहीं किया। लोग पूछ रहे हैं कि क्या जमीन के नीचे होने वाली कंपन से ऊपर की जमीन सुरक्षित रहेगी? अगर किसी कब्र को नुकसान पहुंचा तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? इन्ही सवालों ने इस प्रोजेक्ट को एक राजनीतिक रंग भी दे दिया है।
मेट्रो प्रबंधन की दलील और चुनौतियां
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FAQ
- भोपाल मेट्रो का कौन सा हिस्सा विवादों में घिरा हुआ है?
भोपाल मेट्रो का ऑरेंज लाइन विस्तार, जो भोपाल टॉकीज और शाही कब्रिस्तान बड़ा बाग के नीचे से प्रस्तावित है, विवादों में है। यहां अंडरग्राउंड सुरंग बनाने की योजना का विरोध हो रहा है। - मुस्लिम समुदाय और वक्फ कमेटी को मेट्रो प्रोजेक्ट से क्या आपत्ति है?
कमेटी का कहना है कि कब्रिस्तान में हजारों पुरानी कब्रें हैं। नीचे से मेट्रो निकलने पर कंपन (vibration) से कब्रों के धंसने और धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचने का खतरा है। - क्या वक्फ ट्रिब्यूनल ने मेट्रो के काम पर रोक लगा दी है?
फिलहाल कोर्ट ने काम पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है, लेकिन मेट्रो प्रबंधन से जवाब मांगा है। 14 मई की सुनवाई के बाद ही स्थिति साफ होगी कि रूट बदलेगा या वही रहेगा।
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