भोपाल में समग्र फर्जीवाड़ा : 25 लाख की आबादी पर 39 लाख आईडी! ऐसे खुला राज
Sourabh Bhatnagar | Jun 04, 2025, 08:45 IST
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भोपाल में 25 लाख की आबादी के लिए 39 लाख से अधिक समग्र आईडी बन चुकी हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा फर्जी हैं। ई-केवाईसी प्रक्रिया में बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं।
भोपाल (Bhopal) में समग्र आईडी (Samagra ID) को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जहां शहर की आबादी करीब 25 लाख है, वहीं समग्र आईडी की संख्या 39 लाख से अधिक पहुंच गई है। इसमें कई आईडी में पता या फोन नंबर गायब हैं, जबकि कुछ डुप्लीकेट और दूसरे शहरों की भी पाई गई हैं। यह मामला सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए जरूरी समग्र आईडी प्रणाली में गड़बड़ी का संकेत है। नगर निगम ने जब इन समग्र आईडी की ई-केवाईसी (e-KYC) कराई, तब यह गंभीर धांधली सामने आई। अब इस फर्जीवाड़े की विस्तृत जांच की जा रही है।
भोपाल नगर निगम सीमा के अंतर्गत 6 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 85 वार्ड हैं।
ई-केवाईसी के दौरान पता चला कि कई आईडी में पता और फोन नंबर नहीं हैं, जिससे सत्यापन प्रक्रिया बाधित हो रही है।
नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने पुष्टि की है कि समग्र आईडी के मामले में आधे से अधिक आईडी फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि-
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समग्र आईडी, जो कि भोपाल में सरकारी योजनाओं के लाभ लेने के लिए अनिवार्य है, प्रत्येक व्यक्ति को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान करती है। यह पहचान योजनाओं के सही वितरण और लाभार्थियों के ट्रैकिंग में मदद करती है।
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भोपाल में समग्र आईडी का फर्जीवाड़ा: तथ्य और आंकड़े
| क्षेत्र | वार्ड संख्या | समग्र आईडी की संख्या | औसत आबादी (अनुमानित) |
|---|---|---|---|
| नरेला, गोविंदपुरा, उत्तर, मध्य, दक्षिण पश्चिम, हुजूर | 85 | 39,34,118 | लगभग 25 लाख |
- कुल समग्र आईडी में से केवल 11.46 लाख की ही ई-केवाईसी पूरी हो पाई है।
- लगभग 14 लाख आईडी फर्जी और डुप्लीकेट पाई गई हैं।
- कुछ वार्डों में आबादी के मुकाबले 4 गुना ज्यादा समग्र आईडी बन चुकी हैं।
- 2012 से पहले ये आईडी ऑफलाइन बनती थीं, उस दौरान भी फर्जी आईडी का प्रचलन था।
ई-केवाईसी प्रक्रिया में समस्याएं और नगर निगम की कार्रवाई
- छह वार्ड प्रभारियों को काम में देरी के कारण हटाया गया।
- अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने सभी नगर निगमों को पत्र लिखकर डुप्लीकेट आईडी हटाने के आदेश दिए।
- नगर निगम ने जांच के लिए सभी ज़ोनल ऑफिसर्स को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
समग्र आईडी फर्जीवाड़े की जांच और आगे की योजना
- जांच अभी जारी है।
- सभी वार्डों से रिपोर्ट मांगी गई है।
- फर्जी आईडी हटाने और सही आईडी को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
समग्र आईडी फर्जीवाड़ा: भोपाल की बड़ी चुनौती
| मुख्य मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| फर्जी आईडी की संख्या | करीब 14 लाख |
| वेरिफाई की गई आईडी | 11.46 लाख |
| वार्डों में आईडी का विसंगत आंकड़ा | कुछ वार्डों में आबादी से 4 गुना ज्यादा आईडी |
| ई-केवाईसी की धीमी गति | फर्जी आईडी के कारण सत्यापन में देरी |
समग्र आईडी क्या है और क्यों जरूरी है?
- 19 तरह की सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए समग्र आईडी आवश्यक है।
- यह आईडी राज्य और नगर निगम स्तर पर लोगों की जानकारी को व्यवस्थित करती है।
- सही और पूरी जानकारी के बिना ई-केवाईसी पूरी नहीं हो पाती।
FAQ
- 1. समग्र आईडी (Samagra ID) क्या होती है और इसका महत्व क्या है?
समग्र आईडी एक यूनिक पहचान संख्या है जो नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायक होती है। यह सभी सरकारी योजनाओं में लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करती है और योजना के वितरण में पारदर्शिता लाती है। - 2. भोपाल में समग्र आईडी में फर्जीवाड़ा कैसे हुआ?
भोपाल में कई समग्र आईडी बिना सही पता या फोन नंबर के बनाई गईं, कुछ आईडी डुप्लीकेट थीं और कई दूसरे शहरों की भी मिलीं। 2012 से पहले ऑफलाइन आईडी बनाने की प्रक्रिया में भी बड़ी संख्या में फर्जी आईडी बनी थीं, जिनकी ई-केवाईसी अब मुश्किल हो रही है। - 3. समग्र आईडी फर्जीवाड़ा पकड़ने के लिए भोपाल नगर निगम ने क्या कदम उठाए हैं?
नगर निगम ने ई-केवाईसी कराई, जिससे फर्जी आईडी का पता चला। छह वार्ड प्रभारियों को हटाया गया, डुप्लीकेट आईडी हटाने के आदेश दिए गए, और सभी वार्डों से विस्तृत रिपोर्ट मंगवाई गई। जांच अभी भी जारी है।
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