भोपाल में नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण मामले में प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद, सहयोगी राबिया को 20 साल की जेल

Sumit Kumar | Oct 28, 2026, 24:09 IST
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भोपाल में नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण मामले में प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद और 77.64 लाख रुपए का जुर्माना।
भोपाल में नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण मामले में प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद और 77.64 लाख रुपए का जुर्माना।

भोपाल में नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो अदालत ने 78 साल के प्यारे मियां को अलग-अलग धाराओं में 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। इनमें 8 सजाएं ऐसी हैं, जिनमें उसे अपनी बाकी जिंदगी जेल में ही बितानी होगी। इसके अलावा उसे 2 अन्य आजीवन कारावास की सजाएं भी सुनाई गई हैं।

कोर्ट ने उस पर 77 लाख 64 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

इस मामले में प्यारे मियां की सहयोगी राबिया बी को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने फैसला सुनाते हुए अपराध को क्रूर और असहनीय बताया। कोर्ट ने तीन पीड़ित बच्चियों को 4-4 लाख रुपए देने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि उनके पुनर्वास और भविष्य में मदद मिल सके।

कोर्ट ने कहा- सुरक्षा देने की उम्र में बच्चियों के लिए डर का कारण बना

फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने प्यारे मियां के अपराध पर सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि जिस उम्र में उसे बच्चियों की देखभाल और सुरक्षा करनी चाहिए थी, उस उम्र में वह उनके लिए डर और असुरक्षा की वजह बन गया।

कोर्ट के मुताबिक, ऐसे अपराधों का असर बच्चियों के भविष्य पर पड़ता है। इससे समाज का भरोसा भी टूटता है। इस मामले में सरकार की ओर से लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने कोर्ट में पक्ष रखा।

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10 हजार रुपए की नौकरी का लालच देकर बुलाता था

अभियोजन के मुताबिक, प्यारे मियां साल 2014 से नाबालिग बच्चियों का यौन शोषण कर रहा था। वह बच्चियों को अपने घर में काम करने के बदले हर महीने 10 हजार रुपए देने का लालच देता था। इस काम में उसकी सहयोगी राबिया बी भी मदद करती थी। वह बच्चियों को प्यारे मियां के पास लेकर जाती थी।

प्यारे मियां बच्चियों से खुद को अब्बू कहलवाता था। उनके परिवारों का भरोसा जीतने के लिए वह उनके घर भी जाता था। यहां तक कि परिवार के पूजा-पाठ में भी शामिल होता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

जुलाई 2020 में ऐसे सामने आया पूरा मामला

यह मामला जुलाई 2020 में सामने आया था। उस समय भोपाल की रातीबड़ पुलिस रात में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को पांच नाबालिग बच्चियां नशे की हालत में मिली थीं। पुलिस ने बच्चियों से बातचीत की और उनकी काउंसलिंग (Counselling) कराई। इस दौरान पता चला कि उन्हें जन्मदिन मनाने के बहाने भोपाल के शाहपुरा इलाके में स्थित विष्णु हाईटेक सिटी के एक फ्लैट में बुलाया गया था।

बच्चियों ने बताया कि वहां उन्हें शराब पिलाई गई और उनके साथ यौन शोषण किया गया। इसके बाद पुलिस ने संबंधित फ्लैट पर कार्रवाई की। जांच के दौरान वहां शराब और आपत्तिजनक सामान मिला। बच्चियों की शिकायत के आधार पर प्यारे मियां सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

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फ्लैट में मिले थे हिडन कैमरे और पिस्टल

पुलिस की जांच में प्यारे मियां के फ्लैट से हिडन कैमरा (Hidden Cameras) और एक पिस्टल भी मिली थी। आरोप था कि कैमरों की मदद से बच्चियों के वीडियो बनाए जाते थे। इसके बाद उन वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।पीड़िताओं को पिस्टल दिखाकर डराने और धमकाने के आरोप भी सामने आए थे।

विदेश भागने की आशंका, श्रीनगर से हुआ था गिरफ्तार

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने प्यारे मियां की तलाश शुरू की थी। उसके विदेश भागने की आशंका भी जताई गई थी। इसी वजह से उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। जानकारी के मुताबिक, प्यारे मियां पहले आष्टा पहुंचा और वहां अपनी गाड़ी छोड़ दी। इसके बाद वह टैक्सी से इंदौर गया। इंदौर से फ्लाइट पकड़कर दिल्ली पहुंचा और फिर श्रीनगर चला गया।

पुलिस को उसके श्रीनगर में मौजूद होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उसे जुलाई 2020 में गिरफ्तार किया गया और भोपाल लाया गया।

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भोपाल में अवैध संपत्तियों पर भी हुई थी कार्रवाई

नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने प्यारे मियां की संपत्तियों की भी जांच की थी। इस दौरान भोपाल में उसकी अवैध इमारतों पर कार्रवाई की गई थी। प्रशासन ने इन इमारतों को गिरा दिया था। उसके खिलाफ दूसरे मामलों में भी कार्रवाई हुई थी।

अब इस मामले में विशेष पॉक्सो एक्ट (POCSO Court) ने प्यारे मियां को 10 बार आजीवन कारावास और उसकी सहयोगी राबिया बी को 20 साल की जेल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया है।
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