अरेरा कॉलोनी : द सूत्र की हर घर एक दुकान मुहिम का असर, मकान में दुकान चलाने वालों 30 हजार पर होगा एक्शन
Sanjay Sharma | Jul 25, 2026, 12:44 IST
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भोपाल की अरेरा कॉलोनी में मकानों के भीतर चल रहे अवैध कारोबार पर अब बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। द सूत्र ने घरों से संचालित होटल, दुकानें और शोरूम का मुद्दा लगातार उठाया था। खबरों में भवन मालिकों, बिल्डरों, नेताओं और अफसरों की भूमिका भी उजागर की गई थी।
भोपाल की अरेरा कॉलोनी से शुरू हुआ मामला अब पूरे शहर तक पहुंच गया है। रिहायशी इलाकों में मकानों के अंदर चल रहे करीब 30 हजार होटल, ढाबे, दुकानें और शोरूम अब नगर निगम के निशाने पर हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निगम को तेजी से कार्रवाई करनी पड़ रही है। निगम के पास सिर्फ छह दिन का समय है और 30 जुलाई तक शपथपत्र देना है।
इसी कार्रवाई के तहत अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और आसपास के क्षेत्रों के 429 भवन मालिकों को नोटिस दिए जा चुके हैं। द सूत्र ने घरों में चल रहे कारोबार को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। इन खबरों में भवन मालिकों, बिल्डरों, नेताओं और अफसरों के नाम भी सामने लाए गए थे।
अब 27 जुलाई से अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़िया कला और दूसरे इलाकों में चरणबद्ध तरीके से नोटिस भेजे जाएंगे। जिन लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया, उनके प्रतिष्ठान सील किए जाएंगे।
नगर निगम ने 429 भवन मालिकों और किरायेदारों को दस दिन का समय दिया है। इस दौरान कारोबार बंद नहीं किया गया तो भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई होगी। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होनी है।
गौर करने वाली बात यह है कि द सूत्र लंबे समय से रिहायशी मकानों में चल रहे कारोबार का मुद्दा उठाता रहा है। हाल ही में द सूत्र नेघर-घर दुकानमुहिम के जरिए रहवासियों की परेशानी और प्रशासन की अनदेखी को सामने रखा था।
अब नगर निगम और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर शुरू हुई कार्रवाई से द सूत्र द्वारा उठाए गए सवाल सही साबित होते दिख रहे हैं। द सूत्र ने ऐसे कई भवन मालिकों ( arera colony bhopal), नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के नाम भी उजागर किए थे, जो आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे थे।
इस कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया है कि रसूख के दम पर नियमों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। प्रभावशाली लोगों के सामने नियम कैसे कमजोर पड़ते रहे, यह भी अब सामने आ गया है।
नगर निगम के सर्वे के अनुसार पिछले चार साल में इन इलाकों में उल्लंघन 3 गुना बढ़ गया है। चार साल पहले सिर्फ 150 मामले सामने आए थे। अब यह संख्या बढ़कर 429 हो गई है। निरीक्षण में अस्पताल, नर्सिंग होम, बैंक, होटल, शोरूम, दुकानें और कार्यालय मिले हैं। सभी को जवाब मांगा गया है।
चीफ सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार ने बताया कि अरेरा कॉलोनी से 169, बावड़िया कला से 260 और रोहित नगर से 10 भवनों को नोटिस दिए गए हैं। पहले भी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले की गई है। मामला तमिलनाडु के एक केस से जुड़ा है, जिसमें रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक की मांग थी। अरेरा कॉलोनी निवासी पुणित शुक्ल ने भी इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
निगम ने 2012 के भूमि विकास नियमों के तहत कार्रवाई शुरू की है। आम तौर पर सिर्फ भवन मालिकों को नोटिस दिया जाता था। इस बार किरायेदारों को भी दायरे में लिया गया है, क्योंकि फायदा वही उठा रहे हैं।
नगर निगम भोपाल ने सभी को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस अवधि में भवन खाली नहीं करने पर निगम जबरन सीलिंग की कार्रवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मुख्य सचिव को राजधानी विशेष के संदर्भ में पालन प्रतिवेदन 4 अगस्त तक देना है। इसी दबाव में निगम ने कार्रवाई तेज की है।
इस बार निगम (Bhopal News) की कार्रवाई सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं है। बैंक, अस्पताल, नर्सिंग होम और बड़े शोरूम भी इसके दायरे में हैं। निगम ने साफ कहा है कि रिहायशी इलाकों में किसी भी तरह का कारोबार अब नहीं चलने दिया जाएगा।
इस कार्रवाई से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि अब ट्रैफिक और पार्किंग की परेशानी कम होगी। साथ ही सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों पर भी लगाम लगेगी।
इसी कार्रवाई के तहत अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और आसपास के क्षेत्रों के 429 भवन मालिकों को नोटिस दिए जा चुके हैं। द सूत्र ने घरों में चल रहे कारोबार को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। इन खबरों में भवन मालिकों, बिल्डरों, नेताओं और अफसरों के नाम भी सामने लाए गए थे।
अब 27 जुलाई से अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़िया कला और दूसरे इलाकों में चरणबद्ध तरीके से नोटिस भेजे जाएंगे। जिन लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया, उनके प्रतिष्ठान सील किए जाएंगे।
नगर निगम ने 429 भवन मालिकों और किरायेदारों को दस दिन का समय दिया है। इस दौरान कारोबार बंद नहीं किया गया तो भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई होगी। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होनी है।
द सूत्र की मुहिम पर मुहर
अब नगर निगम और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर शुरू हुई कार्रवाई से द सूत्र द्वारा उठाए गए सवाल सही साबित होते दिख रहे हैं। द सूत्र ने ऐसे कई भवन मालिकों ( arera colony bhopal), नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के नाम भी उजागर किए थे, जो आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे थे।
इस कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया है कि रसूख के दम पर नियमों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। प्रभावशाली लोगों के सामने नियम कैसे कमजोर पड़ते रहे, यह भी अब सामने आ गया है।
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4 साल में 3 गुना बढ़ा उल्लंघन
चीफ सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार ने बताया कि अरेरा कॉलोनी से 169, बावड़िया कला से 260 और रोहित नगर से 10 भवनों को नोटिस दिए गए हैं। पहले भी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
निगम ने 2012 के भूमि विकास नियमों के तहत कार्रवाई शुरू की है। आम तौर पर सिर्फ भवन मालिकों को नोटिस दिया जाता था। इस बार किरायेदारों को भी दायरे में लिया गया है, क्योंकि फायदा वही उठा रहे हैं।
10 दिन में बंद नहीं हुआ तो सीलिंग
बैंक, शोरूम, अस्पताल भी दायरे में
इस कार्रवाई से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि अब ट्रैफिक और पार्किंग की परेशानी कम होगी। साथ ही सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों पर भी लगाम लगेगी।
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